शुक्ल पक्ष · एकादशी तिथि · कार्तिक
देवउठनी एकादशी 2026 कब है?
2026 में देवउठनी एकादशी शनिवार, 21 नवंबर को है। कुआलालंपुर में एकादशी तिथि 20 नवंबर, 09:46 से 21 नवंबर, 09:02 तक रहेगी। पारण 22 नवंबर को 07:00 से 07:27 तक है।
देवउठनी एकादशी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
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इस पेज का हर समय कुआलालंपुर के लिए निकाला गया है।
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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
कुआलालंपुर के लिए गणना
देवउठनी एकादशी 2026: तारीख और तिथि का समय
शनिवार, 21 नवंबर 2026
- तिथि
- एकादशी, शुक्ल पक्ष
- हिंदू मास
- कार्तिक
- तिथि आरंभ
- 20 नवंबर, 09:46
- तिथि समाप्त
- 21 नवंबर, 09:02
- दिन का निर्णय
- सूर्योदय
- कुआलालंपुर में सूर्योदय
- 21 नवंबर, 06:59
ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: देवउठनी एकादशी का निर्णय सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके सूर्योदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।
मुहूर्त · कुआलालंपुर
देवउठनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
देवउठनी एकादशी का निर्णय सूर्योदय पर होता है, जो एक क्षण है, अवधि नहीं — इसलिए तिथि से मेल करने के लिए कोई अलग खिड़की नहीं बनती। दिन के सामान्य शुभ समय नीचे दिए हैं; जहाँ पर्व का अपना मुहूर्त नहीं होता, वहाँ प्रायः अभिजित मुहूर्त लिया जाता है।
उस दिन के शुभ समय
| मुहूर्त | कुआलालंपुर में समय | प्रकृति |
|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:35 से 13:22 | शुभ |
| अमृत काल | 06:06 से 07:39 | सर्वाधिक शुभ |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:23 से 06:11 | शुभ |
जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं
मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।
| अवधि | कुआलालंपुर में समय |
|---|---|
| राहु काल | 09:59 से 11:29 |
| यमगण्ड काल | 14:28 से 15:58 |
| दुर्मुहूर्त (पहला) | 06:59 से 07:47 |
| दुर्मुहूर्त (दूसरा) | 07:47 से 08:35 |
| वर्ज्यम् | 20:53 से 22:25 |
ऊपर का हर समय कुआलालंपुर के लिए शनिवार, 21 नवंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।
पारण · कुआलालंपुर
देवउठनी एकादशी 2026 पारण का समय
रविवार, 22 नवंबर 2026, 07:00 से 07:27
पारण द्वादशी को होता है, और हरि वासर — द्वादशी का पहला चौथाई भाग, जो इस बार 21 नवंबर, 14:38 पर समाप्त होता है — में व्रत नहीं खोला जाता। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) सूर्योदय से पहले समाप्त हो चुका है, इसलिए पारण प्रातःकाल — दिन के उजाले के पहले पाँचवें भाग — में है। द्वादशी इस अवधि के बीच में ही समाप्त हो जाती है, इसलिए पारण वहीं तक है।
व्रत के बारे में यहाँ दी गई बातें परंपरा का वर्णन हैं, चिकित्सा सलाह नहीं। गर्भावस्था, मधुमेह, बढ़ती उम्र या दवाइयों की स्थिति में व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
आने वाले वर्षों में देवउठनी एकादशी की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति कुआलालंपुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | शनिवार, 21 नवंबर 2026 | आने वाली |
| 2027 | बुधवार, 10 नवंबर 2027 | आने वाली |
| 2028 | शनिवार, 28 अक्तूबर 2028 | आने वाली |
पंचांगों में देवउठनी एकादशी की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग देवउठनी एकादशी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: देवउठनी एकादशी का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- पितृ पक्ष — शनिवार, 26 सितंबर से शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 तक
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — रविवार, 18 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- दशहरा (विजयादशमी) — बुधवार, 21 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — रविवार, 25 अक्तूबर 2026
- करवा चौथ — गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026
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देवउठनी एकादशी से जुड़े सामान्य प्रश्न
2026 में देवउठनी एकादशी कब है?
2026 में देवउठनी एकादशी शनिवार, 21 नवंबर को है। कुआलालंपुर में एकादशी तिथि 20 नवंबर, 09:46 से 21 नवंबर, 09:02 तक रहेगी। पारण 22 नवंबर को 07:00 से 07:27 तक है।
देवउठनी एकादशी की तिथि क्या है?
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि। कुआलालंपुर में यह तिथि 20 नवंबर, 09:46 से 21 नवंबर, 09:02 तक है, और देवउठनी एकादशी का दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि से तय होता है।
देवउठनी एकादशी का पारण कब करें?
रविवार, 22 नवंबर 2026 को 07:00 से 07:27 तक। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) सूर्योदय से पहले समाप्त हो चुका है, इसलिए पारण प्रातःकाल — दिन के उजाले के पहले पाँचवें भाग — में है। द्वादशी इस अवधि के बीच में ही समाप्त हो जाती है, इसलिए पारण वहीं तक है।
दूसरे कैलेंडर में देवउठनी एकादशी की तारीख अलग क्यों है?
मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।
अगले साल देवउठनी एकादशी कब है?
2027 में बुधवार, 10 नवंबर; 2028 में शनिवार, 28 अक्तूबर।