पंचक की तारीखें
पंचक 2027: सभी तारीखें, शुरू और ख़त्म होने का समय
2027 में 13 पंचक हैं — हर बार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि से, यानी धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, गुज़रता है। अगला पंचक सोमवार, 11 जनवरी 2027, 04:35 से शुक्रवार, 15 जनवरी 2027, 23:51 तक है।
सूची
पंचक 2027 की तारीख और समय
समय भारतीय मानक समय में हैं, और ये क्षण पूरे भारत में एक ही हैं: पंचक चंद्रमा की स्थिति है, किसी शहर का सूर्योदय नहीं।
| क्रम | शुरू | समाप्त | प्रकार |
|---|---|---|---|
| 1 | सोमवार, 11 जनवरी 2027, 04:35 | शुक्रवार, 15 जनवरी 2027, 23:51 | राज पंचक |
| 2 | रविवार, 7 फ़रवरी 2027, 10:36 | शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027, 05:42 | रोग पंचक |
| 3 | शनिवार, 6 मार्च 2027, 17:34 | गुरुवार, 11 मार्च 2027, 11:20 | मृत्यु पंचक |
| 4 | शनिवार, 3 अप्रैल 2027, 01:33 | बुधवार, 7 अप्रैल 2027, 18:25 | मृत्यु पंचक |
| 5 | शुक्रवार, 30 अप्रैल 2027, 09:54 | बुधवार, 5 मई 2027, 03:15 | चोर पंचक |
| 6 | गुरुवार, 27 मई 2027, 17:49 | मंगलवार, 1 जून 2027, 12:50 | — |
| 7 | गुरुवार, 24 जून 2027, 00:51 | सोमवार, 28 जून 2027, 21:48 | — |
| 8 | बुधवार, 21 जुलाई 2027, 07:04 | सोमवार, 26 जुलाई 2027, 05:14 | — |
| 9 | मंगलवार, 17 अगस्त 2027, 13:04 | रविवार, 22 अगस्त 2027, 11:11 | अग्नि पंचक |
| 10 | सोमवार, 13 सितंबर 2027, 19:34 | शनिवार, 18 सितंबर 2027, 16:47 | राज पंचक |
| 11 | सोमवार, 11 अक्तूबर 2027, 02:56 | शुक्रवार, 15 अक्तूबर 2027, 23:29 | राज पंचक |
| 12 | रविवार, 7 नवंबर 2027, 10:59 | शुक्रवार, 12 नवंबर 2027, 07:55 | रोग पंचक |
| 13 | शनिवार, 4 दिसंबर 2027, 19:07 | गुरुवार, 9 दिसंबर 2027, 17:27 | मृत्यु पंचक |
अर्थ
पंचक क्या है
पंचक — 'पाँच' — वह अवधि है जिसमें चंद्रमा आख़िरी पाँच नक्षत्रों से गुज़रता है: धनिष्ठा का उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। निरयन राशिचक्र में यह 300° से 360° है, यानी कुंभ और मीन राशि, और चंद्रमा इसे लगभग साढ़े चार दिन में पार करता है। मुहूर्त ग्रंथ इस दौरान परंपरा से टाले जाने वाले काम गिनाते हैं: लकड़ी या घास इकट्ठा करना, छत डालना, खाट बनाना और दक्षिण की यात्रा; पंचक में मृत्यु होने पर एक विशेष विधि की जाती है। बाकी काम सामान्य रूप से चलते हैं।
प्रकार
वार के अनुसार पंचक के प्रकार
पंचांग पंचक का नाम उस वार से रखते हैं जिस दिन वह शुरू होता है: रोग पंचक (रविवार), राज पंचक (सोमवार), अग्नि पंचक (मंगलवार), चोर पंचक (शुक्रवार) और मृत्यु पंचक (शनिवार)। बुधवार या गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक का अलग नाम नहीं होता। नाम परंपरा है; ऊपर की तारीखें खगोल।
सामान्य प्रश्न
पंचक 2027 — सामान्य प्रश्न
2027 में पंचक कब है?
2027 में 13 पंचक हैं; ऊपर की तालिका में हर एक का शुरू और समाप्त होने का समय दिया है।
अगला पंचक कब है?
सोमवार, 11 जनवरी 2027, 04:35 से शुक्रवार, 15 जनवरी 2027, 23:51 तक।
पंचक किन नक्षत्रों से बनता है?
धनिष्ठा का उत्तरार्ध, फिर शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती — यानी चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में।
पंचक कितने दिन रहता है?
लगभग साढ़े चार दिन — जितना समय चंद्रमा राशिचक्र के 60° पार करने में लेता है, जो उसकी गति से बदलता है; 2027 का पहला पंचक 115 घंटे का है।
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