मुहूर्त कैलेंडर · सूरत
अक्तूबर 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त
अक्तूबर 2026 में भूमि पूजन के 2 शुभ मुहूर्त हैं: 30 और 31 अक्तूबर। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2026 को 06:40 – 09:04 है।
- सूरत के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
अक्तूबर 2026 भूमि पूजन मुहूर्त की तारीखें और समय
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2026 | 06:40 – 09:04 | मृगशिरा | कृष्ण पंचमी (29 अक्तूबर, 22:10 – 30 अक्तूबर, 19:25) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 31 अक्तूबर 2026 | 05:39 – 06:41 (1 नवंबर) | पुष्य | कृष्ण सप्तमी (31 अक्तूबर, 16:57 – 1 नवंबर, 14:52) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| बुधवार, 21 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 3.4° (सीमा 8°) | 06:36 – 06:36 (22 अक्तूबर) |
| गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 1.8° (सीमा 8°) | 06:36 – 20:49 |
| शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 0.2° (सीमा 8°) | 21:03 – 06:37 (24 अक्तूबर) |
| शनिवार, 24 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 0.2° (सीमा 8°) | 06:37 – 13:37 |
| बुधवार, 28 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 6.2° (सीमा 8°) | 13:26 – 01:07 (29 अक्तूबर) |
| गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 7.8° (सीमा 8°) | 22:10 – 06:40 (30 अक्तूबर) |
अक्तूबर 2026 में वर्जित अवधि
- सूर्य 17 सितंबर 2026 से 17 अक्तूबर 2026 तक कन्या राशि में है
- शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है
भूमि पूजन मुहूर्त के नियम
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्तूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, सूरत के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
महीनेवार भूमि पूजन मुहूर्त 2026
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
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सामान्य प्रश्न
क्या अक्तूबर 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 2 दिन: 30 और 31 अक्तूबर।
शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
06:40 – 09:04 — सूरत के समय अनुसार, मृगशिरा नक्षत्र में।
अक्तूबर 2026 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
बुधवार, 4 नवंबर 2026 को।
कुछ पंचांग अक्तूबर 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?
21, 22, 23, 24, 28 और 29 अक्तूबर बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।