दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है?

2026 में दत्तात्रेय जयंती बुधवार, 23 दिसंबर को है। न्यूयॉर्क में दत्तात्रेय पूजा का शुभ मुहूर्त 16:33 से 18:57 तक है।

दत्तात्रेय जयंती कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय न्यूयॉर्क के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

दत्तात्रेय जयंती 2026: तारीख और तिथि का समय

बुधवार, 23 दिसंबर 2026

तिथि
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
हिंदू मास
मार्गशीर्ष
तिथि आरंभ
23 दिसंबर, 00:17
तिथि समाप्त
23 दिसंबर, 20:28
दिन का निर्णय
प्रदोष काल
न्यूयॉर्क में प्रदोष काल
16:33 से 18:57

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: दत्तात्रेय जयंती का निर्णय सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके प्रदोष काल पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

दत्तात्रेय जयंती क्या है?

दत्तात्रेय जयंती (दत्त जयंती) अत्रि और अनसूया के पुत्र दत्तात्रेय का जन्मदिन है, जिनमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों की एक साथ पूजा होती है। यह मार्गशीर्ष पूर्णिमा को मनाई जाती है — सबसे अधिक महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात में।

  • दत्त का जन्म शाम को माना जाता है, इसलिए तारीख वह दिन है जिसके प्रदोष काल में पूर्णिमा हो — 2016 से 2029 तक हर साल द्रिक पंचांग की तारीख। सूर्योदय की पूर्णिमा इनमें से लगभग एक-तिहाई सालों में एक दिन बाद पड़ती है।
  • कई मंदिरों और घरों में पहले के सप्ताह में गुरुचरित्र का पाठ होता है, जो इसी दिन पूरा होता है, और शाम को जन्मोत्सव मनाया जाता है।
  • गाणगापुर, नरसोबाची वाडी और औदुंबर दत्त के सबसे प्रसिद्ध स्थानों में हैं।

दत्तात्रेय जयंती 2026 दत्तात्रेय पूजा मुहूर्त

16:33 से 18:57

यह अवधि प्रदोष काल और पूर्णिमा तिथि का मेल है — वह क्षण जिस पर यह पर्व तय होता है, और वह तिथि जो इसे परिभाषित करती है। अकेला कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं है: केवल प्रदोष काल ऐसा समय भी दे सकता है जब तिथि ख़त्म हो चुकी हो, और केवल तिथि लगभग पूरा दिन दे देती।

प्रदोष काल
16:33 से 18:57
पूर्णिमा तिथि
23 दिसंबर, 00:17 से 23 दिसंबर, 20:28

प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर तीन मुहूर्त — लगभग 2 घंटे 24 मिनट — तक रहता है। जो पर्व प्रदोष में मनाया जाता है, उसकी पूजा इसी अवधि के भीतर होती है।

उस दिन के शुभ समय

मुहूर्तन्यूयॉर्क में समयप्रकृति
अमृत काल 10:42 से 12:06 सर्वाधिक शुभ
ब्रह्म मुहूर्त 05:19 से 06:18 शुभ

जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं

मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।

अवधिन्यूयॉर्क में समय
राहु काल 11:55 से 13:04
यमगण्ड काल 08:26 से 09:36
दुर्मुहूर्त (पहला) 11:36 से 12:13
वर्ज्यम् 01:42 से 03:05

ऊपर का हर समय न्यूयॉर्क के लिए बुधवार, 23 दिसंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।

आने वाले वर्षों में दत्तात्रेय जयंती की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति न्यूयॉर्क के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 बुधवार, 23 दिसंबर 2026 आने वाली
2027 रविवार, 12 दिसंबर 2027 आने वाली
2028 शुक्रवार, 1 दिसंबर 2028 आने वाली

पंचांगों में दत्तात्रेय जयंती की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग दत्तात्रेय जयंती की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: दत्तात्रेय जयंती का निर्णय प्रदोष काल से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

दत्तात्रेय जयंती से जुड़े सामान्य प्रश्न

2026 में दत्तात्रेय जयंती कब है?

2026 में दत्तात्रेय जयंती बुधवार, 23 दिसंबर को है। न्यूयॉर्क में दत्तात्रेय पूजा का शुभ मुहूर्त 16:33 से 18:57 तक है।

दत्तात्रेय जयंती की तिथि क्या है?

मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि। न्यूयॉर्क में यह तिथि 23 दिसंबर, 00:17 से 23 दिसंबर, 20:28 तक है, और दत्तात्रेय जयंती का दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में चल रही तिथि से तय होता है।

न्यूयॉर्क में दत्तात्रेय जयंती का शुभ मुहूर्त क्या है?

23 दिसंबर को 16:33 से 18:57 तक। यह प्रदोष काल और पूर्णिमा तिथि का मेल है, न्यूयॉर्क के लिए निकाला गया — अवधि आपके शहर के सूर्यास्त के साथ बदलती है, और तिथि उसके बीच में भी ख़त्म हो सकती है।

दूसरे कैलेंडर में दत्तात्रेय जयंती की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल दत्तात्रेय जयंती कब है?

2027 में रविवार, 12 दिसंबर; 2028 में शुक्रवार, 1 दिसंबर।