मई 2027 में विवाह मुहूर्त

मई 2027 में विवाह के 19 शुभ मुहूर्त हैं: 4, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 30 और 31 मई। पहला मुहूर्त मंगलवार, 4 मई 2027 को 16:14 – 19:31 है।

  • उदयपुर के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।

मई 2027 विवाह मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
मंगलवार, 4 मई 202716:14 – 19:31रेवतीकृष्ण त्रयोदशी (3 मई, 20:04 – 4 मई, 19:31)विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 7 मई 202723:42 – 05:51 (8 मई)रोहिणीशुक्ल द्वितीया (7 मई, 14:14 – 8 मई, 11:43)विवाह नक्षत्र; योग शोभन, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 8 मई 202702:37 – 05:54 (9 मई)मृगशिराशुक्ल तृतीया (8 मई, 11:43 – 9 मई, 09:03)विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण गरज — दोनों शुद्ध
रविवार, 9 मई 202705:54 – 19:43मृगशिराशुक्ल तृतीया (8 मई, 11:43 – 9 मई, 09:03)
शुक्ल चतुर्थी (9 मई, 09:03 – 10 मई, 06:23)
विवाह नक्षत्र; योग सुकर्मा, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 13 मई 202713:41 – 05:52 (14 मई)मघाशुक्ल अष्टमी (12 मई, 23:13 – 13 मई, 21:18)
शुक्ल नवमी (13 मई, 21:18 – 14 मई, 19:39)
विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शुक्रवार, 14 मई 202705:52 – 08:50मघाशुक्ल नवमी (13 मई, 21:18 – 14 मई, 19:39)विवाह नक्षत्र; योग ध्रुव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
शनिवार, 15 मई 202712:00 – 04:31 (16 मई)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल दशमी (14 मई, 19:39 – 15 मई, 18:18)
शुक्ल एकादशी (15 मई, 18:18 – 16 मई, 17:13)
विवाह नक्षत्र; योग हर्षण, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रविवार, 16 मई 202702:42 – 05:50 (17 मई)हस्तशुक्ल द्वादशी (16 मई, 17:13 – 17 मई, 16:28)विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध
सोमवार, 17 मई 202705:50 – 11:29हस्तशुक्ल द्वादशी (16 मई, 17:13 – 17 मई, 16:28)विवाह नक्षत्र; योग सिद्धि, करण बालव — दोनों शुद्ध
मंगलवार, 18 मई 202723:55 – 05:49 (19 मई)स्वातिशुक्ल चतुर्दशी (18 मई, 16:04 – 19 मई, 16:03)विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
बुधवार, 19 मई 202705:49 – 12:19स्वातिशुक्ल चतुर्दशी (18 मई, 16:04 – 19 मई, 16:03)विवाह नक्षत्र; योग वरीयान्, करण वणिज — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
गुरुवार, 20 मई 202722:26 – 05:49 (21 मई)अनुराधाकृष्ण प्रतिपदा (20 मई, 16:29 – 21 मई, 17:23)विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
शुक्रवार, 21 मई 202705:49 – 14:51अनुराधाकृष्ण प्रतिपदा (20 मई, 16:29 – 21 मई, 17:23)विवाह नक्षत्र; योग शिव, करण कौलव — दोनों शुद्ध
शनिवार, 22 मई 202716:50 – 05:48 (23 मई)मूलकृष्ण द्वितीया (21 मई, 17:23 – 22 मई, 18:48)
कृष्ण तृतीया (22 मई, 18:48 – 23 मई, 20:42)
विवाह नक्षत्र; योग सिद्ध / साध्य, करण गरज / वणिज — दोनों शुद्ध
रविवार, 23 मई 202705:48 – 07:42मूलकृष्ण तृतीया (22 मई, 18:48 – 23 मई, 20:42)विवाह नक्षत्र; योग साध्य, करण वणिज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 24 मई 202722:08 – 05:47 (25 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण चतुर्थी (23 मई, 20:42 – 24 मई, 22:59)
कृष्ण पंचमी (24 मई, 22:59 – 26 मई, 01:31)
विवाह नक्षत्र; योग शुभ / शुक्ल, करण बालव / कौलव — दोनों शुद्ध
रिक्ता तिथि — पंचांग इसे मान्य रखते हैं; कुछ परिवार टालते हैं
मंगलवार, 25 मई 202705:47 – 01:12 (26 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण पंचमी (24 मई, 22:59 – 26 मई, 01:31)विवाह नक्षत्र; योग शुक्ल / ब्रह्म, करण कौलव / तैतिल — दोनों शुद्ध
रविवार, 30 मई 202711:32 – 21:55उत्तर भाद्रपदाकृष्ण दशमी (30 मई, 09:35 – 31 मई, 10:02)विवाह नक्षत्र; योग प्रीति, करण वणिज — दोनों शुद्ध
सोमवार, 31 मई 202710:02 – 05:46 (1 जून)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण एकादशी (31 मई, 10:02 – 1 जून, 09:40)विवाह नक्षत्र; योग आयुष्मान् / सौभाग्य, करण बव / बालव — दोनों शुद्ध

विवाह मुहूर्त के नियम

  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई विवाह नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, 07:35) तक।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई विवाह नहीं — यही अस्त की शास्त्रीय अंश-सीमा है।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन ग्यारह में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या नहीं। रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) प्रकाशित पंचांग मान्य रखते हैं, इसलिए यहाँ भी शामिल हैं — पर तालिका में चिह्नित हैं।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये नौ त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, उदयपुर के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: फेरों का लग्न और वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ (गुरु, सूर्य और चंद्र बल)। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

विवाह मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार विवाह मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या मई 2027 में विवाह मुहूर्त है?

हाँ, 19 दिन: 4, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 30 और 31 मई।

मंगलवार, 4 मई 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

16:14 – 19:31 — उदयपुर के समय अनुसार, रेवती नक्षत्र में।

मई 2027 के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब है?

मंगलवार, 1 जून 2027 को।