मुहूर्त कैलेंडर · कोलकाता
दिसंबर 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त
दिसंबर 2026 में भूमि पूजन के 7 शुभ मुहूर्त हैं: 2, 3, 4, 5, 11, 12 और 14 दिसंबर। पहला मुहूर्त बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को 22:52 – 06:00 (3 दिसंबर) है।
- कोलकाता के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
दिसंबर 2026 भूमि पूजन मुहूर्त की तारीखें और समय
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 2 दिसंबर 2026 | 22:52 – 06:00 (3 दिसंबर) | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण दशमी (2 दिसंबर, 22:52 – 3 दिसंबर, 23:04) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 | 06:00 – 06:01 (4 दिसंबर) | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण दशमी (2 दिसंबर, 22:52 – 3 दिसंबर, 23:04) कृष्ण एकादशी (3 दिसंबर, 23:04 – 4 दिसंबर, 23:45) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 | 06:01 – 06:02 (5 दिसंबर) | हस्त, चित्रा | कृष्ण एकादशी (3 दिसंबर, 23:04 – 4 दिसंबर, 23:45) कृष्ण द्वादशी (4 दिसंबर, 23:45 – 6 दिसंबर, 00:52) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 5 दिसंबर 2026 | 06:02 – 06:02 (6 दिसंबर) | चित्रा, स्वाति | कृष्ण द्वादशी (4 दिसंबर, 23:45 – 6 दिसंबर, 00:52) कृष्ण त्रयोदशी (6 दिसंबर, 00:52 – 7 दिसंबर, 02:22) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026 | 03:04 – 06:06 (12 दिसंबर) | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया (11 दिसंबर, 11:23 – 12 दिसंबर, 14:06) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 12 दिसंबर 2026 | 06:06 – 14:06 | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया (11 दिसंबर, 11:23 – 12 दिसंबर, 14:06) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 14 दिसंबर 2026 | 09:12 – 06:08 (15 दिसंबर) | धनिष्ठा | शुक्ल पंचमी (13 दिसंबर, 16:48 – 14 दिसंबर, 19:16) शुक्ल षष्ठी (14 दिसंबर, 19:16 – 15 दिसंबर, 21:19) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
दिसंबर 2026 में वर्जित अवधि
- सूर्य 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक धनु राशि में है
भूमि पूजन मुहूर्त के नियम
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्तूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, कोलकाता के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
महीनेवार भूमि पूजन मुहूर्त 2026
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
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सामान्य प्रश्न
क्या दिसंबर 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 7 दिन: 2, 3, 4, 5, 11, 12 और 14 दिसंबर।
बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
22:52 – 06:00 (3 दिसंबर) — कोलकाता के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।
दिसंबर 2026 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
2026 में इसके बाद कोई नहीं।