शुक्ल पक्ष · प्रतिपदा तिथि · मार्गशीर्ष
मार्गशीर्ष गुरुवार 2026 कब है?
2026 में मार्गशीर्ष गुरुवार बुधवार, 9 दिसंबर से गुरुवार, 7 जनवरी 2027 तक है — 30 दिन। इस महीने के 5 गुरुवार: 10, 17, 24 और 31 दिसंबर तथा 7 जनवरी।
मार्गशीर्ष गुरुवार कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
मार्गशीर्ष (अमांत) · न्यूयॉर्क
मार्गशीर्ष गुरुवार 2026: सभी 5 गुरुवार
हर वह गुरुवार जिसके सूर्योदय पर मार्गशीर्ष मास चल रहा हो, बुधवार, 9 दिसंबर 2026 से गुरुवार, 7 जनवरी 2027 तक। महीना और उसके दोनों छोर चंद्रमा और सूर्य से निकाले जाते हैं, इसलिए गुरुवारों की संख्या भी गणना का नतीजा है — किसी साल चार, किसी साल पाँच।
| गुरुवार | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 1 | गुरुवार, 10 दिसंबर 2026 | आने वाला |
| 2 | गुरुवार, 17 दिसंबर 2026 | आने वाला |
| 3 | गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 | आने वाला |
| 4 | गुरुवार, 31 दिसंबर 2026 | आने वाला |
| 5 | गुरुवार, 7 जनवरी 2027 | आने वाला |
शहर बदलें
इस पेज का हर समय न्यूयॉर्क के लिए निकाला गया है।
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भारत के बाहर
नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
न्यूयॉर्क के लिए गणना
मार्गशीर्ष गुरुवार 2026: तारीख और तिथि का समय
बुधवार, 9 दिसंबर 2026 से गुरुवार, 7 जनवरी 2027 तक
- पहला दिन
- बुधवार, 9 दिसंबर 2026
- अंतिम दिन
- गुरुवार, 7 जनवरी 2027
- अवधि
- 30 दिन
- आरंभ की तिथि
- प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष
पहला और अंतिम दिन दोनों न्यूयॉर्क के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से निकाले गए हैं, इसलिए अवधि की लंबाई भी गणना का नतीजा है, कोई तय संख्या नहीं।
अर्थ और परंपरा
मार्गशीर्ष गुरुवार व्रत क्या है?
महाराष्ट्र और मराठी परिवारों में मार्गशीर्ष मास का हर गुरुवार महालक्ष्मी व्रत के रूप में रखा जाता है: देवी के रूप में कलश स्थापित होता है, महालक्ष्मी व्रत कथा पढ़ी जाती है और शाम की पूजा तक व्रत रहता है।
- यहाँ महीना अमांत मार्गशीर्ष है — कार्तिक अमावस्या के अगले दिन से मार्गशीर्ष अमावस्या तक, जैसा मराठी पंचांग गिनता है। किसी साल चार गुरुवार होते हैं, किसी साल पाँच।
- व्रत का उद्यापन प्रायः अंतिम गुरुवार को होता है, जिसमें आसपास की महिलाओं को हल्दी-कुंकू के लिए बुलाया जाता है।
- गुरुवार उस महीने का माना जाता है जिसके सूर्योदय पर वह महीना चल रहा हो, इसलिए गुरुवार को ख़त्म होने वाले महीने का वह गुरुवार भी गिना जाता है।
आने वाले वर्षों में मार्गशीर्ष गुरुवार की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति न्यूयॉर्क के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | बुधवार, 9 दिसंबर 2026 से गुरुवार, 7 जनवरी 2027 तक | आने वाली |
| 2027 | रविवार, 28 नवंबर से सोमवार, 27 दिसंबर 2027 तक | आने वाली |
| 2028 | गुरुवार, 16 नवंबर से शुक्रवार, 15 दिसंबर 2028 तक | आने वाली |
पंचांगों में मार्गशीर्ष गुरुवार की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग मार्गशीर्ष गुरुवार की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: मार्गशीर्ष गुरुवार का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — शनिवार, 17 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — रविवार, 18 अक्तूबर 2026
- आयुध पूजा — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दशहरा (विजयादशमी) — मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026
- पापांकुशा एकादशी — बुधवार, 21 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — शनिवार, 24 अक्तूबर 2026
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मार्गशीर्ष गुरुवार से जुड़े सामान्य प्रश्न
2026 में मार्गशीर्ष गुरुवार कब है?
2026 में मार्गशीर्ष गुरुवार बुधवार, 9 दिसंबर से गुरुवार, 7 जनवरी 2027 तक है — 30 दिन। इस महीने के 5 गुरुवार: 10, 17, 24 और 31 दिसंबर तथा 7 जनवरी।
मार्गशीर्ष गुरुवार कितने दिन का होता है?
इस बार 30 दिन — बुधवार, 9 दिसंबर 2026 से गुरुवार, 7 जनवरी 2027 तक। दोनों छोर हर साल चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से निकाले जाते हैं, इसलिए दिनों की गिनती भी साल-दर-साल बदल सकती है।
2026 में मार्गशीर्ष गुरुवार के गुरुवार कौन-से हैं?
5: 10, 17, 24 और 31 दिसंबर तथा 7 जनवरी। ये वे गुरुवार हैं जिनके सूर्योदय पर अमांत मार्गशीर्ष मास चल रहा हो — बुधवार, 9 दिसंबर 2026 से गुरुवार, 7 जनवरी 2027 तक, न्यूयॉर्क के लिए निकाले गए। व्रत का उद्यापन प्रायः अंतिम गुरुवार को होता है।
अगले साल मार्गशीर्ष गुरुवार कब है?
2027 में रविवार, 28 नवंबर; 2028 में गुरुवार, 16 नवंबर।