अगला प्रदोष व्रत कब है?

अगला प्रदोष व्रत — गुरु प्रदोष — गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 को है; प्रदोष पूजा 18:20 से 20:44 तक।

  • यह तालिका अहमदाबाद के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

आने वाले बारह महीनों के प्रदोष व्रत

तारीखनामपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तप्रदोष पूजा का समयटिप्पणी
गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026गुरु प्रदोषकृष्णआश्विन · अमांत भाद्रपद7 अक्टू, 23:178 अक्टू, 22:168 अक्टू, 18:20 → 20:44—
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026शुक्र प्रदोषशुक्लआश्विन23 अक्टू, 14:3624 अक्टू, 13:3723 अक्टू, 18:08 → 20:32—
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026शुक्र प्रदोषकृष्णकार्तिक · अमांत आश्विन6 नव, 10:317 नव, 10:486 नव, 17:59 → 20:23—
रविवार, 22 नवंबर 2026रवि प्रदोषशुक्लकार्तिक22 नव, 04:5723 नव, 02:3722 नव, 17:53 → 20:17—
रविवार, 6 दिसंबर 2026रवि प्रदोषकृष्णमार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक6 दिस, 00:527 दिस, 02:226 दिस, 17:54 → 20:18—
सोमवार, 21 दिसंबर 2026सोम प्रदोषशुक्लमार्गशीर्ष21 दिस, 17:3722 दिस, 14:2421 दिस, 17:59 → 20:23—
मंगलवार, 5 जनवरी 2027भौम प्रदोषकृष्णपौष · अमांत मार्गशीर्ष4 जन, 18:165 जन, 20:405 जन, 18:08 → 20:32त्रयोदशी सोमवार, 4 जनवरी 2027 के प्रदोष में भी है; व्रत दूसरी शाम दिया गया है, जब वह सूर्यास्त से ही चल रही हो
बुधवार, 20 जनवरी 2027बुध प्रदोषशुक्लपौष20 जन, 04:4221 जन, 01:1220 जन, 18:19 → 20:43—
बुधवार, 3 फ़रवरी 2027बुध प्रदोषकृष्णमाघ · अमांत पौष3 फ़र, 13:504 फ़र, 16:323 फ़र, 18:28 → 20:52—
गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027गुरु प्रदोषशुक्लमाघ18 फ़र, 14:2819 फ़र, 11:1518 फ़र, 18:37 → 21:01—
शुक्रवार, 5 मार्च 2027शुक्र प्रदोषकृष्णफाल्गुन · अमांत माघ5 मार्च, 09:556 मार्च, 12:045 मार्च, 18:44 → 21:08—
शनिवार, 20 मार्च 2027शनि प्रदोषशुक्लफाल्गुन19 मार्च, 23:1820 मार्च, 20:4620 मार्च, 18:50 → 20:46—
रविवार, 4 अप्रैल 2027रवि प्रदोषकृष्णचैत्र · अमांत फाल्गुन4 अप्रै, 04:275 अप्रै, 05:244 अप्रै, 18:56 → 21:20—
रविवार, 18 अप्रैल 2027रवि प्रदोषशुक्लचैत्र18 अप्रै, 07:4319 अप्रै, 06:0818 अप्रै, 19:01 → 21:25—
सोमवार, 3 मई 2027सोम प्रदोषकृष्णवैशाख · अमांत चैत्र3 मई, 20:054 मई, 19:313 मई, 20:05 → 21:32—
सोमवार, 17 मई 2027सोम प्रदोषशुक्लवैशाख17 मई, 16:2918 मई, 16:0417 मई, 19:14 → 21:38—
बुधवार, 2 जून 2027बुध प्रदोषकृष्णज्येष्ठ · अमांत वैशाख2 जून, 08:293 जून, 06:352 जून, 19:21 → 21:45—
बुधवार, 16 जून 2027बुध प्रदोषशुक्लज्येष्ठ16 जून, 02:3217 जून, 03:2016 जून, 19:26 → 21:50—
गुरुवार, 1 जुलाई 2027गुरु प्रदोषकृष्णआषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ1 जुला, 18:152 जुला, 15:231 जुला, 19:29 → 21:53—
गुरुवार, 15 जुलाई 2027गुरु प्रदोषशुक्लआषाढ़15 जुला, 14:4116 जुला, 16:3615 जुला, 19:28 → 21:52—
शनिवार, 31 जुलाई 2027शनि प्रदोषकृष्णश्रावण · अमांत आषाढ़31 जुला, 02:1931 जुला, 22:5831 जुला, 19:22 → 21:46—
शनिवार, 14 अगस्त 2027शनि प्रदोषशुक्लश्रावण14 अग, 05:2115 अग, 07:5414 अग, 19:13 → 21:37—
रविवार, 29 अगस्त 2027रवि प्रदोषकृष्णभाद्रपद · अमांत श्रावण29 अग, 09:3630 अग, 06:1329 अग, 19:00 → 21:24—
सोमवार, 13 सितंबर 2027सोम प्रदोषशुक्लभाद्रपद12 सित, 22:1314 सित, 00:4013 सित, 18:45 → 21:09—
सोमवार, 27 सितंबर 2027सोम प्रदोषकृष्णआश्विन · अमांत भाद्रपद27 सित, 16:5628 सित, 13:5527 सित, 18:31 → 20:55—

