अगला प्रदोष व्रत कब है?

अगला प्रदोष व्रत — गुरु प्रदोष — गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 को है; प्रदोष पूजा 18:55 से 21:19 तक।

  • यह तालिका सिंगापुर के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

आने वाले बारह महीनों के प्रदोष व्रत

तारीखनामपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तप्रदोष पूजा का समयटिप्पणी
गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026गुरु प्रदोषकृष्णआश्विन · अमांत भाद्रपद8 अक्टू, 01:479 अक्टू, 00:468 अक्टू, 18:55 → 21:19—
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026शुक्र प्रदोषशुक्लआश्विन23 अक्टू, 17:0624 अक्टू, 16:0723 अक्टू, 18:51 → 21:15—
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026शुक्र प्रदोषकृष्णकार्तिक · अमांत आश्विन6 नव, 13:017 नव, 13:186 नव, 18:50 → 21:14—
रविवार, 22 नवंबर 2026रवि प्रदोषशुक्लकार्तिक22 नव, 07:2723 नव, 05:0722 नव, 18:52 → 21:16—
रविवार, 6 दिसंबर 2026रवि प्रदोषकृष्णमार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक6 दिस, 03:227 दिस, 04:526 दिस, 18:57 → 21:21—
सोमवार, 21 दिसंबर 2026सोम प्रदोषशुक्लमार्गशीर्ष21 दिस, 20:0622 दिस, 16:5421 दिस, 20:06 → 21:28—
मंगलवार, 5 जनवरी 2027भौम प्रदोषकृष्णपौष · अमांत मार्गशीर्ष4 जन, 20:465 जन, 23:105 जन, 19:11 → 21:35—
बुधवार, 20 जनवरी 2027बुध प्रदोषशुक्लपौष20 जन, 07:1221 जन, 03:4220 जन, 19:17 → 21:41—
बुधवार, 3 फ़रवरी 2027बुध प्रदोषकृष्णमाघ · अमांत पौष3 फ़र, 16:214 फ़र, 19:023 फ़र, 19:20 → 21:44—
गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027गुरु प्रदोषशुक्लमाघ18 फ़र, 16:5819 फ़र, 13:4418 फ़र, 19:21 → 21:45—
शुक्रवार, 5 मार्च 2027शुक्र प्रदोषकृष्णफाल्गुन · अमांत माघ5 मार्च, 12:246 मार्च, 14:345 मार्च, 19:19 → 21:43—
शनिवार, 20 मार्च 2027शनि प्रदोषशुक्लफाल्गुन20 मार्च, 01:4820 मार्च, 23:1620 मार्च, 19:15 → 21:39—
रविवार, 4 अप्रैल 2027रवि प्रदोषकृष्णचैत्र · अमांत फाल्गुन4 अप्रै, 06:575 अप्रै, 07:544 अप्रै, 19:11 → 21:35—
रविवार, 18 अप्रैल 2027रवि प्रदोषशुक्लचैत्र18 अप्रै, 10:1219 अप्रै, 08:3918 अप्रै, 19:08 → 21:32—
मंगलवार, 4 मई 2027भौम प्रदोषकृष्णवैशाख · अमांत चैत्र3 मई, 22:354 मई, 22:014 मई, 19:06 → 21:30—
सोमवार, 17 मई 2027सोम प्रदोषशुक्लवैशाख17 मई, 18:5918 मई, 18:3417 मई, 19:06 → 21:30—
बुधवार, 2 जून 2027बुध प्रदोषकृष्णज्येष्ठ · अमांत वैशाख2 जून, 10:593 जून, 09:052 जून, 19:08 → 21:32—
बुधवार, 16 जून 2027बुध प्रदोषशुक्लज्येष्ठ16 जून, 05:0117 जून, 05:5016 जून, 19:11 → 21:35—
गुरुवार, 1 जुलाई 2027गुरु प्रदोषकृष्णआषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ1 जुला, 20:452 जुला, 17:541 जुला, 20:45 → 21:38त्रयोदशी दोनों शाम प्रदोष के मध्य बिंदु पर नहीं है; जिस शाम आरंभ होती है उसी शाम व्रत
गुरुवार, 15 जुलाई 2027गुरु प्रदोषशुक्लआषाढ़15 जुला, 17:1116 जुला, 19:0515 जुला, 19:16 → 21:40—
शनिवार, 31 जुलाई 2027शनि प्रदोषकृष्णश्रावण · अमांत आषाढ़31 जुला, 04:491 अग, 01:2831 जुला, 19:16 → 21:40—
शनिवार, 14 अगस्त 2027शनि प्रदोषशुक्लश्रावण14 अग, 07:5215 अग, 10:2414 अग, 19:14 → 21:38—
रविवार, 29 अगस्त 2027रवि प्रदोषकृष्णभाद्रपद · अमांत श्रावण29 अग, 12:0630 अग, 08:4329 अग, 19:10 → 21:34—
सोमवार, 13 सितंबर 2027सोम प्रदोषशुक्लभाद्रपद13 सित, 00:4314 सित, 03:1013 सित, 19:04 → 21:28—
सोमवार, 27 सितंबर 2027सोम प्रदोषकृष्णआश्विन · अमांत भाद्रपद27 सित, 19:2628 सित, 16:2527 सित, 19:26 → 21:23—

