मुहूर्त कैलेंडर · लंदन
भूमि पूजन मुहूर्त 2026 — घर बनाने की शुभ तारीखें
2026 में भूमि पूजन के 57 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें से 20 अभी बाकी हैं — अगला गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026 को 16:40 – 03:34 (30 अक्तूबर) है।
- लंदन के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
2026 में महीनेवार भूमि पूजन मुहूर्त
| महीना | संख्या | तारीखें | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 0 | — | शुक्र अस्त · धनु में सूर्य |
| फ़रवरी | 7 | 18, 19, 20, 21, 25, 27, 28 | अस्त के कारण 5 दिन छोड़े गए |
| मार्च | 6 | 4, 5, 6, 7, 9, 13 | |
| अप्रैल | 5 | 15, 20, 27, 29, 30 | |
| मई | 7 | 1, 2, 7, 8, 11, 13, 14 | |
| जून | 0 | — | अधिक ज्येष्ठ · मिथुन में सूर्य |
| जुलाई | 0 | — | मिथुन में सूर्य · गुरु अस्त |
| अगस्त | 7 | 14, 15, 17, 24, 26, 27, 29 | अस्त के कारण 4 दिन छोड़े गए |
| सितंबर | 5 | 3, 7, 11, 12, 14 | |
| अक्तूबर | 2 | 29, 31 | अस्त के कारण 5 दिन छोड़े गए |
| नवंबर | 11 | 4, 5, 6, 14, 16, 19, 20, 21, 25, 26, 28 | |
| दिसंबर | 7 | 2, 3, 4, 5, 11, 12, 14 |
जनवरी 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है और सूर्य 15 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक धनु राशि में है।
फ़रवरी 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 18 फ़रवरी 2026 | 11:28 – 15:46 | शतभिषा | शुक्ल द्वितीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 | 15:22 – 07:04 (20 फ़रवरी) | उत्तर भाद्रपदा | शुक्ल तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026 | 07:04 – 09:08 | उत्तर भाद्रपदा | शुक्ल तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 21 फ़रवरी 2026 | 07:31 – 13:37 | रेवती | शुक्ल पंचमी (क्षय) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 | 21:11 – 06:41 (26 फ़रवरी) | मृगशिरा | शुक्ल दशमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026 | 04:05 – 06:47 (28 फ़रवरी) | पुष्य | शुक्ल द्वादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 | 06:47 – 03:04 (1 मार्च) | पुष्य | शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
मार्च 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 4 मार्च 2026 | 11:19 – 06:36 (5 मार्च) | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण द्वितीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 5 मार्च 2026 | 06:36 – 06:34 (6 मार्च) | हस्त, चित्रा | कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 6 मार्च 2026 | 06:34 – 12:23 | चित्रा | कृष्ण तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 7 मार्च 2026 | 13:47 – 06:30 (8 मार्च) | स्वाति | कृष्ण पंचमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 9 मार्च 2026 | 10:41 – 06:25 (10 मार्च) | अनुराधा | कृष्ण षष्ठी → कृष्ण सप्तमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 13 मार्च 2026 | 21:33 – 06:16 (14 मार्च) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण दशमी → कृष्ण एकादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
अप्रैल 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 15 अप्रैल 2026 | 10:52 – 18:01 | उत्तर भाद्रपदा | कृष्ण त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 20 अप्रैल 2026 | 23:45 – 05:52 (21 अप्रैल) | मृगशिरा | शुक्ल पंचमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 27 अप्रैल 2026 | 16:48 – 05:37 (28 अप्रैल) | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल द्वादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| बुधवार, 29 अप्रैल 2026 | 05:36 – 15:22 | हस्त | शुक्ल त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 | 16:43 – 05:32 (1 मई) | चित्रा, स्वाति | पूर्णिमा | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
