काली पूजा 2026 कब है?

2026 में काली पूजा रविवार, 8 नवंबर को है। अहमदाबाद में निशीथ काल पूजा का शुभ मुहूर्त 23:57 से 00:49 तक है।

काली पूजा कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना में यही तिथि कार्तिक कृष्ण अमावस्या कहलाती है — दिन वही है, केवल महीने का नाम अलग। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।

इस पेज का हर समय अहमदाबाद के लिए निकाला गया है।

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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।

काली पूजा 2026: तारीख और तिथि का समय

रविवार, 8 नवंबर 2026

काली पूजा 2026: अहमदाबाद में समय
समयअहमदाबादक्या है
काली पूजा — निशीथ काल मुहूर्त23:57 से 00:49रात का मध्य भाग, जब तक अमावस्या चल रही हो। घड़ी में आधी रात के बाद भी यह उसी रात की पूजा है।
तिथि
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
हिंदू मास
कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत)
तिथि आरंभ
8 नवंबर, 11:28
तिथि समाप्त
9 नवंबर, 12:32
दिन का निर्णय
निशीथ काल
अहमदाबाद में निशीथ काल
23:57 से 00:49

ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: काली पूजा का निर्णय मध्य रात्रि के निशीथ काल में चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके निशीथ काल पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।

काली पूजा क्या है, और क्या यह दिवाली की ही रात होती है?

काली पूजा, जिसे श्यामा पूजा भी कहते हैं, दिवाली वाली अमावस्या की रात माँ काली की पूजा है, जो रात के मध्य भाग में की जाती है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और त्रिपुरा में उस रात का मुख्य पर्व यही है, जबकि देश के ज़्यादातर हिस्सों में शाम को लक्ष्मी पूजा होती है।

  • तारीख वह रात है जिसकी मध्य रात्रि (निशीथ काल) में अमावस्या हो। लक्ष्मी पूजा का निर्णय शाम से होता है, इसलिए दोनों आम तौर पर एक ही तारीख को होते हैं और कभी-कभी एक दिन के अंतर पर; तारीख और निशीथ काल ऊपर आपके शहर के लिए निकाले गए हैं।
  • बंगाल में देवी की पूजा दक्षिणा काली या श्यामा काली के रूप में घरों, मंदिरों और सामुदायिक पंडालों में होती है। कोलकाता के कालीघाट और दक्षिणेश्वर और बीरभूम के तारापीठ में सबसे ज़्यादा भीड़ होती है, और रात दीयों और आतिशबाज़ी से जगमगाती है।
  • इससे पहले की रात भूत चतुर्दशी होती है, जब बंगाली घरों में पूर्वजों के लिए चौदह दीये जलाए जाते हैं और चौदह तरह के साग खाए जाते हैं।
  • निशीथ काल घड़ी में आधी रात के बाद पड़ता है, फिर भी ऊपर लिखी तारीख का ही हिस्सा है, क्योंकि हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।

काली पूजा 2026 निशीथ काल पूजा मुहूर्त

23:57 से 00:49

यह अवधि निशीथ काल और अमावस्या तिथि का मेल है — वह क्षण जिस पर यह पर्व तय होता है, और वह तिथि जो इसे परिभाषित करती है। अकेला कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं है: केवल निशीथ काल ऐसा समय भी दे सकता है जब तिथि ख़त्म हो चुकी हो, और केवल तिथि लगभग पूरा दिन दे देती।

निशीथ काल
23:57 से 00:49
अमावस्या तिथि
8 नवंबर, 11:28 से 9 नवंबर, 12:32

निशीथ काल रात के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ है, यानी मध्य रात्रि। घड़ी में यह अक्सर आधी रात के बाद पड़ता है, फिर भी ऊपर लिखे दिन का ही हिस्सा है, क्योंकि हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।

उस दिन के शुभ समय

मुहूर्तअहमदाबाद में समयप्रकृति
अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:45 शुभ
अमृत काल 22:02 से 23:44 सर्वाधिक शुभ
ब्रह्म मुहूर्त 05:05 से 05:57 शुभ

जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं

मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।

अवधिअहमदाबाद में समय
राहु काल 16:34 से 17:58
यमगण्ड काल 12:23 से 13:47
दुर्मुहूर्त (पहला) 16:28 से 17:13
वर्ज्यम् 11:50 से 13:32

ऊपर का हर समय अहमदाबाद के लिए रविवार, 8 नवंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।

आने वाले वर्षों में काली पूजा की तारीख

इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति अहमदाबाद के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।

वर्षतारीखस्थिति
2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 आने वाली
2027 गुरुवार, 28 अक्तूबर 2027 आने वाली
2028 मंगलवार, 17 अक्तूबर 2028 आने वाली

पंचांगों में काली पूजा की तारीख अलग क्यों होती है

दो पंचांग काली पूजा की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।

  1. तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
  2. महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
  3. दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: काली पूजा का निर्णय निशीथ काल से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
  4. शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।

आगे आने वाले त्योहार

काली पूजा से जुड़े सामान्य प्रश्न

2026 में काली पूजा कब है?

2026 में काली पूजा रविवार, 8 नवंबर को है। अहमदाबाद में निशीथ काल पूजा का शुभ मुहूर्त 23:57 से 00:49 तक है।

काली पूजा की तिथि क्या है?

कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि। अहमदाबाद में यह तिथि 8 नवंबर, 11:28 से 9 नवंबर, 12:32 तक है, और काली पूजा का दिन मध्य रात्रि के निशीथ काल में चल रही तिथि से तय होता है।

अहमदाबाद में काली पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

8 नवंबर को 23:57 से 00:49 तक। यह निशीथ काल और अमावस्या तिथि का मेल है, अहमदाबाद के लिए निकाला गया — अवधि आपके शहर के सूर्यास्त के साथ बदलती है, और तिथि उसके बीच में भी ख़त्म हो सकती है।

दूसरे कैलेंडर में काली पूजा की तारीख अलग क्यों है?

मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।

अगले साल काली पूजा कब है?

2027 में गुरुवार, 28 अक्तूबर; 2028 में मंगलवार, 17 अक्तूबर।

क्या काली पूजा और दिवाली एक ही दिन हैं?

हाँ, 2026 में दोनों रविवार, 8 नवंबर 2026 को हैं। लक्ष्मी पूजा शाम को होती है और काली पूजा रात के मध्य भाग में, और इस बार अमावस्या दोनों समय रहती है।

काली पूजा कहाँ मनाई जाती है?

सबसे अधिक पश्चिम बंगाल में — कोलकाता के कालीघाट और दक्षिणेश्वर में और बीरभूम के तारापीठ में — और ओडिशा, असम, त्रिपुरा तथा जहाँ भी बंगाली परिवार रहते हैं। बंगाल में दिवाली की रात का मुख्य पर्व यही है।