समय सिंगापुर के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।

वर्ष के अनुसार प्रदोष व्रत

सोम, भौम और शनि प्रदोष

  • सोम प्रदोष — सोमवार, 21 दिसंबर 2026; सोमवार, 17 मई 2027; सोमवार, 13 सितंबर 2027; सोमवार, 27 सितंबर 2027
  • भौम प्रदोष — मंगलवार, 5 जनवरी 2027; मंगलवार, 4 मई 2027
  • शनि प्रदोष — शनिवार, 20 मार्च 2027; शनिवार, 31 जुलाई 2027; शनिवार, 14 अगस्त 2027

प्रदोष व्रत की तिथि कैसे तय होती है

प्रदोष व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी को रखा जाता है — पर उसका दिन सूर्योदय से नहीं, शाम से तय होता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का संध्या समय है; यह पृष्ठ उसे सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) मानता है और देखता है कि उसके मध्य में त्रयोदशी चल रही है या नहीं। इसीलिए प्रदोष अक्सर उस दिन से एक दिन पहले पड़ता है जिस दिन त्रयोदशी सूर्योदय पर होती है। जब त्रयोदशी दो शाम प्रदोष काल में हो, तो व्रत दूसरी शाम दिया गया है, जब वह सूर्यास्त से ही चल रही हो; जब वह दोनों शाम मध्य बिंदु पर न हो, तो व्रत उस शाम रखा जाता है जिस शाम वह आरंभ होती है। हर प्रदोष का नाम उसके वार से है; सोम, भौम (मंगल) और शनि प्रदोष का विशेष महत्व माना जाता है। दिया गया पूजा समय प्रदोष काल का वही भाग है जिसमें त्रयोदशी सचमुच चल रही हो, इसलिए वह 2 घंटे 24 मिनट से छोटा भी हो सकता है।

दूसरे शहरों में प्रदोष व्रत

दिन तय करने वाला समय — सूर्योदय, शाम का प्रदोष या चंद्रोदय — भारत में एक घंटे से भी अधिक बदलता है, इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

प्रदोष व्रत: सामान्य प्रश्न

अगला प्रदोष व्रत कब है?

गुरुवार, 8 अक्तूबर 2026 — गुरु प्रदोष; प्रदोष पूजा 18:55 से 21:19 तक।

सोम प्रदोष कब है?

सोमवार, 21 दिसंबर 2026; सोमवार, 17 मई 2027; सोमवार, 13 सितंबर 2027; सोमवार, 27 सितंबर 2027।

शनि प्रदोष कब है?

शनिवार, 20 मार्च 2027; शनिवार, 31 जुलाई 2027; शनिवार, 14 अगस्त 2027।

प्रदोष काल क्या है?

सूर्यास्त के बाद का संध्या समय, जिसे यहाँ सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) माना गया है। व्रत उस दिन होता है जिस दिन इसके मध्य में त्रयोदशी चल रही हो, और पूजा का समय इसी काल का वह भाग है जिसमें त्रयोदशी हो।

प्रदोष त्रयोदशी से एक दिन पहले क्यों पड़ता है?

क्योंकि प्रदोष शाम से तय होता है, सूर्योदय से नहीं। त्रयोदशी अक्सर दोपहर या शाम को आरंभ होती है, इसलिए उस शाम प्रदोष में वही चल रही होती है, जबकि सूर्योदय वाला पंचांग अगले दिन को त्रयोदशी कहता है।

क्या प्रदोष व्रत पूरे भारत में एक ही दिन होता है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए सिंगापुर और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।