27 में से 17वाँ नक्षत्र · वृश्चिक
अनुराधा नक्षत्र
अनुराधा 27 नक्षत्रों में 17वाँ नक्षत्र है, जो वृश्चिक 3°20′ – वृश्चिक 16°40′ तक फैला है। इसके स्वामी शनि हैं, देवता मित्र, गण देव, योनि मृग (हिरण) और नाड़ी मध्य (पित्त)।
चंद्रमा अगली बार बुधवार, 14 अक्तूबर 2026, रात 1:43 बजे से गुरुवार, 15 अक्तूबर 2026, सुबह 4:03 बजे तक अनुराधा नक्षत्र में रहेगा (मुंबई का समय)।
एक नज़र में
अनुराधा नक्षत्र के स्वामी, देवता, गण, योनि और नाड़ी
| अंश | वृश्चिक 3°20′ – वृश्चिक 16°40′ |
|---|---|
| राशि | वृश्चिक |
| स्वामी ग्रह (दशा स्वामी) | शनि |
| देवता | मित्र |
| प्रतीक | कमल |
| गण | देव |
| योनि | मृग (हिरण) |
| नाड़ी | मध्य (पित्त) |
| तत्व | अग्नि |
| मुहूर्त में स्वभाव | मृदु (मैत्र) |
| गंडमूल नक्षत्र | नहीं |
चारों पद वृश्चिक राशि में हैं।
यहाँ तत्व नक्षत्र का अपना तत्व है, उसी पाँच-खंड क्रम में जो एस्ट्रोसेज भी छापता है (अश्विनी से मृगशिरा पृथ्वी, आर्द्रा से पूर्वा फाल्गुनी जल, उत्तरा फाल्गुनी से अनुराधा अग्नि, ज्येष्ठा से श्रवण वायु, धनिष्ठा से रेवती आकाश) — चंद्र राशि का तत्व नहीं।
चार पद
अनुराधा नक्षत्र के पद, नवांश और नामाक्षर
अनुराधा नक्षत्र के नामाक्षर Na, Nee, Noo, Ne हैं — हर पद का एक। नामकरण की परंपरा में बच्चे का नाम उस पद की ध्वनि से शुरू किया जाता है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था, इसलिए अक्षर नक्षत्र से नहीं, पद से तय होता है।
| पद | अंश | राशि | नवांश (D9) | नामाक्षर | वर्ण (मिलान) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | वृश्चिक 3°20′ – वृश्चिक 6°40′ | वृश्चिक | सिंह | Na | ब्राह्मण |
| 2 | वृश्चिक 6°40′ – वृश्चिक 10°00′ | वृश्चिक | कन्या | Nee | ब्राह्मण |
| 3 | वृश्चिक 10°00′ – वृश्चिक 13°20′ | वृश्चिक | तुला | Noo | ब्राह्मण |
| 4 | वृश्चिक 13°20′ – वृश्चिक 16°40′ | वृश्चिक | वृश्चिक | Ne | ब्राह्मण |
वर्ण हर पद के लिए दिया गया है, क्योंकि अष्टकूट मिलान चंद्र राशि का वर्ण गिनता है (जल राशियाँ ब्राह्मण, अग्नि क्षत्रिय, पृथ्वी वैश्य, वायु शूद्र)। कुछ तालिकाएँ नक्षत्र को भी अलग वर्ण देती हैं; वे सूचियाँ स्रोत-दर-स्रोत अलग हैं और मिलान में उनका उपयोग नहीं होता।
स्वभाव
अनुराधा नक्षत्र के जातक की विशेषताएँ
अनुराधा मित्रता और समझौतों के देवता मित्र का नक्षत्र है और इसका प्रतीक कीचड़ से खिलने वाला कमल है। परंपरा इसे समर्पण और निष्ठावान साझेदारी का नक्षत्र मानती है: जातक को स्नेही, व्यवस्थित और समूह बनाने में कुशल बताया जाता है, जो दूरी और वर्षों के पार भी मित्रता निभाते हैं। स्वामी शनि कठिन परिस्थितियों में सहनशक्ति देता है। सावधानी ईर्ष्या की है, और चोट को कहने के बजाय चुपचाप मन में रखने की।
नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति बताता है, जो लाखों लोगों की एक ही होती है। इसे पूरी कुंडली के साथ विचार करने वाली प्रवृत्ति के रूप में पढ़ा जाता है — किसी व्यक्ति पर अंतिम निर्णय के रूप में नहीं।
