चंद्र मंत्र: बीज मंत्र, जप संख्या और आज की चंद्र होरा

चंद्र मन, भावनाओं, माता और विश्राम के कारक हैं। मन स्थिर न हो तो परंपरा में उन्हीं का मंत्र जपा जाता है, और सोमवार इसका दिन है।

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः

Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah

जबलपुर में अगली चंद्र होरा 5:03 AM पर शुरू होगी और 6:05 AM तक चलेगी।

जप संख्या40 दिनों में 11,000
रोज़ का जपरोज़ 3 माला (324 जप)
दिनसोमवार
जप के लिए होराचंद्र होरा

चंद्र मंत्र का जप कैसे करें

  1. सोमवार से आरंभ करें, हो सके तो चंद्र होरा में; आपके शहर की आज की होरा नीचे तालिका में है।
  2. आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें, 108 मनकों और एक बड़े सुमेरु वाली माला के साथ।
  3. हर मनके पर एक बार बीज मंत्र जपें। सुमेरु पर पहुँचकर उसे लाँघें नहीं, माला पलट लें।
  4. रोज़ 3 माला (324 जप) करें। 40 दिनों में यह पारंपरिक 11,000 की संख्या पूरी करता है।
  5. रोज़ एक ही समय और स्थान रखें। जप छूट जाए तो क्या करें, इस पर परंपराएँ अलग हैं, इसलिए अपने गुरु या परिवार की रीति का पालन करें।

नवग्रह स्तोत्र से चंद्र का पौराणिक मंत्र

परंपरा से व्यास की रचना माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र में हर ग्रह के लिए एक श्लोक है। चंद्र का श्लोक यह है, जो बीज मंत्र के बाद या उसकी जगह पढ़ा जाता है।

दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम् ।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम् ॥

Dadhishankhatusharabham Kshirodarnavasambhavam
Namami Shashinam Somam Shambhormukutabhushanam

श्लोक का भाव: दही, शंख और पाले जैसे श्वेत, क्षीरसागर से उत्पन्न, शिव के मुकुट के आभूषण, खरगोश-चिह्न वाले चंद्रमा सोम को मैं नमन करता हूँ।

जबलपुर में आज चंद्र होरा का समय

जबलपुर में इस वैदिक दिन की हर चंद्र होरा, सूर्योदय 6:04 AM से गिनी गई। होरा की सीमाएँ स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर चलती हैं, इसलिए हर शहर में अलग होती हैं; नीचे अपना शहर चुनें।

जबलपुर में आज चंद्र होरा का समय
अवधिसमयस्वभावपरंपरा में इसका अर्थ
चंद्र होरा8:02 AM - 9:01 AMशुभइसे आमतौर पर घर, परिवार, मन को शांत करना से जोड़ा जाता है।
चंद्र होरा2:54 PM - 3:53 PMशुभइसे आमतौर पर घर, परिवार, मन को शांत करना से जोड़ा जाता है।
चंद्र होरा9:55 PM - 10:56 PMशुभइसे आमतौर पर घर, परिवार, मन को शांत करना से जोड़ा जाता है।
चंद्र होरा5:03 AM+1 दिन - 6:05 AM+1 दिनशुभइसे आमतौर पर घर, परिवार, मन को शांत करना से जोड़ा जाता है।

चंद्र होरा का अर्थ और उपयोग · जबलपुर की सभी चौबीस होराएँ

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चंद्र मंत्र की जप संख्या: 11,000 क्यों

चंद्र बीज मंत्र की पारंपरिक जप संख्या 11,000 है, जो 40 दिन के एक मंडल में पूरी की जाती है। रोज़ के लिए जो संख्या मायने रखती है वह दैनिक जप है: 11,000 को 40 दिनों में बाँटकर 108 की पूरी मालाओं तक बढ़ाएँ तो रोज़ 3 माला — 324 जप — बनते हैं।

ये संख्याएँ परंपरा की रीति हैं, कोई सूत्र नहीं: ये विंशोत्तरी दशा के वर्षों से नहीं निकलतीं और अलग-अलग ग्रंथ अलग संख्याएँ देते हैं। 11,000 को प्रचलित संख्या मानें, एकमात्र नहीं। पूरा जप अधिक लगे तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।

बीज मंत्र के साथ चंद्र के लिए परंपरा से जोड़ा जाने वाला लंबा पाठ: चंद्र स्तोत्र।

चंद्र मंत्र: सामान्य प्रश्न

चंद्र मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

पारंपरिक संख्या 11,000 है, जो 40 दिनों में पूरी होती है — रोज़ 3 माला (324 जप)। इतना निभाना कठिन हो तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।

चंद्र मंत्र के लिए कौन-सा दिन श्रेष्ठ है?

सोमवार, जो चंद्र का दिन है। दिन में चंद्र होरा पारंपरिक समय है; जबलपुर की आज की होराएँ इसी पेज पर हैं।

क्या चंद्र मंत्र के लिए माला ज़रूरी है?

माला केवल गिनती रखती है। उँगलियों के पोरों पर या स्वर्ण सिद्धि ऐप के जप काउंटर से गिनने पर भी वही गिनती रहती है।

क्या कोई भी चंद्र बीज मंत्र जप सकता है?

नवग्रह बीज मंत्र खुले रूप से प्रकाशित हैं और प्रायः बिना दीक्षा के जपे जाते हैं, यद्यपि कुछ परंपराएँ इन्हें गुरु से लेना पसंद करती हैं। जप ध्यान और अनुशासन की साधना है, चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सहायता का विकल्प नहीं।

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