कृष्ण पक्ष · अष्टमी तिथि · कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत)
अहोई अष्टमी 2026 कब है?
2026 में अहोई अष्टमी रविवार, 1 नवंबर को है। सिंगापुर में तारे 19:11 बजे दिखेंगे, तभी व्रत खोला जाता है; चंद्रोदय 2 नवंबर, 01:00 पर है।
अहोई अष्टमी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह पूर्णिमांत गणना में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। दक्षिण और पश्चिम भारत की अमांत गणना में यही तिथि आश्विन कृष्ण अष्टमी कहलाती है — दिन वही है, केवल महीने का नाम अलग। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
तारे और चंद्रोदय · रविवार, 1 नवंबर 2026
अहोई अष्टमी 2026: शहर के अनुसार तारे देखने और चाँद निकलने का समय
अहोई अष्टमी की शाम हर शहर में पहले तारे कब दिखेंगे (सिविल ट्वाइलाइट का अंत) और चाँद कब निकलेगा — उसी शहर के लिए गणना करके। आधी रात के बाद का चंद्रोदय तारीख के साथ लिखा है, और वह भी पिछली शाम का ही गिना जाता है।
| शहर | तारे दिखने का समय | चंद्रोदय |
|---|---|---|
| आगरा | 17:58 | 23:35 |
| अहमदाबाद | 18:24 | 2 नवंबर, 00:05 |
| अजमेर | 18:13 | 23:50 |
| अलीगढ़ | 17:57 | 23:33 |
| अमृतसर | 18:06 | 23:39 |
| आणंद | 18:23 | 2 नवंबर, 00:05 |
| बेंगलुरु | 18:14 | 2 नवंबर, 00:01 |
| भावनगर | 18:27 | 2 नवंबर, 00:09 |
| भोपाल | 18:05 | 23:45 |
| भुवनेश्वर | 17:34 | 23:15 |
| बीकानेर | 18:16 | 23:53 |
| चंडीगढ़ | 17:59 | 23:33 |
| चेन्नई | 18:04 | 23:50 |
| कोयंबटूर | 18:19 | 2 नवंबर, 00:07 |
| देहरादून | 17:55 | 23:28 |
| फ़रीदाबाद | 18:00 | 23:35 |
| गांधीनगर | 18:24 | 2 नवंबर, 00:05 |
| गाज़ियाबाद | 17:59 | 23:34 |
| गोवा | 18:27 | 2 नवंबर, 00:13 |
| ग्रेटर नोएडा | 17:59 | 23:34 |
| गुंटूर | 18:00 | 23:44 |
| गुरुग्राम | 18:01 | 23:36 |
| गुवाहाटी | 17:05 | 22:39 |
| ग्वालियर | 17:59 | 23:36 |
| हरिद्वार | 17:55 | 23:29 |
| हैदराबाद | 18:06 | 23:50 |
| इंदौर | 18:12 | 23:52 |
| जबलपुर | 17:55 | 23:34 |
| जयपुर | 18:08 | 23:45 |
| जालंधर | 18:04 | 23:37 |
| जम्मू | 18:05 | 23:37 |
| जामनगर | 18:35 | 2 नवंबर, 00:17 |
| जमशेदपुर | 17:30 | 23:09 |
| जोधपुर | 18:19 | 23:57 |
| कानपुर | 17:50 | 23:26 |
| कन्याकुमारी | 18:19 | 2 नवंबर, 00:09 |
| कोच्चि | 18:23 | 2 नवंबर, 00:11 |
| कोल्हापुर | 18:24 | 2 नवंबर, 00:09 |
| कोलकाता | 17:22 | 23:00 |
| कोल्लम | 18:22 | 2 नवंबर, 00:11 |
| कोटा | 18:09 | 23:47 |
| लखनऊ | 17:47 | 23:23 |
| लुधियाना | 18:03 | 23:36 |
| मदुरै | 18:15 | 2 नवंबर, 00:04 |
| मंगलुरु | 18:25 | 2 नवंबर, 00:13 |
| मेरठ | 17:58 | 23:32 |
| मुंबई | 18:27 | 2 नवंबर, 00:11 |
| मैसूरु | 18:19 | 2 नवंबर, 00:06 |
| नागपुर | 18:00 | 23:41 |
| नाशिक | 18:23 | 2 नवंबर, 00:05 |
| नई दिल्ली | 18:00 | 23:35 |
| नोएडा | 17:59 | 23:35 |
| पटना | 17:32 | 23:08 |
| प्रयागराज | 17:45 | 23:22 |
| पुदुच्चेरी | 18:07 | 23:53 |
| पुणे | 18:24 | 2 नवंबर, 00:08 |
| पुरी | 17:35 | 23:16 |
| रायपुर | 17:50 | 23:30 |
| राजकोट | 18:32 | 2 नवंबर, 00:14 |
| राँची | 17:33 | 23:11 |
| ऋषिकेश | 17:54 | 23:28 |
| सेलम | 18:14 | 2 नवंबर, 00:01 |
| श्रीनगर | 18:04 | 23:34 |
| सूरत | 18:25 | 2 नवंबर, 00:07 |
| ठाणे | 18:27 | 2 नवंबर, 00:10 |
| तिरुवनंतपुरम | 18:21 | 2 नवंबर, 00:11 |
| तिरुचिरापल्ली | 18:12 | 2 नवंबर, 00:00 |
| तिरुपति | 18:06 | 23:52 |
