मई 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त

मई 2027 में भूमि पूजन के 13 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 3, 7, 8, 12, 15, 17, 20, 24, 26, 27, 28 और 31 मई। पहला मुहूर्त शनिवार, 1 मई 2027 को 06:05 – 01:16 (2 मई) है।

  • वडोदरा के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।

मई 2027 भूमि पूजन मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
शनिवार, 1 मई 202706:05 – 01:16 (2 मई)शतभिषाकृष्ण दशमी (30 अप्रैल, 17:14 – 1 मई, 18:54)
कृष्ण एकादशी (1 मई, 18:54 – 2 मई, 19:52)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 3 मई 202706:04 – 06:03 (4 मई)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण द्वादशी (2 मई, 19:52 – 3 मई, 20:04)
कृष्ण त्रयोदशी (3 मई, 20:04 – 4 मई, 19:31)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शुक्रवार, 7 मई 202723:42 – 06:01 (8 मई)रोहिणीशुक्ल द्वितीया (7 मई, 14:14 – 8 मई, 11:43)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शनिवार, 8 मई 202706:01 – 06:00 (9 मई)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल द्वितीया (7 मई, 14:14 – 8 मई, 11:43)
शुक्ल तृतीया (8 मई, 11:43 – 9 मई, 09:03)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
बुधवार, 12 मई 202705:58 – 14:56पुष्यशुक्ल सप्तमी (12 मई, 01:24 – 12 मई, 23:13)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शनिवार, 15 मई 202712:00 – 05:57 (16 मई)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल दशमी (14 मई, 19:39 – 15 मई, 18:18)
शुक्ल एकादशी (15 मई, 18:18 – 16 मई, 17:13)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 17 मई 202705:56 – 05:56 (18 मई)हस्त, चित्राशुक्ल द्वादशी (16 मई, 17:13 – 17 मई, 16:28)
शुक्ल त्रयोदशी (17 मई, 16:28 – 18 मई, 16:04)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
गुरुवार, 20 मई 202713:21 – 16:29अनुराधापूर्णिमा (19 मई, 16:03 – 20 मई, 16:29)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 24 मई 202722:59 – 05:54 (25 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण पंचमी (24 मई, 22:59 – 26 मई, 01:31)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
बुधवार, 26 मई 202704:19 – 05:53 (27 मई)धनिष्ठाकृष्ण सप्तमी (27 मई, 04:05 – 28 मई, 06:26)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
गुरुवार, 27 मई 202705:53 – 05:53 (28 मई)धनिष्ठाकृष्ण सप्तमी (27 मई, 04:05 – 28 मई, 06:26)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
शुक्रवार, 28 मई 202705:53 – 06:26धनिष्ठाकृष्ण सप्तमी (27 मई, 04:05 – 28 मई, 06:26)गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
सोमवार, 31 मई 202705:52 – 05:52 (1 जून)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीकृष्ण दशमी (30 मई, 09:35 – 31 मई, 10:02)
कृष्ण एकादशी (31 मई, 10:02 – 1 जून, 09:40)
गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

भूमि पूजन मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
  • सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, मीन 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027, मिथुन 15 जून 2027 – 17 जुलाई 2027, कन्या 17 सितंबर 2027 – 18 अक्तूबर 2027 और धनु 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, वडोदरा के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।

भूमि पूजन मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार भूमि पूजन मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या मई 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त है?

हाँ, 13 दिन: 1, 3, 7, 8, 12, 15, 17, 20, 24, 26, 27, 28 और 31 मई।

शनिवार, 1 मई 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

06:05 – 01:16 (2 मई) — वडोदरा के समय अनुसार, शतभिषा नक्षत्र में।

मई 2027 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?

शनिवार, 5 जून 2027 को।