षष्ठी 2027 में कब है

2027 में षष्ठी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।

  • यह तालिका लंदन के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

2027 की सभी षष्ठी तिथियाँ

तारीखपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तटिप्पणी
बुधवार, 13 जनवरी 2027शुक्लपौष13 जन, 07:3214 जन, 08:29अगले दिन भी मान्य
बुधवार, 27 जनवरी 2027कृष्णमाघ26 जन, 23:0427 जन, 22:24—
शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027शुक्लमाघ11 फ़र, 21:4912 फ़र, 21:30—
शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027कृष्णफाल्गुन25 फ़र, 14:4826 फ़र, 15:13—
रविवार, 14 मार्च 2027शुक्लफाल्गुन13 मार्च, 08:2514 मार्च, 07:02—
रविवार, 28 मार्च 2027कृष्णचैत्र27 मार्च, 08:0428 मार्च, 10:36—
सोमवार, 12 अप्रैल 2027शुक्लचैत्र11 अप्रै, 17:1012 अप्रै, 15:05—
सोमवार, 26 अप्रैल 2027कृष्णवैशाख26 अप्रै, 03:0727 अप्रै, 05:28—
मंगलवार, 11 मई 2027शुक्लवैशाख10 मई, 23:1911 मई, 20:54—
बुधवार, 26 मई 2027कृष्णज्येष्ठ25 मई, 21:0126 मई, 23:35—
बुधवार, 9 जून 2027शुक्लज्येष्ठ9 जून, 05:0610 जून, 02:42क्षय तिथि
शुक्रवार, 25 जून 2027कृष्णआषाढ़24 जून, 13:4025 जून, 15:47—
शुक्रवार, 9 जुलाई 2027शुक्लआषाढ़8 जुला, 11:389 जुला, 09:34—
शनिवार, 24 जुलाई 2027कृष्णश्रावण24 जुला, 04:1225 जुला, 05:23अगले दिन भी मान्य
शनिवार, 7 अगस्त 2027शुक्लश्रावण6 अग, 19:537 अग, 18:31—
सोमवार, 23 अगस्त 2027कृष्णभाद्रपद22 अग, 16:1623 अग, 16:23—
सोमवार, 6 सितंबर 2027शुक्लभाद्रपद5 सित, 06:486 सित, 06:28—
मंगलवार, 21 सितंबर 2027कृष्णआश्विन21 सित, 02:1322 सित, 01:22—
मंगलवार, 5 अक्तूबर 2027शुक्लआश्विन4 अक्टू, 21:075 अक्टू, 22:03—
गुरुवार, 21 अक्तूबर 2027कृष्णकार्तिक20 अक्टू, 10:4921 अक्टू, 09:13—
गुरुवार, 4 नवंबर 2027शुक्लकार्तिक3 नव, 14:024 नव, 16:09—
शुक्रवार, 19 नवंबर 2027कृष्णमार्गशीर्ष18 नव, 17:5819 नव, 15:51—
शनिवार, 4 दिसंबर 2027शुक्लमार्गशीर्ष3 दिस, 10:444 दिस, 13:27—
शनिवार, 18 दिसंबर 2027कृष्णपौष18 दिस, 02:2819 दिस, 00:06—

समय लंदन के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।

षष्ठी जनवरी 2027

जनवरी 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 13 जनवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 13 जन, 07:32 → 14 जन, 08:29 (अगले दिन भी मान्य)
  • बुधवार, 27 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 26 जन, 23:04 → 27 जन, 22:24

षष्ठी फ़रवरी 2027

फ़रवरी 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 11 फ़र, 21:49 → 12 फ़र, 21:30
  • शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 25 फ़र, 14:48 → 26 फ़र, 15:13

षष्ठी मार्च 2027

मार्च 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • रविवार, 14 मार्च 2027 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 13 मार्च, 08:25 → 14 मार्च, 07:02
  • रविवार, 28 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 27 मार्च, 08:04 → 28 मार्च, 10:36

षष्ठी अप्रैल 2027

अप्रैल 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 12 अप्रैल 2027 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 11 अप्रै, 17:10 → 12 अप्रै, 15:05
  • सोमवार, 26 अप्रैल 2027 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 26 अप्रै, 03:07 → 27 अप्रै, 05:28

षष्ठी मई 2027

मई 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 11 मई 2027 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 10 मई, 23:19 → 11 मई, 20:54
  • बुधवार, 26 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 25 मई, 21:01 → 26 मई, 23:35

षष्ठी जून 2027

जून 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • बुधवार, 9 जून 2027 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 9 जून, 05:06 → 10 जून, 02:42 (क्षय तिथि)
  • शुक्रवार, 25 जून 2027 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 24 जून, 13:40 → 25 जून, 15:47

षष्ठी जुलाई 2027

जुलाई 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • शुक्रवार, 9 जुलाई 2027 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 8 जुला, 11:38 → 9 जुला, 09:34
  • शनिवार, 24 जुलाई 2027 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 24 जुला, 04:12 → 25 जुला, 05:23 (अगले दिन भी मान्य)

षष्ठी अगस्त 2027

अगस्त 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 7 अगस्त 2027 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 6 अग, 19:53 → 7 अग, 18:31
  • सोमवार, 23 अगस्त 2027 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 22 अग, 16:16 → 23 अग, 16:23

षष्ठी सितंबर 2027

सितंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • सोमवार, 6 सितंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 5 सित, 06:48 → 6 सित, 06:28
  • मंगलवार, 21 सितंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 21 सित, 02:13 → 22 सित, 01:22

षष्ठी अक्तूबर 2027

अक्तूबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • मंगलवार, 5 अक्तूबर 2027 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 4 अक्टू, 21:07 → 5 अक्टू, 22:03
  • गुरुवार, 21 अक्तूबर 2027 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 20 अक्टू, 10:49 → 21 अक्टू, 09:13

षष्ठी नवंबर 2027

नवंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • गुरुवार, 4 नवंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 3 नव, 14:02 → 4 नव, 16:09
  • शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 18 नव, 17:58 → 19 नव, 15:51

षष्ठी दिसंबर 2027

दिसंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।

  • शनिवार, 4 दिसंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 3 दिस, 10:44 → 4 दिस, 13:27
  • शनिवार, 18 दिसंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 18 दिस, 02:28 → 19 दिस, 00:06

षष्ठी का दिन कैसे तय होता है

तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।

अन्य शहर

कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।

यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।

2027 की अन्य तिथियाँ

संबंधित पंचांग पृष्ठ

सामान्य प्रश्न

षष्ठी कब है 2027 में?

2027 में अगली षष्ठी बुधवार, 13 जनवरी 2027 को है। तिथि 13 जन, 07:32 → 14 जन, 08:29 तक चलती है (लंदन के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।

2027 में षष्ठी कितनी बार आती है?

24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।

शुक्ल षष्ठी और कृष्ण षष्ठी में क्या अंतर है?

दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। षष्ठी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।

मेरे कैलेंडर में षष्ठी की तारीख अलग क्यों है?

क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।

क्या षष्ठी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो लंदन में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।

षष्ठी को और किन नामों से खोजा जाता है?

षष्ठी तिथि, छठ — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।

क्षय षष्ठी क्या होती है?

2027 में 1 बार षष्ठी क्षय तिथि है: बुधवार, 9 जून 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।