जुलाई 2027 में विवाह मुहूर्त

जुलाई 2027 में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है और चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

  • भोपाल के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

जुलाई 2027 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय

शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है और चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन

ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।

तारीखग्रहसूर्य से दूरीमुहूर्त
मंगलवार, 6 जुलाई 2027शुक्र9.9° (सीमा 10°)04:03 – 05:39 (7 जुलाई)
बुधवार, 7 जुलाई 2027शुक्र9.6° (सीमा 10°)05:39 – 08:13
18:44 – 23:58
गुरुवार, 8 जुलाई 2027शुक्र9.4° (सीमा 10°)00:18 – 05:40 (9 जुलाई)
शुक्रवार, 9 जुलाई 2027शुक्र9.1° (सीमा 10°)05:40 – 18:16
रविवार, 11 जुलाई 2027शुक्र8.5° (सीमा 10°)23:05 – 05:41 (12 जुलाई)
सोमवार, 12 जुलाई 2027शुक्र8.3° (सीमा 10°)05:41 – 23:56

जुलाई 2027 में वर्जित अवधि

  • शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है
  • चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, 07:35) तक।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, भोपाल के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

विवाह मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार विवाह मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या जुलाई 2027 में विवाह मुहूर्त है?

नहीं। शुक्र 6 जुलाई 2027 से 17 सितंबर 2027 तक अस्त है और चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

जुलाई 2027 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?

बुधवार, 10 नवंबर 2027 को।

कुछ पंचांग जुलाई 2027 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?

6, 7, 8, 9, 11 और 12 जुलाई बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।

जुलाई 2027 से पहले अंतिम विवाह मुहूर्त कब था?

सोमवार, 28 जून 2027 को।