मार्च 2027 में विवाह मुहूर्त

मार्च 2027 में विवाह के 8 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 3, 4, 9, 10, 11 और 14 मार्च। पहला मुहूर्त सोमवार, 1 मार्च 2027 को 23:11 – 06:50 (2 मार्च) है।

  • जयपुर के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

मार्च 2027 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
सोमवार, 1 मार्च 202723:11 – 06:50 (2 मार्च)मूलकृष्ण नवमी (28 फ़रवरी, 23:46 – 2 मार्च, 02:07)
कृष्ण दशमी (2 मार्च, 02:07 – 3 मार्च, 04:44)
विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 2 मार्च 202706:50 – 15:25मूलकृष्ण दशमी (2 मार्च, 02:07 – 3 मार्च, 04:44)विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण वणिज — दोनों शुद्ध
बुधवार, 3 मार्च 202701:06 – 06:48 (4 मार्च)उत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशी (3 मार्च, 04:44 – 4 मार्च, 07:24)विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बालव — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 4 मार्च 202706:48 – 01:35 (5 मार्च)उत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशी (3 मार्च, 04:44 – 4 मार्च, 07:24)
कृष्ण द्वादशी (4 मार्च, 07:24 – 5 मार्च, 09:54)
विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण बालव / कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 9 मार्च 202709:58 – 06:42 (10 मार्च)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल प्रतिपदा (8 मार्च, 14:59 – 9 मार्च, 15:41)
शुक्ल द्वितीया (9 मार्च, 15:41 – 10 मार्च, 15:53)
विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बव / बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
बुधवार, 10 मार्च 202706:42 – 06:40 (11 मार्च)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल द्वितीया (9 मार्च, 15:41 – 10 मार्च, 15:53)
शुक्ल तृतीया (10 मार्च, 15:53 – 11 मार्च, 15:37)
विवाह नक्षत्र; योग शुक्ल / ब्रह्म, करण कौलव / तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 11 मार्च 202706:40 – 11:20रेवतीशुक्ल तृतीया (10 मार्च, 15:53 – 11 मार्च, 15:37)विवाह नक्षत्र; योग ब्रह्म, करण गरज — दोनों शुद्ध
रविवार, 14 मार्च 202717:10 – 06:36 (15 मार्च)रोहिणीशुक्ल सप्तमी (14 मार्च, 12:32 – 15 मार्च, 10:51)विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध

मार्च 2027 में वर्जित अवधि

  • खरमास (मीन राशि में सूर्य) 15 मार्च 2027 से 14 अप्रैल 2027 तक है

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, 07:35) तक।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, जयपुर के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

विवाह मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार विवाह मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या मार्च 2027 में विवाह मुहूर्त है?

हाँ, 8 दिन: 1, 2, 3, 4, 9, 10, 11 और 14 मार्च।

सोमवार, 1 मार्च 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

23:11 – 06:50 (2 मार्च) — जयपुर के समय अनुसार, मूल नक्षत्र में।

मार्च 2027 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?

रविवार, 18 अप्रैल 2027 को।