मई 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 1 मई 2026 | 05:32 – 18:23 | स्वाति | पूर्णिमा | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 2 मई 2026 | 02:40 – 05:28 (3 मई) | अनुराधा | कृष्ण द्वितीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 7 मई 2026 | 14:15 – 05:19 (8 मई) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण षष्ठी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 8 मई 2026 | 05:19 – 16:50 | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण षष्ठी → कृष्ण सप्तमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 11 मई 2026 | 10:55 – 20:58 | शतभिषा | कृष्ण दशमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| बुधवार, 13 मई 2026 | 05:11 – 05:09 (14 मई) | उत्तर भाद्रपदा, रेवती | कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 14 मई 2026 | 05:09 – 18:04 | रेवती | कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी (क्षय) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
जून 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 16 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है और सूर्य 15 जून 2026 से 16 जुलाई 2026 तक मिथुन राशि में है।
जुलाई 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
सूर्य 15 जून 2026 से 16 जुलाई 2026 तक मिथुन राशि में है और गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
अगस्त 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 | 23:12 – 05:45 (15 अगस्त) | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 15 अगस्त 2026 | 05:45 – 12:59 | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 17 अगस्त 2026 | 05:48 – 05:50 (18 अगस्त) | चित्रा, स्वाति | शुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 24 अगस्त 2026 | 15:58 – 06:01 (25 अगस्त) | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| बुधवार, 26 अगस्त 2026 | 04:39 – 06:04 (27 अगस्त) | धनिष्ठा | पूर्णिमा | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 27 अगस्त 2026 | 06:04 – 05:18 (28 अगस्त) | धनिष्ठा, शतभिषा | पूर्णिमा | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 29 अगस्त 2026 | 23:12 – 06:09 (30 अगस्त) | उत्तर भाद्रपदा | कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
सितंबर 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| गुरुवार, 3 सितंबर 2026 | 19:59 – 21:55 | रोहिणी | कृष्ण सप्तमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 7 सितंबर 2026 | 13:44 – 06:23 (8 सितंबर) | पुष्य | कृष्ण द्वादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 | 03:16 – 06:30 (12 सितंबर) | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल द्वितीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 12 सितंबर 2026 | 06:30 – 06:31 (13 सितंबर) | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | शुक्ल द्वितीया → शुक्ल तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 14 सितंबर 2026 | 03:14 – 06:35 (15 सितंबर) | स्वाति | शुक्ल पंचमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
अक्तूबर 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026 | 16:40 – 03:34 (30 अक्तूबर) | मृगशिरा | कृष्ण पंचमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 31 अक्तूबर 2026 | 00:09 – 06:53 (1 नवंबर) | पुष्य | कृष्ण सप्तमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
नवंबर 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 4 नवंबर 2026 | 22:00 – 07:00 (5 नवंबर) | उत्तरा फाल्गुनी | कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 5 नवंबर 2026 | 07:00 – 07:02 (6 नवंबर) | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | 07:02 – 05:18 (7 नवंबर) | हस्त, चित्रा | कृष्ण त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 14 नवंबर 2026 | 14:54 – 07:18 (15 नवंबर) | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 16 नवंबर 2026 | 20:47 – 22:50 | धनिष्ठा | शुक्ल सप्तमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 19 नवंबर 2026 | 01:26 – 07:26 (20 नवंबर) | उत्तर भाद्रपदा | शुक्ल दशमी → शुक्ल एकादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 | 07:26 – 07:28 (21 नवंबर) | उत्तर भाद्रपदा, रेवती | शुक्ल एकादशी → शुक्ल द्वादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 21 नवंबर 2026 | 07:28 – 00:25 (22 नवंबर) | रेवती | शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| बुधवार, 25 नवंबर 2026 | 11:20 – 07:36 (26 नवंबर) | रोहिणी, मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 26 नवंबर 2026 | 07:36 – 12:17 | मृगशिरा | कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया (क्षय) | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 28 नवंबर 2026 | 07:39 – 05:29 (29 नवंबर) | पुष्य | कृष्ण पंचमी → कृष्ण षष्ठी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