| उदयपुर | 18:18 | 23:58 |
| उज्जैन | 18:11 | 23:51 |
| वडोदरा | 18:23 | 2 नवंबर, 00:04 |
| वाराणसी | 17:40 | 23:18 |
| विजयवाड़ा | 17:59 | 23:43 |
| विशाखापत्तनम | 17:47 | 23:30 |
| वारंगल | 18:01 | 23:45 |
शहर बदलें
इस पेज का हर समय सिंगापुर के लिए निकाला गया है।
सभी शहर देखें
भारत के बाहर
नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
सिंगापुर के लिए गणना
अहोई अष्टमी 2026: तारीख और तिथि का समय
रविवार, 1 नवंबर 2026
| समय | सिंगापुर | क्या है |
|---|---|---|
| तारे दिखने का समय — व्रत खोलने का समय | 19:11 | सिविल ट्वाइलाइट का अंत, जब सूर्य क्षितिज से छह अंश नीचे होता है और पहले तारे दिखते हैं; तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। |
| अहोई माता पूजा (शाम) | 18:50 से 21:14 | प्रदोष काल, सूर्यास्त के बाद का समय, जब तक अष्टमी चल रही हो। |
| चंद्रोदय | 2 नवंबर, 01:00 | उन परिवारों के लिए जो तारों के बजाय चाँद देखकर व्रत खोलते हैं। |
- तिथि
- अष्टमी, कृष्ण पक्ष
- हिंदू मास
- कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत)
- तिथि आरंभ
- 1 नवंबर, 17:22
- तिथि समाप्त
- 2 नवंबर, 15:41
- दिन का निर्णय
- चंद्रोदय (उसी रात)
- सिंगापुर में चंद्रोदय (उसी रात)
- 2 नवंबर, 01:00
ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: अहोई अष्टमी का निर्णय उस रात चाँद निकलने के समय (आधी रात के बाद भी) चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके चंद्रोदय (उसी रात) पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।
अर्थ और परंपरा
अहोई अष्टमी क्या है, और व्रत कब खोला जाता है?
अहोई अष्टमी माताएँ अपनी संतान के लिए रखती हैं। यह उत्तर भारत की गणना में कार्तिक कृष्ण अष्टमी है — करवा चौथ के चार दिन बाद और दिवाली से लगभग एक सप्ताह पहले। दीवार पर अहोई माता और सात पुत्रों की कथा का चित्र बनाया जाता है, या छपा हुआ कैलेंडर लगाया जाता है, और शाम को पूजा होती है।
- व्रत सूर्योदय से शाम तक रहता है। अधिकतर परिवार पहले तारे दिखने पर उन्हें जल (अर्घ्य) देकर व्रत खोलते हैं; कुछ चंद्रमा की प्रतीक्षा करते हैं, जो इस रात लगभग आधी रात को निकलता है। दोनों समय ऊपर आपके शहर के लिए निकाले गए हैं।
- तारीख वह दिन है जिसके चंद्रोदय पर अष्टमी हो — यही नियम 2014 से 2036 तक हर साल द्रिक पंचांग की तारीख देता है। आधी रात के बाद निकलने वाला चाँद भी पिछली शाम का ही गिना जाता है, क्योंकि हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है।
- दक्षिण और पश्चिम भारत की अमांत गणना में यही दिन आश्विन कृष्ण अष्टमी कहलाता है — महीने का नाम अलग है, दिन वही।
- ब्रज में यही रात बहुलाष्टमी है, जब गोवर्धन में राधा कुंड में आधी रात को स्नान होता है।
मुहूर्त · सिंगापुर
अहोई अष्टमी 2026 अहोई माता पूजा मुहूर्त
18:50 से 21:14
अहोई अष्टमी का दिन उस रात के चंद्रोदय पर अष्टमी से तय होता है, पर पूजा शाम को होती है — इसलिए मुहूर्त प्रदोष काल है, सूर्यास्त के बाद का समय, जब तक अष्टमी तिथि चल रही हो। व्रत तारे दिखने पर खोला जाता है; उसका समय ऊपर दिया है।
उस दिन के शुभ समय
| मुहूर्त | सिंगापुर में समय | प्रकृति |
|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:24 से 13:12 | शुभ |
| अमृत काल | 00:55 से 02:26 | सर्वाधिक शुभ |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:10 से 05:58 | शुभ |
जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं
मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।
| अवधि | सिंगापुर में समय |
|---|---|
| राहु काल | 17:19 से 18:50 |
| यमगण्ड काल | 12:48 से 14:18 |
| दुर्मुहूर्त (पहला) | 17:13 से 18:02 |
| वर्ज्यम् | 15:46 से 17:18 |
ऊपर का हर समय सिंगापुर के लिए रविवार, 1 नवंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।
आने वाले वर्षों में अहोई अष्टमी की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति सिंगापुर के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | रविवार, 1 नवंबर 2026 | आने वाली |
| 2027 | शुक्रवार, 22 अक्तूबर 2027 | आने वाली |
| 2028 | बुधवार, 11 अक्तूबर 2028 | आने वाली |
पंचांगों में अहोई अष्टमी की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग अहोई अष्टमी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: अहोई अष्टमी का निर्णय चंद्रोदय (उसी रात) से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — रविवार, 18 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- दशहरा (विजयादशमी) — बुधवार, 21 अक्तूबर 2026
- पापांकुशा एकादशी — गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — रविवार, 25 अक्तूबर 2026
- करवा चौथ — गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026
संबंधित पेज
- आज चाँद कब निकलेगा — चंद्रोदय समय
- एकादशी कब है — अगली तारीख और पारण
- पूर्णिमा कब है — अगला पूर्ण चंद्र
- अमावस्या कब है — अगली अमावस्या
- 2026 के सभी त्योहार और व्रत
- आज कौन-सा त्योहार है
- आज का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- आज का शुभ मुहूर्त
- चौघड़िया — दिन और रात के मुहूर्त
- आज का राहु काल
- पूरा व्रत और त्योहार कैलेंडर (अंग्रेज़ी)
अहोई अष्टमी से जुड़े सामान्य प्रश्न
2026 में अहोई अष्टमी कब है?
2026 में अहोई अष्टमी रविवार, 1 नवंबर को है। सिंगापुर में तारे 19:11 बजे दिखेंगे, तभी व्रत खोला जाता है; चंद्रोदय 2 नवंबर, 01:00 पर है।
अहोई अष्टमी की तिथि क्या है?
कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि। सिंगापुर में यह तिथि 1 नवंबर, 17:22 से 2 नवंबर, 15:41 तक है, और अहोई अष्टमी का दिन उस रात चाँद निकलने के समय (आधी रात के बाद भी) चल रही तिथि से तय होता है।
सिंगापुर में अहोई अष्टमी का शुभ मुहूर्त क्या है?
1 नवंबर को 18:50 से 21:14 तक। यह प्रदोष काल और अष्टमी तिथि का मेल है, सिंगापुर के लिए निकाला गया — अवधि आपके शहर के सूर्यास्त के साथ बदलती है, और तिथि उसके बीच में भी ख़त्म हो सकती है।
सिंगापुर में अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे दिखेंगे?
19:11 बजे, सिंगापुर के लिए निकाला गया। यह सिविल ट्वाइलाइट का अंत है — सूर्य क्षितिज से छह अंश नीचे, जब पहले तारे दिखते हैं — और तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। यह समय आपके शहर के सूर्यास्त के साथ बदलता है, भारत में एक घंटे से भी ज़्यादा।
सिंगापुर में अहोई अष्टमी पर चाँद कितने बजे निकलेगा?
2 नवंबर, 01:00 पर, सिंगापुर के लिए निकाला गया। अहोई अष्टमी का दिन इसी चंद्रोदय पर चल रही अष्टमी तिथि से तय होता है; आधी रात के बाद निकलने वाला चाँद भी पिछली शाम का गिना जाता है, क्योंकि हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है।
दूसरे कैलेंडर में अहोई अष्टमी की तारीख अलग क्यों है?
मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।
अगले साल अहोई अष्टमी कब है?
2027 में शुक्रवार, 22 अक्तूबर; 2028 में बुधवार, 11 अक्तूबर।