जनवरी 2026 में नामकरण मुहूर्त

जनवरी 2026 में नामकरण के 17 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 4, 5, 8, 9, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 23, 25, 26, 28 और 29 जनवरी। पहला मुहूर्त गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को 07:15 – 22:22 है।

  • सूरत के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।

जनवरी 2026 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
गुरुवार, 1 जनवरी 202607:15 – 22:22रोहिणीशुक्ल त्रयोदशी (1 जनवरी, 01:48 – 1 जनवरी, 22:22)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 2 जनवरी 202618:54 – 20:04मृगशिरापूर्णिमा (2 जनवरी, 18:54 – 3 जनवरी, 15:32)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 4 जनवरी 202615:11 – 07:16 (5 जनवरी)पुष्यकृष्ण द्वितीया (4 जनवरी, 12:30 – 5 जनवरी, 09:57)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 5 जनवरी 202607:16 – 13:25पुष्यकृष्ण द्वितीया (4 जनवरी, 12:30 – 5 जनवरी, 09:57)
कृष्ण तृतीया (5 जनवरी, 09:57 – 6 जनवरी, 08:02)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
गुरुवार, 8 जनवरी 202612:24 – 07:17 (9 जनवरी)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण षष्ठी (8 जनवरी, 06:34 – 9 जनवरी, 07:05)
कृष्ण सप्तमी (9 जनवरी, 07:05 – 10 जनवरी, 08:24)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 9 जनवरी 202607:17 – 07:17 (10 जनवरी)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण सप्तमी (9 जनवरी, 07:05 – 10 जनवरी, 08:24)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 11 जनवरी 202607:17 – 10:20चित्राकृष्ण अष्टमी (10 जनवरी, 08:24 – 11 जनवरी, 10:20)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 12 जनवरी 202612:43 – 21:05स्वातिकृष्ण दशमी (12 जनवरी, 12:43 – 13 जनवरी, 15:18)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 14 जनवरी 202607:18 – 03:03 (15 जनवरी)अनुराधाकृष्ण एकादशी (13 जनवरी, 15:18 – 14 जनवरी, 17:53)
कृष्ण द्वादशी (14 जनवरी, 17:53 – 15 जनवरी, 20:17)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
रविवार, 18 जनवरी 202601:22 – 07:18 (19 जनवरी)उत्तराषाढ़ाशुक्ल प्रतिपदा (19 जनवरी, 01:22 – 20 जनवरी, 02:14)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 19 जनवरी 202607:18 – 07:18 (20 जनवरी)उत्तराषाढ़ा, श्रवणशुक्ल प्रतिपदा (19 जनवरी, 01:22 – 20 जनवरी, 02:14)
शुक्ल द्वितीया (20 जनवरी, 02:14 – 21 जनवरी, 02:43)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 21 जनवरी 202613:58 – 02:47 (22 जनवरी)शतभिषाशुक्ल तृतीया (21 जनवरी, 02:43 – 22 जनवरी, 02:47)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
शुक्रवार, 23 जनवरी 202614:33 – 07:17 (24 जनवरी)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल पंचमी (23 जनवरी, 02:28 – 24 जनवरी, 01:46)
शुक्ल षष्ठी (24 जनवरी, 01:46 – 25 जनवरी, 00:40)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 25 जनवरी 202607:17 – 07:17 (26 जनवरी)रेवती, अश्विनीशुक्ल सप्तमी (25 जनवरी, 00:40 – 25 जनवरी, 23:10)
शुक्ल अष्टमी (25 जनवरी, 23:10 – 26 जनवरी, 21:18)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 26 जनवरी 202607:17 – 12:33अश्विनीशुक्ल अष्टमी (25 जनवरी, 23:10 – 26 जनवरी, 21:18)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 28 जनवरी 202609:27 – 07:16 (29 जनवरी)रोहिणीशुक्ल दशमी (27 जनवरी, 19:05 – 28 जनवरी, 16:36)
शुक्ल एकादशी (28 जनवरी, 16:36 – 29 जनवरी, 13:55)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 29 जनवरी 202607:16 – 05:29 (30 जनवरी)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल एकादशी (28 जनवरी, 16:36 – 29 जनवरी, 13:55)
शुक्ल द्वादशी (29 जनवरी, 13:55 – 30 जनवरी, 11:09)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार

नामकरण मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
  • नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, सूरत के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।

नामकरण मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या जनवरी 2026 में नामकरण मुहूर्त है?

हाँ, 17 दिन: 1, 2, 4, 5, 8, 9, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 23, 25, 26, 28 और 29 जनवरी।

गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

07:15 – 22:22 — सूरत के समय अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में।

जनवरी 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?

रविवार, 1 फ़रवरी 2026 को।