अप्रैल 2027 में नामकरण मुहूर्त

अप्रैल 2027 में नामकरण के 16 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 4, 7, 8, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 22, 23, 28, 29 और 30 अप्रैल। पहला मुहूर्त गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को 06:36 – 06:34 (2 अप्रैल) है।

  • लंदन के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।

अप्रैल 2027 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
गुरुवार, 1 अप्रैल 202706:36 – 06:34 (2 अप्रैल)श्रवणकृष्ण दशमी (31 मार्च, 17:46 – 1 अप्रैल, 20:15)
कृष्ण एकादशी (1 अप्रैल, 20:15 – 2 अप्रैल, 22:22)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 2 अप्रैल 202706:34 – 07:46श्रवणकृष्ण एकादशी (1 अप्रैल, 20:15 – 2 अप्रैल, 22:22)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 4 अप्रैल 202706:29 – 12:03शतभिषाकृष्ण त्रयोदशी (3 अप्रैल, 23:57 – 5 अप्रैल, 00:53)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
बुधवार, 7 अप्रैल 202706:22 – 06:20 (8 अप्रैल)रेवती, अश्विनीशुक्ल प्रतिपदा (7 अप्रैल, 00:51 – 7 अप्रैल, 23:59)
शुक्ल द्वितीया (7 अप्रैल, 23:59 – 8 अप्रैल, 22:40)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 8 अप्रैल 202706:20 – 13:29अश्विनीशुक्ल द्वितीया (7 अप्रैल, 23:59 – 8 अप्रैल, 22:40)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
रविवार, 11 अप्रैल 202706:13 – 06:11 (12 अप्रैल)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल पंचमी (10 अप्रैल, 19:10 – 11 अप्रैल, 17:10)
शुक्ल षष्ठी (11 अप्रैल, 17:10 – 12 अप्रैल, 15:05)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 12 अप्रैल 202706:11 – 09:04मृगशिराशुक्ल षष्ठी (11 अप्रैल, 17:10 – 12 अप्रैल, 15:05)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 14 अप्रैल 202706:22 – 10:54पुष्यशुक्ल अष्टमी (13 अप्रैल, 12:59 – 14 अप्रैल, 10:54)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
रविवार, 18 अप्रैल 202705:58 – 01:38 (19 अप्रैल)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तशुक्ल त्रयोदशी (18 अप्रैल, 03:12 – 19 अप्रैल, 01:38)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 19 अप्रैल 202700:21 – 05:54 (20 अप्रैल)चित्रापूर्णिमा (20 अप्रैल, 00:21 – 20 अप्रैल, 23:27)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 21 अप्रैल 202705:52 – 00:14 (22 अप्रैल)स्वातिकृष्ण प्रतिपदा (20 अप्रैल, 23:27 – 21 अप्रैल, 23:00)
कृष्ण द्वितीया (21 अप्रैल, 23:00 – 22 अप्रैल, 23:07)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 22 अप्रैल 202701:02 – 05:48 (23 अप्रैल)अनुराधाकृष्ण तृतीया (22 अप्रैल, 23:07 – 23 अप्रैल, 23:51)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 23 अप्रैल 202705:48 – 23:51अनुराधाकृष्ण तृतीया (22 अप्रैल, 23:07 – 23 अप्रैल, 23:51)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
बुधवार, 28 अप्रैल 202705:38 – 05:36 (29 अप्रैल)उत्तराषाढ़ा, श्रवणकृष्ण सप्तमी (27 अप्रैल, 05:27 – 28 अप्रैल, 08:01)
कृष्ण अष्टमी (28 अप्रैल, 08:01 – 29 अप्रैल, 10:31)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 29 अप्रैल 202705:36 – 10:31श्रवणकृष्ण अष्टमी (28 अप्रैल, 08:01 – 29 अप्रैल, 10:31)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 30 अप्रैल 202718:40 – 05:32 (1 मई)शतभिषाकृष्ण दशमी (30 अप्रैल, 12:44 – 1 मई, 14:24)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार

नामकरण मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
  • नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, लंदन के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।

नामकरण मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या अप्रैल 2027 में नामकरण मुहूर्त है?

हाँ, 16 दिन: 1, 2, 4, 7, 8, 11, 12, 14, 18, 19, 21, 22, 23, 28, 29 और 30 अप्रैल।

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

06:36 – 06:34 (2 अप्रैल) — लंदन के समय अनुसार, श्रवण नक्षत्र में।

अप्रैल 2027 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?

रविवार, 2 मई 2027 को।