गुरु नानक जयंती 2026 कब है?

2026 में गुरु नानक जयंती मंगलवार, 24 नवंबर को है। पुणे में पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर, 23:43 से 24 नवंबर, 20:23 तक रहेगी।

गुरु नानक जयंती कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय पुणे के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

गुरु नानक जयंती 2026: तारीख और तिथि का समय

मंगलवार, 24 नवंबर 2026

गुरु नानक जयंती 2026: पुणे में समय
समयपुणेक्या है
कार्तिक पूर्णिमा आरंभ23 नवंबर, 23:43कार्तिक पूर्णिमा, जिस पर गुरपुरब मनाया जाता है, शुरू होती है।
कार्तिक पूर्णिमा समाप्त20:23कार्तिक पूर्णिमा समाप्त होती है।
तिथि
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
हिंदू मास
कार्तिक
तिथि आरंभ
23 नवंबर, 23:43
तिथि समाप्त
24 नवंबर, 20:23
दिन का निर्णय
सूर्योदय
पुणे में सूर्योदय
24 नवंबर, 06:45

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: गुरु नानक जयंती का निर्णय सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके सूर्योदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

गुरु नानक जयंती (गुरपुरब) क्या है?

गुरु नानक जयंती — गुरपुरब, यानी गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व — सिखों के दस गुरुओं में पहले और सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी (1469–1539) के जन्म का दिन है। यह कार्तिक पूर्णिमा को मनाई जाती है, इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती है।

  • उनका जन्म राय भोई दी तलवंडी में हुआ था — जो अब पाकिस्तान का ननकाना साहिब है — और उन्होंने अपने अंतिम वर्ष रावी नदी के किनारे करतारपुर में बिताए।
  • गुरुद्वारों में अखंड पाठ होता है — गुरु ग्रंथ साहिब का लगभग 48 घंटे का निरंतर पाठ, जो गुरपुरब की सुबह पूरा होता है। उससे पहले के दिनों में प्रभात फेरियाँ निकलती हैं, और आम तौर पर एक दिन पहले पंज प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब के साथ नगर कीर्तन निकलता है।
  • गुरपुरब के दिन सुबह से कीर्तन और कथा होती है, और लंगर — सामुदायिक रसोई — सबके लिए खुला रहता है; रात को गुरुद्वारे और घर रोशनी से सजते हैं।
  • तारीख सूर्योदय वाली कार्तिक पूर्णिमा है — वही दिन जो कार्तिक पूर्णिमा का है, और हाल के हर साल गुरपुरब इसी दिन मनाया गया है। देव दीपावली, जो शाम की पूर्णिमा से तय होती है, कभी-कभी एक शाम पहले पड़ती है।

आने वाले वर्षों में गुरु नानक जयंती की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति पुणे के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 मंगलवार, 24 नवंबर 2026 आने वाली
2027 रविवार, 14 नवंबर 2027 आने वाली
2028 गुरुवार, 2 नवंबर 2028 आने वाली

पंचांगों में गुरु नानक जयंती की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग गुरु नानक जयंती की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: गुरु नानक जयंती का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

गुरु नानक जयंती से जुड़े सामान्य प्रश्न

2026 में गुरु नानक जयंती कब है?

2026 में गुरु नानक जयंती मंगलवार, 24 नवंबर को है। पुणे में पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर, 23:43 से 24 नवंबर, 20:23 तक रहेगी।

गुरु नानक जयंती की तिथि क्या है?

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि। पुणे में यह तिथि 23 नवंबर, 23:43 से 24 नवंबर, 20:23 तक है, और गुरु नानक जयंती का दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि से तय होता है।

दूसरे कैलेंडर में गुरु नानक जयंती की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल गुरु नानक जयंती कब है?

2027 में रविवार, 14 नवंबर; 2028 में गुरुवार, 2 नवंबर।

गुरु नानक जयंती की तारीख हर साल क्यों बदलती है?

क्योंकि यह कार्तिक पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो चंद्र तिथि है: बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए कार्तिक की पूर्णिमा नवंबर के शुरू से आख़िर तक कहीं भी पड़ सकती है। 2026 में यह मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है।

क्या गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली एक ही दिन हैं?

यह कार्तिक पूर्णिमा के ही दिन, मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है, और इस साल देव दीपावली भी इसी दिन है।

क्या गुरु नानक जयंती का कोई मुहूर्त होता है?

नहीं। गुरपुरब पूरे दिन का पर्व है, किसी निर्णायक क्षण का नहीं: अखंड पाठ की समाप्ति, कीर्तन और लंगर का समय हर गुरुद्वारा अपने हिसाब से तय करता है। कार्तिक पूर्णिमा, जिस पर यह मनाई जाती है, पुणे में 23 नवंबर, 23:43 से 24 नवंबर, 20:23 तक है।