तिथि कैलेंडर · टोरंटो
षष्ठी 2027 में कब है
2027 में षष्ठी 24 बार पड़ती है। नीचे हर तिथि का दिन, आरंभ और समाप्ति का समय और वह महीना दिया है जिसमें वह आती है।
- यह तालिका टोरंटो के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
- हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।
2027 की सभी षष्ठी तिथियाँ
| तारीख | पक्ष | हिंदू माह (पूर्णिमांत) | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 13 जनवरी 2027 | शुक्ल | पौष | 13 जन, 02:32 | 14 जन, 03:29 | — |
| बुधवार, 27 जनवरी 2027 | कृष्ण | माघ | 26 जन, 18:04 | 27 जन, 17:24 | — |
| शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027 | शुक्ल | माघ | 11 फ़र, 16:49 | 12 फ़र, 16:30 | — |
| शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027 | कृष्ण | फाल्गुन | 25 फ़र, 09:48 | 26 फ़र, 10:13 | — |
| शनिवार, 13 मार्च 2027 | शुक्ल | फाल्गुन | 13 मार्च, 03:25 | 14 मार्च, 02:02 | — |
| शनिवार, 27 मार्च 2027 | कृष्ण | चैत्र | 27 मार्च, 04:03 | 28 मार्च, 05:36 | — |
| सोमवार, 12 अप्रैल 2027 | शुक्ल | चैत्र | 11 अप्रै, 12:10 | 12 अप्रै, 10:05 | — |
| सोमवार, 26 अप्रैल 2027 | कृष्ण | वैशाख | 25 अप्रै, 22:07 | 27 अप्रै, 00:27 | — |
| मंगलवार, 11 मई 2027 | शुक्ल | वैशाख | 10 मई, 18:18 | 11 मई, 15:54 | — |
| बुधवार, 26 मई 2027 | कृष्ण | ज्येष्ठ | 25 मई, 16:01 | 26 मई, 18:35 | — |
| बुधवार, 9 जून 2027 | शुक्ल | ज्येष्ठ | 9 जून, 00:06 | 9 जून, 21:42 | — |
| शुक्रवार, 25 जून 2027 | कृष्ण | आषाढ़ | 24 जून, 08:41 | 25 जून, 10:47 | — |
| गुरुवार, 8 जुलाई 2027 | शुक्ल | आषाढ़ | 8 जुला, 06:38 | 9 जुला, 04:34 | क्षय तिथि |
| शनिवार, 24 जुलाई 2027 | कृष्ण | श्रावण | 23 जुला, 23:12 | 25 जुला, 00:23 | — |
| शनिवार, 7 अगस्त 2027 | शुक्ल | श्रावण | 6 अग, 14:53 | 7 अग, 13:31 | — |
| सोमवार, 23 अगस्त 2027 | कृष्ण | भाद्रपद | 22 अग, 11:16 | 23 अग, 11:23 | — |
| रविवार, 5 सितंबर 2027 | शुक्ल | भाद्रपद | 5 सित, 01:48 | 6 सित, 01:28 | — |
| मंगलवार, 21 सितंबर 2027 | कृष्ण | आश्विन | 20 सित, 21:13 | 21 सित, 20:22 | — |
| मंगलवार, 5 अक्तूबर 2027 | शुक्ल | आश्विन | 4 अक्टू, 16:07 | 5 अक्टू, 17:03 | — |
| बुधवार, 20 अक्तूबर 2027 | कृष्ण | कार्तिक | 20 अक्टू, 05:49 | 21 अक्टू, 04:13 | — |
| गुरुवार, 4 नवंबर 2027 | शुक्ल | कार्तिक | 3 नव, 10:02 | 4 नव, 12:09 | — |
| शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 | कृष्ण | मार्गशीर्ष | 18 नव, 12:57 | 19 नव, 10:51 | — |
| शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027 | शुक्ल | मार्गशीर्ष | 3 दिस, 05:44 | 4 दिस, 08:26 | अगले दिन भी मान्य |
| शनिवार, 18 दिसंबर 2027 | कृष्ण | पौष | 17 दिस, 21:28 | 18 दिस, 19:07 | — |
समय टोरंटो के अनुसार हैं। जिस पंक्ति पर क्षय तिथि लिखा है, वह तिथि किसी सूर्योदय पर नहीं थी — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो गई, और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। जिस पर अगले दिन भी मान्य लिखा है, वहाँ तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, इसलिए दो परंपराएँ दो अलग दिन लेती हैं।
षष्ठी जनवरी 2027
जनवरी 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 13 जनवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, पौष। तिथि 13 जन, 02:32 → 14 जन, 03:29