समय अहमदाबाद के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।

वर्ष के अनुसार प्रदोष व्रत

सोम, भौम और शनि प्रदोष

  • सोम प्रदोष — सोमवार, 21 दिसंबर 2026; सोमवार, 3 मई 2027; सोमवार, 17 मई 2027; सोमवार, 13 सितंबर 2027; सोमवार, 27 सितंबर 2027
  • भौम प्रदोष — मंगलवार, 5 जनवरी 2027
  • शनि प्रदोष — शनिवार, 20 मार्च 2027; शनिवार, 31 जुलाई 2027; शनिवार, 14 अगस्त 2027

प्रदोष व्रत की तिथि कैसे तय होती है

प्रदोष व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी को रखा जाता है — पर उसका दिन सूर्योदय से नहीं, शाम से तय होता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का संध्या समय है; यह पृष्ठ उसे सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) मानता है और देखता है कि उसके मध्य में त्रयोदशी चल रही है या नहीं। इसीलिए प्रदोष अक्सर उस दिन से एक दिन पहले पड़ता है जिस दिन त्रयोदशी सूर्योदय पर होती है। जब त्रयोदशी दो शाम प्रदोष काल में हो, तो व्रत दूसरी शाम दिया गया है, जब वह सूर्यास्त से ही चल रही हो; जब वह दोनों शाम मध्य बिंदु पर न हो, तो व्रत उस शाम रखा जाता है जिस शाम वह आरंभ होती है। हर प्रदोष का नाम उसके वार से है; सोम, भौम (मंगल) और शनि प्रदोष का विशेष महत्व माना जाता है। दिया गया पूजा समय प्रदोष काल का वही भाग है जिसमें त्रयोदशी सचमुच चल रही हो, इसलिए वह 2 घंटे 24 मिनट से छोटा भी हो सकता है।

दूसरे शहरों में प्रदोष व्रत

दिन तय करने वाला समय — सूर्योदय, शाम का प्रदोष या चंद्रोदय — भारत में एक घंटे से भी अधिक बदलता है, इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

प्रदोष व्रत: सामान्य प्रश्न

अगला प्रदोष व्रत कब है?

गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 — गुरु प्रदोष; प्रदोष पूजा 18:20 से 20:44 तक।

सोम प्रदोष कब है?

सोमवार, 21 दिसंबर 2026; सोमवार, 3 मई 2027; सोमवार, 17 मई 2027; सोमवार, 13 सितंबर 2027; सोमवार, 27 सितंबर 2027।

शनि प्रदोष कब है?

शनिवार, 20 मार्च 2027; शनिवार, 31 जुलाई 2027; शनिवार, 14 अगस्त 2027।

प्रदोष काल क्या है?

सूर्यास्त के बाद का संध्या समय, जिसे यहाँ सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) माना गया है। व्रत उस दिन होता है जिस दिन इसके मध्य में त्रयोदशी चल रही हो, और पूजा का समय इसी काल का वह भाग है जिसमें त्रयोदशी हो।

प्रदोष त्रयोदशी से एक दिन पहले क्यों पड़ता है?

क्योंकि प्रदोष शाम से तय होता है, सूर्योदय से नहीं। त्रयोदशी अक्सर दोपहर या शाम को आरंभ होती है, इसलिए उस शाम प्रदोष में वही चल रही होती है, जबकि सूर्योदय वाला पंचांग अगले दिन को त्रयोदशी कहता है।

क्या प्रदोष व्रत पूरे भारत में एक ही दिन होता है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए अहमदाबाद और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।