दिसंबर 2026 भूमि पूजन मुहूर्त
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 2 दिसंबर 2026 | 17:22 – 07:46 (3 दिसंबर) | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | कृष्ण दशमी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 | 07:46 – 07:47 (4 दिसंबर) | हस्त, चित्रा | कृष्ण दशमी → कृष्ण एकादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 | 07:47 – 07:48 (5 दिसंबर) | चित्रा, स्वाति | कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 5 दिसंबर 2026 | 07:48 – 07:49 (6 दिसंबर) | स्वाति | कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026 | 21:34 – 07:56 (12 दिसंबर) | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| शनिवार, 12 दिसंबर 2026 | 07:56 – 08:36 | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल तृतीया | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
| सोमवार, 14 दिसंबर 2026 | 07:58 – 07:59 (15 दिसंबर) | धनिष्ठा, शतभिषा | शुक्ल पंचमी → शुक्ल षष्ठी | गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में |
2026 में वर्जित सौर मास और अस्त
| अवधि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 26 नवंबर 2025, 06:21 | 17 फ़रवरी 2026, 09:38 |
| धनु राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 15 दिसंबर 2025, 22:50 | 14 जनवरी 2026, 09:37 |
| मीन राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 14 मार्च 2026, 19:33 | 14 अप्रैल 2026, 05:02 |
| अधिक ज्येष्ठ — अधिक मास (मलमास) | 16 मई 2026, 21:01 | 15 जून 2026, 03:54 |
| मिथुन राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 15 जून 2026, 08:23 | 16 जुलाई 2026, 19:09 |
| गुरु अस्त — सूर्य से 11° के भीतर गुरु | 14 जुलाई 2026, 13:34 | 13 अगस्त 2026, 11:23 |
| कन्या राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 17 सितंबर 2026, 03:23 | 17 अक्तूबर 2026, 15:22 |
| शुक्र अस्त — सूर्य से 10° के भीतर शुक्र | 19 अक्तूबर 2026, 03:45 | 29 अक्तूबर 2026, 04:10 |
| धनु राशि में सूर्य — भूमि पूजन के लिए वर्जित | 16 दिसंबर 2026, 04:55 | 14 जनवरी 2027, 15:40 |
भूमि पूजन मुहूर्त के नियम
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 15 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, मीन 14 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026, मिथुन 15 जून 2026 – 16 जुलाई 2026, कन्या 17 सितंबर 2026 – 17 अक्तूबर 2026 और धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 16 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, लंदन के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन
ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।
| तारीख | ग्रह | सूर्य से दूरी | मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| बुधवार, 21 जनवरी 2026 | शुक्र | 3.5° (सीमा 10°) | 07:53 – 21:17 |
| शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 | शुक्र | 4.0° (सीमा 10°) | 09:03 – 07:49 (24 जनवरी) |
| शनिवार, 24 जनवरी 2026 | शुक्र | 4.2° (सीमा 10°) | 07:49 – 07:48 (25 जनवरी) |
| बुधवार, 28 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.2° (सीमा 10°) | 07:44 – 07:42 (29 जनवरी) |
| गुरुवार, 29 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.4° (सीमा 10°) | 07:42 – 23:59 |
| शनिवार, 31 जनवरी 2026 | शुक्र | 5.9° (सीमा 10°) | 00:23 – 07:38 (1 फ़रवरी) |
| बुधवार, 4 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 6.8° (सीमा 10°) | 16:42 – 18:40 |
| गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 7.1° (सीमा 10°) | 18:52 – 07:30 (6 फ़रवरी) |
| शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 7.3° (सीमा 10°) | 07:30 – 07:28 (7 फ़रवरी) |
| शनिवार, 7 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 7.6° (सीमा 10°) | 07:28 – 07:26 (8 फ़रवरी) |
| शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 | शुक्र | 9.3° (सीमा 10°) | 12:46 – 07:14 (15 फ़रवरी) |