- बुधवार, 27 जनवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, माघ। तिथि 26 जन, 18:04 → 27 जन, 17:24
षष्ठी फ़रवरी 2027
फ़रवरी 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027 — शुक्ल पक्ष, माघ। तिथि 11 फ़र, 16:49 → 12 फ़र, 16:30
- शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027 — कृष्ण पक्ष, फाल्गुन। तिथि 25 फ़र, 09:48 → 26 फ़र, 10:13
षष्ठी मार्च 2027
मार्च 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 13 मार्च 2027 — शुक्ल पक्ष, फाल्गुन। तिथि 13 मार्च, 03:25 → 14 मार्च, 02:02
- शनिवार, 27 मार्च 2027 — कृष्ण पक्ष, चैत्र। तिथि 27 मार्च, 04:03 → 28 मार्च, 05:36
षष्ठी अप्रैल 2027
अप्रैल 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- सोमवार, 12 अप्रैल 2027 — शुक्ल पक्ष, चैत्र। तिथि 11 अप्रै, 12:10 → 12 अप्रै, 10:05
- सोमवार, 26 अप्रैल 2027 — कृष्ण पक्ष, वैशाख। तिथि 25 अप्रै, 22:07 → 27 अप्रै, 00:27
षष्ठी मई 2027
मई 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 11 मई 2027 — शुक्ल पक्ष, वैशाख। तिथि 10 मई, 18:18 → 11 मई, 15:54
- बुधवार, 26 मई 2027 — कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 25 मई, 16:01 → 26 मई, 18:35
षष्ठी जून 2027
जून 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- बुधवार, 9 जून 2027 — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ। तिथि 9 जून, 00:06 → 9 जून, 21:42
- शुक्रवार, 25 जून 2027 — कृष्ण पक्ष, आषाढ़। तिथि 24 जून, 08:41 → 25 जून, 10:47
षष्ठी जुलाई 2027
जुलाई 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 8 जुलाई 2027 — शुक्ल पक्ष, आषाढ़। तिथि 8 जुला, 06:38 → 9 जुला, 04:34 (क्षय तिथि)
- शनिवार, 24 जुलाई 2027 — कृष्ण पक्ष, श्रावण। तिथि 23 जुला, 23:12 → 25 जुला, 00:23
षष्ठी अगस्त 2027
अगस्त 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शनिवार, 7 अगस्त 2027 — शुक्ल पक्ष, श्रावण। तिथि 6 अग, 14:53 → 7 अग, 13:31
- सोमवार, 23 अगस्त 2027 — कृष्ण पक्ष, भाद्रपद। तिथि 22 अग, 11:16 → 23 अग, 11:23
षष्ठी सितंबर 2027
सितंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- रविवार, 5 सितंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, भाद्रपद। तिथि 5 सित, 01:48 → 6 सित, 01:28
- मंगलवार, 21 सितंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, आश्विन। तिथि 20 सित, 21:13 → 21 सित, 20:22
षष्ठी अक्तूबर 2027
अक्तूबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- मंगलवार, 5 अक्तूबर 2027 — शुक्ल पक्ष, आश्विन। तिथि 4 अक्टू, 16:07 → 5 अक्टू, 17:03
- बुधवार, 20 अक्तूबर 2027 — कृष्ण पक्ष, कार्तिक। तिथि 20 अक्टू, 05:49 → 21 अक्टू, 04:13
षष्ठी नवंबर 2027
नवंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- गुरुवार, 4 नवंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, कार्तिक। तिथि 3 नव, 10:02 → 4 नव, 12:09
- शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 18 नव, 12:57 → 19 नव, 10:51
षष्ठी दिसंबर 2027
दिसंबर 2027 में षष्ठी 2 बार पड़ती है।
- शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027 — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष। तिथि 3 दिस, 05:44 → 4 दिस, 08:26 (अगले दिन भी मान्य)
