मई 2026 में विवाह मुहूर्त

मई 2026 में विवाह के 8 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 मई। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 1 मई 2026 को 10:00 – 21:13 है।

  • भोपाल के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

मई 2026 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
शुक्रवार, 1 मई 202610:00 – 21:13स्वातिपूर्णिमा (30 अप्रैल, 21:13 – 1 मई, 22:53)विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव — दोनों शुद्ध
रविवार, 3 मई 202607:10 – 22:28अनुराधाकृष्ण द्वितीया (3 मई, 00:50 – 4 मई, 03:02)विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण तैतिल / गरज — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 5 मई 202612:54 – 05:43 (6 मई)मूलकृष्ण चतुर्थी (5 मई, 05:24 – 6 मई, 07:51)विवाह नक्षत्र; योग शिव / सिद्ध, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 6 मई 202605:43 – 15:53मूलकृष्ण चतुर्थी (5 मई, 05:24 – 6 मई, 07:51)
कृष्ण पंचमी (6 मई, 07:51 – 7 मई, 10:14)
विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 7 मई 202618:45 – 05:42 (8 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण षष्ठी (7 मई, 10:14 – 8 मई, 12:22)विवाह नक्षत्र; योग साध्य / शुभ, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 8 मई 202605:42 – 12:22उत्तराषाढ़ाकृष्ण षष्ठी (7 मई, 10:14 – 8 मई, 12:22)विवाह नक्षत्र; योग शुभ, करण वणिज — दोनों शुद्ध
बुधवार, 13 मई 202620:54 – 05:39 (14 मई)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण द्वादशी (13 मई, 13:30 – 14 मई, 11:21)विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
गुरुवार, 14 मई 202605:39 – 22:34रेवतीकृष्ण द्वादशी (13 मई, 13:30 – 14 मई, 11:21)
कृष्ण त्रयोदशी (14 मई, 11:21 – 15 मई, 08:31)
विवाह नक्षत्र; योग प्रीति / आयुष्मान्, करण तैतिल / गरज / वणिज — दोनों शुद्ध

मई 2026 में वर्जित अवधि

  • अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, 09:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, 07:16) तक।
  • अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, भोपाल के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

विवाह मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार विवाह मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या मई 2026 में विवाह मुहूर्त है?

हाँ, 8 दिन: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 मई।

शुक्रवार, 1 मई 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

10:00 – 21:13 — भोपाल के समय अनुसार, स्वाति नक्षत्र में।

मई 2026 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?

शुक्रवार, 19 जून 2026 को।