| शनिवार, 18 जुलाई 2026 | गुरु | 7.6° (सीमा 11°) | 13:30 – 05:05 (19 जुलाई) |
| सोमवार, 20 जुलाई 2026 | गुरु | 6.1° (सीमा 11°) | 05:06 – 23:33 |
| गुरुवार, 23 जुलाई 2026 | गुरु | 3.9° (सीमा 11°) | 21:12 – 05:12 (24 जुलाई) |
| शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 | गुरु | 3.2° (सीमा 11°) | 05:12 – 00:06 (25 जुलाई) |
| बुधवार, 29 जुलाई 2026 | गुरु | 0.2° (सीमा 11°) | 05:19 – 11:07 |
| गुरुवार, 30 जुलाई 2026 | गुरु | 0.5° (सीमा 11°) | 17:00 – 05:22 (31 जुलाई) |
| शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 | गुरु | 1.2° (सीमा 11°) | 05:22 – 05:23 (1 अगस्त) |
| शनिवार, 1 अगस्त 2026 | गुरु | 2.0° (सीमा 11°) | 05:23 – 16:15 |
| सोमवार, 3 अगस्त 2026 | गुरु | 3.4° (सीमा 11°) | 05:26 – 05:28 (4 अगस्त) |
| शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 | गुरु | 6.4° (सीमा 11°) | 14:13 – 05:34 (8 अगस्त) |
| शनिवार, 8 अगस्त 2026 | गुरु | 7.1° (सीमा 11°) | 05:34 – 05:36 (9 अगस्त) |
| बुधवार, 21 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 3.0° (सीमा 8°) | 07:34 – 07:36 (22 अक्तूबर) |
| गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 1.4° (सीमा 8°) | 07:36 – 16:19 |
| शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 0.2° (सीमा 8°) | 16:33 – 07:39 (24 अक्तूबर) |
| शनिवार, 24 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 0.2° (सीमा 8°) | 07:39 – 09:07 |
| बुधवार, 28 अक्तूबर 2026 | शुक्र | 6.6° (सीमा 8°) | 07:56 – 19:37 |
दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं
- जाँचने को कोई गणना-आधारित सूची नहीं। इस खोज पर दिखने वाली भूमि पूजन सूचियाँ किसी एक नियम से गणना नहीं की गईं — एक तो प्रतिपदा और ज्येष्ठा नक्षत्र में भी तारीख देती है, जिन्हें गृहारंभ के नियम वर्जित करते हैं। यह पेज ऊपर के नियम लागू करता है, और कुछ नहीं।
- सौर या चांद्र मास। कुछ परंपराएँ निर्माण के महीने चांद्र पंचांग से बताती हैं (वैशाख, श्रावण, कार्तिक, मार्गशीर्ष, फाल्गुन), सूर्य की राशि से नहीं। यह पेज सूर्य की राशि मानता है; ज़्यादातर महीनों में दोनों एक ही बात कहते हैं।
- अस्त अंश से या दृष्टि से। गुरु और शुक्र को अपनी शास्त्रीय अंश-सीमा में अस्त माना गया है; जो पंचांग अस्त केवल ग्रह के दिखना बंद होने तक मानते हैं, वे कुछ और दिन खोलते हैं — वे दिन छोड़े गए दिनों की तालिका में हैं।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।
संबंधित मुहूर्त और पंचांग पेज
सामान्य प्रश्न
2026 में भूमि पूजन के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
57। महीनेवार: फ़रवरी 7, मार्च 6, अप्रैल 5, मई 7, अगस्त 7, सितंबर 5, अक्तूबर 2, नवंबर 11, दिसंबर 7। जनवरी, जून और जुलाई में कोई नहीं।
2026 का अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026 को 16:40 – 03:34 (30 अक्तूबर), मृगशिरा नक्षत्र में (लंदन के समय अनुसार)।
2026 के किन महीनों में भूमि पूजन मुहूर्त नहीं है?
जनवरी, जून और जुलाई — शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है, सूर्य 15 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक धनु राशि में है, अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 16 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है, सूर्य 15 जून 2026 से 16 जुलाई 2026 तक मिथुन राशि में है और गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है।
2026 में गुरु या शुक्र अस्त कब है?
शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है, गुरु 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अस्त है और शुक्र 19 अक्तूबर 2026 से 29 अक्तूबर 2026 तक अस्त है। इन दिनों में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया।
किन महीनों में भूमि पूजन नहीं होता?
जब सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु या मीन — में से किसी में हो। धनु और मीन खरमास के दो महीने हैं; मिथुन जून-जुलाई में और कन्या सितंबर-अक्टूबर में पड़ती है।
क्या भूमि पूजन और गृह प्रवेश एक ही हैं?
नहीं। भूमि पूजन से भूखंड पर निर्माण शुरू होता है; गृह प्रवेश बने हुए घर में प्रवेश है, जिसके अपने नियम और अपनी सूची है।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है — कौन से नियम अलग हैं, और यह सूची किन मुहूर्तों को अधिक रखती है।