अजा एकादशी 2027 कब है?

2027 में अजा एकादशी शुक्रवार, 27 अगस्त को है। न्यूयॉर्क में एकादशी तिथि 27 अगस्त, 05:55 से 28 अगस्त, 03:12 तक रहेगी। पारण 28 अगस्त को 08:26 से 08:58 तक है।

अजा एकादशी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना में यही तिथि भाद्रपद कृष्ण एकादशी कहलाती है — दिन वही है, केवल महीने का नाम अलग। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय न्यूयॉर्क के लिए निकाला गया है।

सभी शहर देखें

नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

अजा एकादशी 2027: तारीख और तिथि का समय

शुक्रवार, 27 अगस्त 2027

तिथि
एकादशी, कृष्ण पक्ष
हिंदू मास
भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत)
तिथि आरंभ
27 अगस्त, 05:55
तिथि समाप्त
28 अगस्त, 03:12
दिन का निर्णय
सूर्योदय
न्यूयॉर्क में सूर्योदय
27 अगस्त, 06:17

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: अजा एकादशी का निर्णय सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके सूर्योदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

अजा एकादशी 2027 शुभ मुहूर्त

अजा एकादशी का निर्णय सूर्योदय पर होता है, जो एक क्षण है, अवधि नहीं — इसलिए तिथि से मेल करने के लिए कोई अलग खिड़की नहीं बनती। दिन के सामान्य शुभ समय नीचे दिए हैं; जहाँ पर्व का अपना मुहूर्त नहीं होता, वहाँ प्रायः अभिजित मुहूर्त लिया जाता है।

उस दिन के शुभ समय

मुहूर्तन्यूयॉर्क में समयप्रकृति
अभिजित मुहूर्त 12:30 से 13:23 शुभ
अमृत काल 17:30 से 18:59 सर्वाधिक शुभ
ब्रह्म मुहूर्त 04:52 से 05:35 शुभ

जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं

मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।

अवधिन्यूयॉर्क में समय
राहु काल 11:17 से 12:57
यमगण्ड काल 16:16 से 17:56
दुर्मुहूर्त (पहला) 08:57 से 09:50
दुर्मुहूर्त (दूसरा) 13:23 से 14:17
वर्ज्यम् 08:38 से 10:07

ऊपर का हर समय न्यूयॉर्क के लिए शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।

अजा एकादशी 2027 पारण का समय

शनिवार, 28 अगस्त 2027, 08:26 से 08:58

पारण द्वादशी को होता है, और हरि वासर — द्वादशी का पहला चौथाई भाग, जो इस बार 28 अगस्त, 08:26 पर समाप्त होता है — में व्रत नहीं खोला जाता। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) प्रातःकाल के भीतर समाप्त होता है, इसलिए पारण उसके ख़त्म होने के बाद से प्रातःकाल के अंत तक है।

व्रत के बारे में यहाँ दी गई बातें परंपरा का वर्णन हैं, चिकित्सा सलाह नहीं। गर्भावस्था, मधुमेह, बढ़ती उम्र या दवाइयों की स्थिति में व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

अजा एकादशी 2027: स्मार्त और वैष्णव तारीख

उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना में अजा एकादशी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है, और दक्षिण व पश्चिम भारत की अमांत गणना में श्रावण मास की। रात एक ही है — दोनों पद्धतियाँ कृष्ण पक्ष को अलग महीने के नाम से गिनती हैं।

इस पेज की तारीख (स्मार्त, सूर्योदय का नियम)
शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 — जिस दिन के सूर्योदय पर एकादशी तिथि है, व्रत उसी दिन का माना जाता है — यही दिन एस्ट्रोसेज और यह साइट देती है।
वैष्णव (इस्कॉन), अरुणोदय का नियम
शनिवार, 28 अगस्त 2027 — एकादशी 27 अग, 05:55 पर शुरू होती है — शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 के अरुणोदय (27 अग, 04:41) के बाद — इसलिए उस अरुणोदय पर दशमी है और एकादशी दशमी-विद्धा हो जाती है। वह अगले अरुणोदय से पहले 28 अग, 03:12 पर ख़त्म होती है, इसलिए वैष्णव व्रत अगले दिन होता है।

ऊपर का हर दिन न्यूयॉर्क के लिए उन्हीं तिथि-क्षणों से निकाला गया है। इस्कॉन मंदिर हर शहर के लिए अपना कैलेंडर छापते हैं और कुछ वर्षों में महाद्वादशी के नियम से व्रत द्वादशी पर भी ले जाते हैं — आपके मंदिर का कैलेंडर अलग हो तो उसी का पालन करें।

अजा एकादशी व्रत कथा और महत्व

अन्य नाम: अन्नदा एकादशी।

अजा एकादशी पूर्णिमांत गणना में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी है — अमांत गणना में श्रावण कृष्ण — जन्माष्टमी के कुछ दिन बाद। इसे अन्नदा एकादशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है, और इसकी कथा राजा हरिश्चंद्र की है, इसलिए यह दिन हर हानि में भी सत्य पर टिके रहने और खोया हुआ वापस पाने की आशा से जुड़ा है।

अजा एकादशी की कथा

संक्षेप में, अपने शब्दों में — स्रोत: ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया एकादशी माहात्म्य।