मिलान
विवाह के लिए अनुराधा नक्षत्र का मिलान
नाड़ी। अनुराधा की नाड़ी मध्य (पित्त) है। जब दोनों के जन्म नक्षत्र की नाड़ी एक हो, तो गुण मिलान का नाड़ी कूट 8 में से 0 देता है (नाड़ी दोष); इन नक्षत्रों के साथ मिलान इसी कमी से शुरू होता है: भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, चित्रा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, उत्तर भाद्रपदा। कई परंपराएँ ऐसे अपवाद बताती हैं जिनमें दोष नहीं माना जाता; एक कूट के बजाय पूरा 36 गुण का मिलान देखें।
योनि। अनुराधा की योनि मृग (हिरण) है। समान योनि — ज्येष्ठा — पूरे 4 में से 4 अंक देती है। इसकी शत्रु योनि श्वान (कुत्ता) है, इसलिए आर्द्रा, मूल के साथ किसी भी दिशा में 4 में से 0 अंक मिलते हैं।
गण। अनुराधा का गण देव है। गण कूट दिशा पर निर्भर है — अंक इस पर बदलते हैं कि वर कौन है — और ये इंजन के अपने मान हैं:
| साथी का गण | अनुराधा वाला वर हो | अनुराधा वाली वधू हो |
|---|---|---|
| देव | 6 / 6 | 6 / 6 |
| मनुष्य | 6 / 6 | 5 / 6 |
| राक्षस | 0 / 6 | 1 / 6 |
नाड़ी, योनि और गण 36 में से 18 अंक हैं; बाकी चंद्र राशियों और दोनों नक्षत्रों के बीच की गिनती से आते हैं। पूरा कुंडली मिलान · नाम से कुंडली मिलान · नक्षत्र पोरुथम
पंचांग गणना से
अनुराधा नक्षत्र अगली बार कब है?
| से | तक |
|---|---|
| बुधवार, 14 अक्तूबर 2026, रात 1:43 बजे | गुरुवार, 15 अक्तूबर 2026, सुबह 4:03 बजे |
| मंगलवार, 10 नवंबर 2026, सुबह 9:19 बजे | बुधवार, 11 नवंबर 2026, सुबह 11:38 बजे |
| सोमवार, 7 दिसंबर 2026, दोपहर 3:48 बजे | मंगलवार, 8 दिसंबर 2026, शाम 6:16 बजे |
समय मुंबई का है। चंद्रमा किसी नक्षत्र में हर जगह एक ही क्षण में प्रवेश करता और निकलता है, इसलिए दूसरा शहर चुनने से केवल घड़ी का समय बदलता है। चंद्रमा लगभग 27.3 दिन में उसी नक्षत्र में लौटता है और हर बार लगभग एक दिन रहता है।
प्रश्न
अनुराधा नक्षत्र से जुड़े प्रश्न
अनुराधा नक्षत्र किस राशि में है?
अनुराधा वृश्चिक 3°20′ – वृश्चिक 16°40′ तक है। चारों पद वृश्चिक राशि में हैं।
अनुराधा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
शनि। विंशोत्तरी दशा जन्म नक्षत्र के स्वामी से शुरू होती है, इसलिए अनुराधा में चंद्रमा रहते जन्मे व्यक्ति का जन्म शनि की महादशा में होता है; उसका कितना भाग बचा है, यह इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे जा चुका था।
अनुराधा नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
हर पद का एक — पद 1: Na; पद 2: Nee; पद 3: Noo; पद 4: Ne। जन्म के समय चंद्रमा जिस पद में था, वही अक्षर लागू होता है।
अनुराधा का गण, योनि और नाड़ी क्या है?
गण देव, योनि मृग (हिरण) और नाड़ी मध्य (पित्त) — यही मान गुण मिलान में गिने जाते हैं।
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