मुहूर्त कैलेंडर · वाराणसी
जुलाई 2026 में नामकरण मुहूर्त
जुलाई 2026 में नामकरण के 16 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 3, 5, 6, 8, 9, 12, 15, 19, 20, 23, 24, 29, 30 और 31 जुलाई। पहला मुहूर्त बुधवार, 1 जुलाई 2026 को 06:51 – 05:11 (2 जुलाई) है।
- वाराणसी के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
जुलाई 2026 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 1 जुलाई 2026 | 06:51 – 05:11 (2 जुलाई) | उत्तराषाढ़ा | कृष्ण प्रतिपदा (30 जून, 05:26 – 1 जुलाई, 07:38) कृष्ण द्वितीया (1 जुलाई, 07:38 – 2 जुलाई, 09:38) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| गुरुवार, 2 जुलाई 2026 | 05:11 – 05:11 (3 जुलाई) | उत्तराषाढ़ा, श्रवण | कृष्ण द्वितीया (1 जुलाई, 07:38 – 2 जुलाई, 09:38) कृष्ण तृतीया (2 जुलाई, 09:38 – 3 जुलाई, 11:20) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 | 05:11 – 11:20 | श्रवण | कृष्ण तृतीया (2 जुलाई, 09:38 – 3 जुलाई, 11:20) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार |
| रविवार, 5 जुलाई 2026 | 05:12 – 15:12 | शतभिषा | कृष्ण पंचमी (4 जुलाई, 12:40 – 5 जुलाई, 13:31) कृष्ण षष्ठी (5 जुलाई, 13:31 – 6 जुलाई, 13:47) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| सोमवार, 6 जुलाई 2026 | 16:07 – 05:13 (7 जुलाई) | उत्तर भाद्रपदा | कृष्ण सप्तमी (6 जुलाई, 13:47 – 7 जुलाई, 13:25) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार |
| बुधवार, 8 जुलाई 2026 | 05:13 – 12:22 | रेवती | कृष्ण अष्टमी (7 जुलाई, 13:25 – 8 जुलाई, 12:22) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| गुरुवार, 9 जुलाई 2026 | 10:38 – 14:56 | अश्विनी | कृष्ण दशमी (9 जुलाई, 10:38 – 10 जुलाई, 08:16) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| रविवार, 12 जुलाई 2026 | 05:15 – 22:30 | रोहिणी, मृगशिरा | कृष्ण त्रयोदशी (12 जुलाई, 02:04 – 12 जुलाई, 22:30) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| बुधवार, 15 जुलाई 2026 | 05:16 – 21:46 | पुष्य | शुक्ल प्रतिपदा (14 जुलाई, 15:13 – 15 जुलाई, 11:51) शुक्ल द्वितीया (15 जुलाई, 11:51 – 16 जुलाई, 08:53) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| रविवार, 19 जुलाई 2026 | 05:18 – 05:19 (20 जुलाई) | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | शुक्ल षष्ठी (19 जुलाई, 03:43 – 20 जुलाई, 03:30) शुक्ल सप्तमी (20 जुलाई, 03:30 – 21 जुलाई, 04:03) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| सोमवार, 20 जुलाई 2026 | 05:19 – 05:19 (21 जुलाई) | हस्त, चित्रा | शुक्ल सप्तमी (20 जुलाई, 03:30 – 21 जुलाई, 04:03) शुक्ल अष्टमी (21 जुलाई, 04:03 – 22 जुलाई, 05:17) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार |
| गुरुवार, 23 जुलाई 2026 | 01:42 – 05:21 (24 जुलाई) | अनुराधा | शुक्ल दशमी (23 जुलाई, 07:03 – 24 जुलाई, 09:13) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 | 05:21 – 04:36 (25 जुलाई) | अनुराधा | शुक्ल दशमी (23 जुलाई, 07:03 – 24 जुलाई, 09:13) शुक्ल एकादशी (24 जुलाई, 09:13 – 25 जुलाई, 11:34) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार |
| बुधवार, 29 जुलाई 2026 | 05:23 – 05:23 (30 जुलाई) | उत्तराषाढ़ा, श्रवण | पूर्णिमा (28 जुलाई, 18:19 – 29 जुलाई, 20:05) कृष्ण प्रतिपदा (29 जुलाई, 20:05 – 30 जुलाई, 21:30) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| गुरुवार, 30 जुलाई 2026 | 05:23 – 17:43 | श्रवण | कृष्ण प्रतिपदा (29 जुलाई, 20:05 – 30 जुलाई, 21:30) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 | 19:27 – 05:24 (1 अगस्त) | शतभिषा | कृष्ण द्वितीया (30 जुलाई, 21:30 – 31 जुलाई, 22:32) कृष्ण तृतीया (31 जुलाई, 22:32 – 1 अगस्त, 23:07) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार |
नामकरण मुहूर्त के नियम
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, वाराणसी के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2026
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।
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सामान्य प्रश्न
क्या जुलाई 2026 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 16 दिन: 1, 2, 3, 5, 6, 8, 9, 12, 15, 19, 20, 23, 24, 29, 30 और 31 जुलाई।
बुधवार, 1 जुलाई 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
06:51 – 05:11 (2 जुलाई) — वाराणसी के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
जुलाई 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
रविवार, 2 अगस्त 2026 को।