अयोध्या के राजा हरिश्चंद्र अपने वचन से कभी न हटने के लिए प्रसिद्ध थे। अपना पूरा राज्य दान का वचन देकर उन्होंने उसे निभाया, और बची हुई दक्षिणा चुकाने के लिए पत्नी तारामती और पुत्र रोहिताश्व को सेवा में बेचा और फिर स्वयं को एक चांडाल के हाथ बेच दिया, जिसने उन्हें श्मशान के काम पर लगा दिया।

बरसों उन्होंने वह काम किया — हर दाह-संस्कार का कर लेना, अपनों से दूर — और एक बार भी अपने वचन से नहीं हटे। पर दुख उन्हें घेरे रहता था, और वे सोचते थे कि यह कष्ट कब ख़त्म होगा।

एक दिन गौतम ऋषि उधर से निकले और हरिश्चंद्र ने उन्हें अपनी कथा सुनाई। ऋषि का मन भर आया। उन्होंने कहा कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी कुछ ही दिन दूर है; श्रद्धा से उसका व्रत रखो और रात भर जागरण करो।

हरिश्चंद्र ने ठीक वैसे ही व्रत रखा। पुराण कहता है कि उसके पुण्य से उनकी परीक्षा पूरी हुई: उनका मृत पुत्र जीवित हो उठा, तारामती से मिलन हुआ और राज्य वापस मिल गया। श्रीकृष्ण कहते हैं कि यह व्रत अश्वमेध यज्ञ का पुण्य देता है, और इसकी कथा सुनना भी पुण्य है।

व्रत कैसे रखा जाता है

  • व्रत एकादशी के सूर्योदय से द्वादशी के पारण तक चलता है। बहुत से परिवार एक दिन पहले, दशमी की शाम, एक बार सादा भोजन करते हैं।
  • एकादशी को अन्न और चावल नहीं लिए जाते। जो पूरा उपवास नहीं रख पाते वे फल, दूध या फलाहार लेते हैं; निर्जल व्रत वही रखते हैं जिनकी परंपरा और स्वास्थ्य इसकी अनुमति दें।
  • भगवान विष्णु की पूजा तुलसी दल, दीप और उनके नामों से होती है; उस दिन की कथा पढ़ना या सुनना व्रत का अंग है, और कई लोग रात का कुछ भाग कीर्तन या जप में जागकर बिताते हैं।
  • पारण द्वादशी को होता है, हरि वासर — द्वादशी का पहला चौथाई भाग — बीतने के बाद। आपके शहर का पारण समय ऊपर गणना करके दिया गया है।

उपवास के नियम यहाँ परंपरा के रूप में बताए गए हैं, चिकित्सकीय सलाह के रूप में नहीं। गर्भावस्था, मधुमेह, बढ़ती उम्र या किसी दवा के चलते उपवास से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

सभी एकादशी और उनकी अगली तारीख

साधारण वर्ष में चौबीस, और अधिक मास वाले वर्ष में दो और। हर एकादशी का अपना पेज है — कथा, पारण और स्मार्त-वैष्णव तारीख के साथ।

अगली एकादशी और उसका पारण · 2027 की सभी एकादशी — तिथि और पारण के समय के साथ

आने वाले वर्षों में अजा एकादशी की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति न्यूयॉर्क के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 सोमवार, 7 सितंबर 2026 बीत गई
2027 शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 आने वाली
2028 बुधवार, 16 अगस्त 2028 आने वाली

पंचांगों में अजा एकादशी की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग अजा एकादशी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: अजा एकादशी का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

अजा एकादशी से जुड़े सामान्य प्रश्न

2027 में अजा एकादशी कब है?

2027 में अजा एकादशी शुक्रवार, 27 अगस्त को है। न्यूयॉर्क में एकादशी तिथि 27 अगस्त, 05:55 से 28 अगस्त, 03:12 तक रहेगी। पारण 28 अगस्त को 08:26 से 08:58 तक है।

अजा एकादशी की तिथि क्या है?

भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि। न्यूयॉर्क में यह तिथि 27 अगस्त, 05:55 से 28 अगस्त, 03:12 तक है, और अजा एकादशी का दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि से तय होता है।

अजा एकादशी का पारण कब करें?

शनिवार, 28 अगस्त 2027 को 08:26 से 08:58 तक। हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) प्रातःकाल के भीतर समाप्त होता है, इसलिए पारण उसके ख़त्म होने के बाद से प्रातःकाल के अंत तक है।

दूसरे कैलेंडर में अजा एकादशी की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल अजा एकादशी कब है?

2028 में बुधवार, 16 अगस्त।

अजा एकादशी क्यों रखी जाती है?

अजा एकादशी पूर्णिमांत गणना में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी है — अमांत गणना में श्रावण कृष्ण — जन्माष्टमी के कुछ दिन बाद। इसे अन्नदा एकादशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है, और इसकी कथा राजा हरिश्चंद्र की है, इसलिए यह दिन हर हानि में भी सत्य पर टिके रहने और खोया हुआ वापस पाने की आशा से जुड़ा है।

अजा एकादशी की व्रत कथा किस ग्रंथ में है?

कथा ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया एकादशी माहात्म्य में है। पूरी कथा ऊपर दी गई है।

क्या स्मार्त और वैष्णव अजा एकादशी अलग दिन है?

इस बार अलग है: स्मार्त तारीख शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 और वैष्णव (इस्कॉन) तारीख शनिवार, 28 अगस्त 2027। वैष्णव नियम एकादशी को अरुणोदय — सूर्योदय से 96 मिनट पहले — पर देखता है।