मुहूर्त कैलेंडर · सिडनी
मई 2027 में विवाह मुहूर्त
मई 2027 में विवाह के 19 शुभ मुहूर्त हैं: 4, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 30 और 31 मई। पहला मुहूर्त मंगलवार, 4 मई 2027 को 20:44 – 00:01 (5 मई) है।
- सिडनी के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
मई 2027 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| मंगलवार, 4 मई 2027 | 20:44 – 00:01 (5 मई) | रेवती | कृष्ण त्रयोदशी (4 मई, 00:34 – 5 मई, 00:01) | विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध |
| शुक्रवार, 7 मई 2027 | 04:12 – 06:34 (8 मई) | रोहिणी | शुक्ल द्वितीया (7 मई, 18:44 – 8 मई, 16:13) | विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध |
| शनिवार, 8 मई 2027 | 06:34 – 10:21 | रोहिणी | शुक्ल द्वितीया (7 मई, 18:44 – 8 मई, 16:13) | विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण कौलव — दोनों शुद्ध |
| रविवार, 9 मई 2027 | 07:07 – 00:13 (10 मई) | मृगशिरा | शुक्ल तृतीया (8 मई, 16:13 – 9 मई, 13:33) शुक्ल चतुर्थी (9 मई, 13:33 – 10 मई, 10:53) | विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| गुरुवार, 13 मई 2027 | 18:11 – 06:38 (14 मई) | मघा | शुक्ल अष्टमी (13 मई, 03:43 – 14 मई, 01:48) शुक्ल नवमी (14 मई, 01:48 – 15 मई, 00:09) | विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| शुक्रवार, 14 मई 2027 | 06:38 – 13:20 | मघा | शुक्ल नवमी (14 मई, 01:48 – 15 मई, 00:09) | विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| शनिवार, 15 मई 2027 | 16:30 – 06:40 (16 मई) | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल दशमी (15 मई, 00:09 – 15 मई, 22:48) शुक्ल एकादशी (15 मई, 22:48 – 16 मई, 21:43) | विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध |
| रविवार, 16 मई 2027 | 06:40 – 09:01 | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल एकादशी (15 मई, 22:48 – 16 मई, 21:43) | विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण वणिज — दोनों शुद्ध |
| सोमवार, 17 मई 2027 | 07:12 – 15:59 | हस्त | शुक्ल द्वादशी (16 मई, 21:43 – 17 मई, 20:58) | विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध |
| मंगलवार, 18 मई 2027 | 04:25 – 06:42 (19 मई) | स्वाति | शुक्ल चतुर्दशी (18 मई, 20:34 – 19 मई, 20:33) | विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण गरज — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| बुधवार, 19 मई 2027 | 06:42 – 16:49 | स्वाति | शुक्ल चतुर्दशी (18 मई, 20:34 – 19 मई, 20:33) | विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| गुरुवार, 20 मई 2027 | 02:56 – 06:43 (21 मई) | अनुराधा | कृष्ण प्रतिपदा (20 मई, 20:59 – 21 मई, 21:53) | विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव — दोनों शुद्ध |
| शुक्रवार, 21 मई 2027 | 06:43 – 19:21 | अनुराधा | कृष्ण प्रतिपदा (20 मई, 20:59 – 21 मई, 21:53) | विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध |
| शनिवार, 22 मई 2027 | 21:20 – 06:45 (23 मई) | मूल | कृष्ण द्वितीया (21 मई, 21:53 – 22 मई, 23:18) कृष्ण तृतीया (22 मई, 23:18 – 24 मई, 01:12) | विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध |
| रविवार, 23 मई 2027 | 06:45 – 12:12 | मूल | कृष्ण तृतीया (22 मई, 23:18 – 24 मई, 01:12) | विवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण वणिज — दोनों शुद्ध |
| सोमवार, 24 मई 2027 | 02:38 – 06:46 (25 मई) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण चतुर्थी (24 मई, 01:12 – 25 मई, 03:29) कृष्ण पंचमी (25 मई, 03:29 – 26 मई, 06:01) | विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं |
| मंगलवार, 25 मई 2027 | 06:46 – 05:42 (26 मई) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण पंचमी (25 मई, 03:29 – 26 मई, 06:01) | विवाह नक्षत्र; योग शुक्ल / ब्रह्म, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध |
| रविवार, 30 मई 2027 | 16:02 – 02:25 (31 मई) | उत्तर भाद्रपदा | कृष्ण दशमी (30 मई, 14:05 – 31 मई, 14:32) | विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध |
| सोमवार, 31 मई 2027 | 14:32 – 06:51 (1 जून) | उत्तर भाद्रपदा, रेवती | कृष्ण एकादशी (31 मई, 14:32 – 1 जून, 14:10) | विवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध |
विवाह मुहूर्त के नियम
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2026 – 15 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, 16:39) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, 13:05) तक।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
- योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, सिडनी के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।
महीनेवार विवाह मुहूर्त 2027
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
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सामान्य प्रश्न
क्या मई 2027 में विवाह मुहूर्त है?
हाँ, 19 दिन: 4, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 30 और 31 मई।
मंगलवार, 4 मई 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
20:44 – 00:01 (5 मई) — सिडनी के समय अनुसार, रेवती नक्षत्र में।
मई 2027 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?
मंगलवार, 1 जून 2027 को।