मुहूर्त कैलेंडर · जयपुर
मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त
मार्च 2026 में विवाह के 8 शुभ मुहूर्त हैं: 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 मार्च। पहला मुहूर्त सोमवार, 2 मार्च 2026 को 12:19 – 17:56 है।
- जयपुर के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
मार्च 2026 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| सोमवार, 2 मार्च 2026 | 12:19 – 17:56 05:28 – 06:48 (3 मार्च) | मघा | शुक्ल चतुर्दशी (1 मार्च, 19:09 – 2 मार्च, 17:56) पूर्णिमा (2 मार्च, 17:56 – 3 मार्च, 17:07) | विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण वणिज / बव — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| मंगलवार, 3 मार्च 2026 | 06:48 – 07:31 | मघा | पूर्णिमा (2 मार्च, 17:56 – 3 मार्च, 17:07) | विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण बव — दोनों शुद्ध |
| बुधवार, 4 मार्च 2026 | 07:39 – 08:52 | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण प्रतिपदा (3 मार्च, 17:07 – 4 मार्च, 16:49) | विवाह नक्षत्र; योग धृति, करण कौलव — दोनों शुद्ध |
| शनिवार, 7 मार्च 2026 | 11:15 – 06:43 (8 मार्च) | स्वाति | कृष्ण चतुर्थी (6 मार्च, 17:53 – 7 मार्च, 19:17) कृष्ण पंचमी (7 मार्च, 19:17 – 8 मार्च, 21:11) | विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| रविवार, 8 मार्च 2026 | 06:43 – 07:04 | स्वाति | कृष्ण पंचमी (7 मार्च, 19:17 – 8 मार्च, 21:11) | विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण कौलव — दोनों शुद्ध |
| सोमवार, 9 मार्च 2026 | 16:11 – 23:27 | अनुराधा | कृष्ण षष्ठी (8 मार्च, 21:11 – 9 मार्च, 23:27) | विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण वणिज — दोनों शुद्ध |
| बुधवार, 11 मार्च 2026 | 22:00 – 06:39 (12 मार्च) | मूल | कृष्ण अष्टमी (11 मार्च, 01:54 – 12 मार्च, 04:19) कृष्ण नवमी (12 मार्च, 04:19 – 13 मार्च, 06:29) | विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| गुरुवार, 12 मार्च 2026 | 06:39 – 09:58 | मूल | कृष्ण नवमी (12 मार्च, 04:19 – 13 मार्च, 06:29) | विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण तैतिल — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
मार्च 2026 में वर्जित अवधि
- खरमास (मीन राशि में सूर्य) 15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक है
विवाह मुहूर्त के नियम
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, 09:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, 07:16) तक।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
- योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, जयपुर के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
महीनेवार विवाह मुहूर्त 2026
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।
संबंधित मुहूर्त और पंचांग पेज
सामान्य प्रश्न
क्या मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त है?
हाँ, 8 दिन: 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 मार्च।
सोमवार, 2 मार्च 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
12:19 – 17:56; 05:28 – 06:48 (3 मार्च) — जयपुर के समय अनुसार, मघा नक्षत्र में।
मार्च 2026 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?
बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को।