- शनिवार, 18 दिसंबर 2027 — कृष्ण पक्ष, पौष। तिथि 17 दिस, 21:28 → 18 दिस, 19:07
षष्ठी का दिन कैसे तय होता है
तिथि एक चंद्रमास का तीसवाँ भाग है — चंद्रमा का सूर्य से 12° आगे बढ़ना — इसलिए यह औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, जबकि दिन 24 घंटे का। इसीलिए तिथि लगभग कभी सूर्योदय पर आरंभ नहीं होती। यह पृष्ठ सामान्य नियम मानता है: सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, दिन उसी का कहलाता है। ऊपर की तालिका में इसके दो परिणाम दिखते हैं और दोनों त्रुटि नहीं हैं। जब कोई तिथि लगातार दो सूर्योदय पर चलती है, तब दोनों दिन सचमुच उसके होते हैं और परंपराएँ बँट जाती हैं। जब वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती, तब वह क्षय तिथि है और व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन वह चली। आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं; दिन उनकी व्याख्या है।
अन्य शहर
कोई तिथि किस दिन की कहलाएगी यह सूर्योदय तय करता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए दो शहरों में केवल समय ही नहीं, दिन भी अलग हो सकता है।
यह तालिका आपके चुने शहर के लिए फिर से गणना होती है। ये लिंक इसी पृष्ठ के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से अनुक्रमित न करने को कहता है।
2027 की अन्य तिथियाँ
संबंधित पंचांग पृष्ठ
सामान्य प्रश्न
षष्ठी कब है 2027 में?
2027 में अगली षष्ठी बुधवार, 13 जनवरी 2027 को है। तिथि 13 जन, 02:32 → 14 जन, 03:29 तक चलती है (टोरंटो के समय अनुसार)। पूरे वर्ष की 24 तिथियाँ ऊपर तालिका में दी गई हैं।
2027 में षष्ठी कितनी बार आती है?
24 बार — शुक्ल पक्ष में 12 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे पड़ते हैं, और अधिक मास इसे और बदल देता है।
शुक्ल षष्ठी और कृष्ण षष्ठी में क्या अंतर है?
दोनों एक ही तिथि संख्या हैं, अलग पक्ष की। शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद का उजाला पखवाड़ा है और कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद का। षष्ठी हर चंद्रमास में दो बार आती है, एक बार प्रत्येक पक्ष में, और ऊपर की तालिका में पक्ष का स्तंभ बताता है कि कौन-सी कौन है।
मेरे कैलेंडर में षष्ठी की तारीख अलग क्यों है?
क्योंकि तिथि शायद ही कभी सूर्योदय पर आरंभ या समाप्त होती है। जब वह दो दिन के सूर्योदय पर चल रही हो, या किसी पर भी न हो, तब परंपराएँ बँट जाती हैं। ऊपर दिए आरंभ और समाप्ति के क्षण खगोल हैं और उन पर विवाद नहीं — दिन उनकी व्याख्या है, और यह पृष्ठ बताता है कि उसने कौन-सी व्याख्या ली।
क्या षष्ठी पूरे भारत में एक ही दिन होती है?
हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय से तय होता है और भारत में सूर्योदय एक घंटे से अधिक अंतर रखता है, इसलिए एक तिथि जो टोरंटो में सूर्योदय के ठीक बाद समाप्त होती है, पश्चिम के किसी शहर में उससे पहले समाप्त हो सकती है और दिन बदल जाता है। ऊपर शहर बदलकर देखिए।
षष्ठी को और किन नामों से खोजा जाता है?
षष्ठी तिथि, छठ — ये सब एक ही तिथि हैं। इस पृष्ठ का पता एक ही है ताकि उत्तर एक जगह रहे।
क्षय षष्ठी क्या होती है?
2027 में 1 बार षष्ठी क्षय तिथि है: गुरुवार, 8 जुलाई 2027। क्षय तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छूती — वह एक सूर्योदय के बाद आरंभ होकर अगले से पहले समाप्त हो जाती है। व्रत फिर भी रखा जाता है, उसी दिन जिस दिन वह चली, पर सामान्य सूर्योदय नियम वहाँ लागू नहीं होता।