फ़रवरी 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त

फ़रवरी 2026 में गृह प्रवेश के 5 शुभ मुहूर्त हैं: 19, 20, 21, 25 और 26 फ़रवरी। पहला मुहूर्त गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 को 20:52 – 06:55 (20 फ़रवरी) है।

  • नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, वार और मास दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित मास का आरंभ और अंत भी।

फ़रवरी 2026 गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिहिंदू मास (अमांत)क्यों शुभ है
गुरुवार, 19 फ़रवरी 202620:52 – 06:55 (20 फ़रवरी)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल तृतीया (19 फ़रवरी, 15:59 – 20 फ़रवरी, 14:38)फाल्गुनस्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, फाल्गुन मास
शुक्रवार, 20 फ़रवरी 202606:55 – 14:38उत्तर भाद्रपदाशुक्ल तृतीया (19 फ़रवरी, 15:59 – 20 फ़रवरी, 14:38)फाल्गुनस्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शुक्रवार, फाल्गुन मास
शनिवार, 21 फ़रवरी 202613:01 – 19:07रेवतीशुक्ल पंचमी (21 फ़रवरी, 13:01 – 22 फ़रवरी, 11:10)फाल्गुनस्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, शनिवार, फाल्गुन मास
बुधवार, 25 फ़रवरी 202602:41 – 06:49 (26 फ़रवरी)मृगशिराशुक्ल दशमी (26 फ़रवरी, 02:41 – 27 फ़रवरी, 00:33)फाल्गुनस्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, बुधवार, फाल्गुन मास
गुरुवार, 26 फ़रवरी 202606:49 – 12:11मृगशिराशुक्ल दशमी (26 फ़रवरी, 02:41 – 27 फ़रवरी, 00:33)फाल्गुनस्थिर/मृदु नक्षत्र, शुभ तिथि, गुरुवार, फाल्गुन मास

गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन

ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।

तारीखग्रहसूर्य से दूरीमुहूर्त
बुधवार, 4 फ़रवरी 2026शुक्र6.8° (सीमा 10°)22:12 – 00:10 (5 फ़रवरी)
शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026शुक्र7.3° (सीमा 10°)00:24 – 01:19 (7 फ़रवरी)
बुधवार, 11 फ़रवरी 2026शुक्र8.5° (सीमा 10°)09:59 – 10:53
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026शुक्र9.2° (सीमा 10°)18:16 – 06:59 (15 फ़रवरी)

फ़रवरी 2026 में वर्जित अवधि

  • शुक्र 26 नवंबर 2025 से 17 फ़रवरी 2026 तक अस्त है

गृह प्रवेश मुहूर्त के नियम

  • मास: वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ और फाल्गुन — अमावस्या से अमावस्या तक गिने (अमांत)। चैत्र, आषाढ़ से आश्विन तक के चार मास और पौष वर्जित हैं, और कोई भी अधिक मास भी।
  • वार: रविवार और मंगलवार कभी नहीं (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)।
  • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती — स्थिर और मृदु नक्षत्र।
  • तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी या त्रयोदशी, या कृष्ण प्रतिपदा। द्वादशी, रिक्ता तिथियाँ, षष्ठी, अष्टमी, पूर्णिमा और अमावस्या नहीं — प्रकाशित सूचियाँ द्वादशी पर भी गृह प्रवेश नहीं देतीं।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और गृह प्रवेश नहीं।
  • खरमास: प्रकाशित गृह प्रवेश सूचियाँ इसे नियम नहीं मानतीं, इसलिए यहाँ भी नहीं; पर खरमास (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027) में पड़ने वाली तिथियाँ चिह्नित हैं, क्योंकि कई परिवार इसके बीतने तक रुकते हैं।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि छूती है, वह पूरा छोड़ दिया जाता है।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: प्रवेश का लग्न (स्थिर लग्न उत्तम माना जाता है) और गृहस्वामी की अपनी कुंडली। लग्न मुहूर्त के भीतर पंडित तय करते हैं।

गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार गृह प्रवेश मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या फ़रवरी 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त है?

हाँ, 5 दिन: 19, 20, 21, 25 और 26 फ़रवरी।

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

20:52 – 06:55 (20 फ़रवरी) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में।

फ़रवरी 2026 के बाद अगला गृह प्रवेश मुहूर्त कब है?

बुधवार, 4 मार्च 2026 को।

कुछ पंचांग फ़रवरी 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?

4, 6, 11 और 14 फ़रवरी बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।