शुक्ल पक्ष · पंचमी तिथि · कार्तिक
लाभ पंचमी 2026 कब है?
2026 में लाभ पंचमी शनिवार, 14 नवंबर को है। पुणे में लाभ पंचमी का प्रातः मुहूर्त 06:40 से 10:26 तक है।
लाभ पंचमी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
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इस पेज का हर समय पुणे के लिए निकाला गया है।
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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
पुणे के लिए गणना
लाभ पंचमी 2026: तारीख और तिथि का समय
शनिवार, 14 नवंबर 2026
| समय | पुणे | क्या है |
|---|---|---|
| लाभ पंचमी प्रातः मुहूर्त | 06:40 से 10:26 | दिन के उजाले का पहला तिहाई भाग, जब तक पंचमी चल रही हो — चोपड़ा पूजा और नए बही-खाते शुरू करने का सुबह का समय। |
- तिथि
- पंचमी, शुक्ल पक्ष
- हिंदू मास
- कार्तिक
- तिथि आरंभ
- 13 नवंबर, 20:43
- तिथि समाप्त
- 14 नवंबर, 23:24
- दिन का निर्णय
- सूर्योदय
- पुणे में सूर्योदय
- 14 नवंबर, 06:40
ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: लाभ पंचमी का निर्णय सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके सूर्योदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।
अर्थ और परंपरा
लाभ पंचमी क्या है?
लाभ पंचमी — लाभ पांचम या सौभाग्य पंचमी — कार्तिक शुक्ल पंचमी है, दिवाली के बाद शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन। गुजरात में इसी दिन दिवाली की छुट्टियाँ पूरी होती हैं: व्यापारी दुकानें दोबारा खोलते हैं और नए साल के बही-खाते (चोपड़ा) में पहली प्रविष्टि करते हैं, आम तौर पर सुबह।
- ऊपर दिया प्रातः मुहूर्त दिन के उजाले का पहला तिहाई भाग है, जब तक पंचमी चल रही हो — चोपड़ा पूजा के लिए पंचांग प्रायः यही समय बताते हैं।
- दिन की शुरुआत अक्सर गणेश और लक्ष्मी पूजा से होती है और नए खातों में 'शुभ' और 'लाभ' लिखा जाता है। ये शब्द मंगल और लाभ का नाम हैं; इन्हें लिखना एक परंपरा है, किसी लाभ का वादा नहीं।
- जैन समाज इसी तिथि को ज्ञान पंचमी के रूप में मनाता है — शास्त्र और ज्ञान के सम्मान का दिन।
- पंचमी चंद्र तिथि है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख हर साल बदलती है; यहाँ वह दिन लिया गया है जिसके सूर्योदय पर पंचमी हो, जो 2016 से 2036 तक हर साल द्रिक पंचांग की तारीख से मेल खाता है।
मुहूर्त · पुणे
लाभ पंचमी 2026 शुभ मुहूर्त
लाभ पंचमी का निर्णय सूर्योदय पर होता है, जो एक क्षण है, अवधि नहीं — इसलिए तिथि से मेल करने के लिए कोई अलग खिड़की नहीं बनती। दिन के सामान्य शुभ समय नीचे दिए हैं; जहाँ पर्व का अपना मुहूर्त नहीं होता, वहाँ प्रायः अभिजित मुहूर्त लिया जाता है।
उस दिन के शुभ समय
| मुहूर्त | पुणे में समय | प्रकृति |
|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 से 12:41 | शुभ |
| अमृत काल | 14:59 से 16:47 | सर्वाधिक शुभ |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:58 से 05:49 | शुभ |
जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं
मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।
| अवधि | पुणे में समय |
|---|---|
| राहु काल | 09:29 से 10:54 |
| यमगण्ड काल | 13:43 से 15:08 |
| दुर्मुहूर्त (पहला) | 06:40 से 07:25 |
| दुर्मुहूर्त (दूसरा) | 07:25 से 08:10 |
| वर्ज्यम् | 05:26 से 07:14 |
ऊपर का हर समय पुणे के लिए शनिवार, 14 नवंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।
आने वाले वर्षों में लाभ पंचमी की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति पुणे के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | शनिवार, 14 नवंबर 2026 | आने वाली |
| 2027 | बुधवार, 3 नवंबर 2027 | आने वाली |
| 2028 | रविवार, 22 अक्तूबर 2028 | आने वाली |
पंचांगों में लाभ पंचमी की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग लाभ पंचमी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: लाभ पंचमी का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — शनिवार, 17 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- दशहरा (विजयादशमी) — मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026
- पापांकुशा एकादशी — गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — रविवार, 25 अक्तूबर 2026
- करवा चौथ — गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026
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लाभ पंचमी से जुड़े सामान्य प्रश्न
2026 में लाभ पंचमी कब है?
2026 में लाभ पंचमी शनिवार, 14 नवंबर को है। पुणे में लाभ पंचमी का प्रातः मुहूर्त 06:40 से 10:26 तक है।
लाभ पंचमी की तिथि क्या है?
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि। पुणे में यह तिथि 13 नवंबर, 20:43 से 14 नवंबर, 23:24 तक है, और लाभ पंचमी का दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि से तय होता है।
पुणे में लाभ पंचमी का शुभ मुहूर्त क्या है?
14 नवंबर को 06:40 से 10:26 तक — दिन के उजाले का पहला तिहाई भाग, जब तक पंचमी चल रही हो। चोपड़ा पूजा और नए बही-खातों की शुरुआत के लिए पंचांग प्रायः यही प्रातः काल बताते हैं।
दूसरे कैलेंडर में लाभ पंचमी की तारीख अलग क्यों है?
मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।
अगले साल लाभ पंचमी कब है?
2027 में बुधवार, 3 नवंबर; 2028 में रविवार, 22 अक्तूबर।