फ़रवरी 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त

फ़रवरी 2027 में भूमि पूजन के 12 शुभ मुहूर्त हैं: 4, 8, 10, 11, 15, 18, 19, 22, 24, 25, 26 और 27 फ़रवरी। पहला मुहूर्त गुरुवार, 4 फ़रवरी 2027 को 13:02 – 14:01 है।

  • दोहा के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।

फ़रवरी 2027 भूमि पूजन मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
गुरुवार, 4 फ़रवरी 202713:02 – 14:01उत्तराषाढ़ाकृष्ण त्रयोदशी (3 फ़रवरी, 11:20 – 4 फ़रवरी, 14:01)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 8 फ़रवरी 202706:13 – 23:27शतभिषाशुक्ल द्वितीया (7 फ़रवरी, 20:57 – 8 फ़रवरी, 22:36)
शुक्ल तृतीया (8 फ़रवरी, 22:36 – 9 फ़रवरी, 23:50)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
बुधवार, 10 फ़रवरी 202700:35 – 06:11 (11 फ़रवरी)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल पंचमी (11 फ़रवरी, 00:35 – 12 फ़रवरी, 00:48)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
गुरुवार, 11 फ़रवरी 202706:11 – 03:12 (12 फ़रवरी)रेवतीशुक्ल पंचमी (11 फ़रवरी, 00:35 – 12 फ़रवरी, 00:48)
शुक्ल षष्ठी (12 फ़रवरी, 00:48 – 13 फ़रवरी, 00:29)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 15 फ़रवरी 202720:14 – 06:07 (16 फ़रवरी)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल दशमी (15 फ़रवरी, 20:14 – 16 फ़रवरी, 17:49)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
गुरुवार, 18 फ़रवरी 202718:36 – 06:05 (19 फ़रवरी)पुष्यशुक्ल त्रयोदशी (18 फ़रवरी, 11:58 – 19 फ़रवरी, 08:44)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शुक्रवार, 19 फ़रवरी 202706:05 – 08:44पुष्यशुक्ल त्रयोदशी (18 फ़रवरी, 11:58 – 19 फ़रवरी, 08:44)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 22 फ़रवरी 202709:25 – 06:02 (23 फ़रवरी)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण द्वितीया (21 फ़रवरी, 23:33 – 22 फ़रवरी, 21:09)
कृष्ण तृतीया (22 फ़रवरी, 21:09 – 23 फ़रवरी, 19:19)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
बुधवार, 24 फ़रवरी 202718:10 – 06:00 (25 फ़रवरी)चित्राकृष्ण पंचमी (24 फ़रवरी, 18:10 – 25 फ़रवरी, 17:48)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
गुरुवार, 25 फ़रवरी 202706:00 – 05:59 (26 फ़रवरी)चित्रा, स्वातिकृष्ण पंचमी (24 फ़रवरी, 18:10 – 25 फ़रवरी, 17:48)
कृष्ण षष्ठी (25 फ़रवरी, 17:48 – 26 फ़रवरी, 18:13)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शुक्रवार, 26 फ़रवरी 202705:59 – 07:43स्वातिकृष्ण षष्ठी (25 फ़रवरी, 17:48 – 26 फ़रवरी, 18:13)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शनिवार, 27 फ़रवरी 202709:10 – 19:25अनुराधाकृष्ण सप्तमी (26 फ़रवरी, 18:13 – 27 फ़रवरी, 19:25)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

भूमि पूजन मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
  • सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, मीन 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027, मिथुन 15 जून 2027 – 17 जुलाई 2027, कन्या 17 सितंबर 2027 – 17 अक्तूबर 2027 और धनु 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, दोहा के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।

भूमि पूजन मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार भूमि पूजन मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या फ़रवरी 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त है?

हाँ, 12 दिन: 4, 8, 10, 11, 15, 18, 19, 22, 24, 25, 26 और 27 फ़रवरी।

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

13:02 – 14:01 — दोहा के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।

फ़रवरी 2027 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?

बुधवार, 3 मार्च 2027 को।