अगस्त 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त

अगस्त 2026 में भूमि पूजन के 9 शुभ मुहूर्त हैं: 14, 15, 17, 19, 24, 27, 28, 29 और 31 अगस्त। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को 03:42 – 06:03 (15 अगस्त) है।

  • इंदौर के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।

अगस्त 2026 भूमि पूजन मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
शुक्रवार, 14 अगस्त 202603:42 – 06:03 (15 अगस्त)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल तृतीया (14 अगस्त, 18:47 – 15 अगस्त, 17:29)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शनिवार, 15 अगस्त 202606:03 – 17:29उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल तृतीया (14 अगस्त, 18:47 – 15 अगस्त, 17:29)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 17 अगस्त 202606:03 – 06:04 (18 अगस्त)चित्रा, स्वातिशुक्ल पंचमी (16 अगस्त, 16:53 – 17 अगस्त, 17:00)
शुक्ल षष्ठी (17 अगस्त, 17:00 – 18 अगस्त, 17:51)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
बुधवार, 19 अगस्त 202606:04 – 06:47स्वातिशुक्ल सप्तमी (18 अगस्त, 17:51 – 19 अगस्त, 19:20)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 24 अगस्त 202620:28 – 06:06 (25 अगस्त)उत्तराषाढ़ाशुक्ल द्वादशी (24 अगस्त, 04:19 – 25 अगस्त, 06:21)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
गुरुवार, 27 अगस्त 202609:09 – 06:07 (28 अगस्त)धनिष्ठा, शतभिषापूर्णिमा (27 अगस्त, 09:09 – 28 अगस्त, 09:48)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शुक्रवार, 28 अगस्त 202606:07 – 09:48शतभिषापूर्णिमा (27 अगस्त, 09:09 – 28 अगस्त, 09:48)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शनिवार, 29 अगस्त 202603:42 – 06:08 (30 अगस्त)उत्तर भाद्रपदाकृष्ण द्वितीया (29 अगस्त, 09:57 – 30 अगस्त, 09:37)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 31 अगस्त 202606:08 – 08:51रेवतीकृष्ण तृतीया (30 अगस्त, 09:37 – 31 अगस्त, 08:51)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन

ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।

तारीखग्रहसूर्य से दूरीमुहूर्त
शनिवार, 1 अगस्त 2026गुरु1.8° (सीमा 11°)05:57 – 20:45
सोमवार, 3 अगस्त 2026गुरु3.3° (सीमा 11°)05:58 – 05:58 (4 अगस्त)
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026गुरु6.3° (सीमा 11°)18:43 – 06:00 (8 अगस्त)
शनिवार, 8 अगस्त 2026गुरु7.0° (सीमा 11°)06:00 – 06:00 (9 अगस्त)

अगस्त 2026 में वर्जित अवधि

  • गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है

भूमि पूजन मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
  • सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्तूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
  • अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, इंदौर के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।

भूमि पूजन मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार भूमि पूजन मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या अगस्त 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त है?

हाँ, 9 दिन: 14, 15, 17, 19, 24, 27, 28, 29 और 31 अगस्त।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

03:42 – 06:03 (15 अगस्त) — इंदौर के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।

अगस्त 2026 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?

गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को।

कुछ पंचांग अगस्त 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?

1, 3, 7 और 8 अगस्त बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय गुरु अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।