फ़रवरी 2027 में नामकरण मुहूर्त

फ़रवरी 2027 में नामकरण के 14 शुभ मुहूर्त हैं: 4, 7, 8, 10, 11, 12, 15, 18, 19, 22, 24, 25, 26 और 28 फ़रवरी। पहला मुहूर्त गुरुवार, 4 फ़रवरी 2027 को 15:32 – 16:31 है।

  • वडोदरा के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।

फ़रवरी 2027 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
गुरुवार, 4 फ़रवरी 202715:32 – 16:31उत्तराषाढ़ाकृष्ण त्रयोदशी (3 फ़रवरी, 13:50 – 4 फ़रवरी, 16:31)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
रविवार, 7 फ़रवरी 202723:49 – 07:12 (8 फ़रवरी)शतभिषाशुक्ल द्वितीया (7 फ़रवरी, 23:27 – 9 फ़रवरी, 01:06)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 8 फ़रवरी 202707:12 – 01:57 (9 फ़रवरी)शतभिषाशुक्ल द्वितीया (7 फ़रवरी, 23:27 – 9 फ़रवरी, 01:06)
शुक्ल तृतीया (9 फ़रवरी, 01:06 – 10 फ़रवरी, 02:20)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 10 फ़रवरी 202703:05 – 07:11 (11 फ़रवरी)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल पंचमी (11 फ़रवरी, 03:05 – 12 फ़रवरी, 03:18)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 11 फ़रवरी 202707:11 – 07:10 (12 फ़रवरी)रेवती, अश्विनीशुक्ल पंचमी (11 फ़रवरी, 03:05 – 12 फ़रवरी, 03:18)
शुक्ल षष्ठी (12 फ़रवरी, 03:18 – 13 फ़रवरी, 02:59)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 12 फ़रवरी 202707:10 – 05:56 (13 फ़रवरी)अश्विनीशुक्ल षष्ठी (12 फ़रवरी, 03:18 – 13 फ़रवरी, 02:59)
शुक्ल सप्तमी (13 फ़रवरी, 02:59 – 14 फ़रवरी, 02:07)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
सोमवार, 15 फ़रवरी 202722:44 – 07:08 (16 फ़रवरी)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल दशमी (15 फ़रवरी, 22:44 – 16 फ़रवरी, 20:19)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
गुरुवार, 18 फ़रवरी 202721:06 – 07:06 (19 फ़रवरी)पुष्यशुक्ल त्रयोदशी (18 फ़रवरी, 14:28 – 19 फ़रवरी, 11:14)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 19 फ़रवरी 202707:06 – 11:14पुष्यशुक्ल त्रयोदशी (18 फ़रवरी, 14:28 – 19 फ़रवरी, 11:14)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
सोमवार, 22 फ़रवरी 202711:55 – 07:03 (23 फ़रवरी)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण द्वितीया (22 फ़रवरी, 02:03 – 22 फ़रवरी, 23:39)
कृष्ण तृतीया (22 फ़रवरी, 23:39 – 23 फ़रवरी, 21:49)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 24 फ़रवरी 202720:40 – 07:01 (25 फ़रवरी)चित्राकृष्ण पंचमी (24 फ़रवरी, 20:40 – 25 फ़रवरी, 20:18)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 25 फ़रवरी 202707:01 – 07:01 (26 फ़रवरी)चित्रा, स्वातिकृष्ण पंचमी (24 फ़रवरी, 20:40 – 25 फ़रवरी, 20:18)
कृष्ण षष्ठी (25 फ़रवरी, 20:18 – 26 फ़रवरी, 20:43)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 26 फ़रवरी 202707:01 – 10:13स्वातिकृष्ण षष्ठी (25 फ़रवरी, 20:18 – 26 फ़रवरी, 20:43)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 28 फ़रवरी 202706:59 – 13:47अनुराधाकृष्ण अष्टमी (27 फ़रवरी, 21:55 – 28 फ़रवरी, 23:46)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार

नामकरण मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
  • नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, वडोदरा के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।

नामकरण मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2027

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या फ़रवरी 2027 में नामकरण मुहूर्त है?

हाँ, 14 दिन: 4, 7, 8, 10, 11, 12, 15, 18, 19, 22, 24, 25, 26 और 28 फ़रवरी।

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

15:32 – 16:31 — वडोदरा के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।

फ़रवरी 2027 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?

बुधवार, 3 मार्च 2027 को।