मुहूर्त कैलेंडर · मुंबई
सितंबर 2027 में नामकरण मुहूर्त
सितंबर 2027 में नामकरण के 15 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 3, 5, 6, 10, 12, 15, 16, 17, 19, 22, 23, 26 और 30 सितंबर। पहला मुहूर्त बुधवार, 1 सितंबर 2027 को 19:48 – 06:23 (2 सितंबर) है।
- मुंबई के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
सितंबर 2027 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 1 सितंबर 2027 | 19:48 – 06:23 (2 सितंबर) | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल प्रतिपदा (31 अगस्त, 23:11 – 1 सितंबर, 19:50) शुक्ल द्वितीया (1 सितंबर, 19:50 – 2 सितंबर, 16:50) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| गुरुवार, 2 सितंबर 2027 | 06:23 – 06:23 (3 सितंबर) | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | शुक्ल द्वितीया (1 सितंबर, 19:50 – 2 सितंबर, 16:50) शुक्ल तृतीया (2 सितंबर, 16:50 – 3 सितंबर, 14:19) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 | 06:23 – 14:19 | हस्त | शुक्ल तृतीया (2 सितंबर, 16:50 – 3 सितंबर, 14:19) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार |
| रविवार, 5 सितंबर 2027 | 06:24 – 14:30 | स्वाति | शुक्ल पंचमी (4 सितंबर, 12:26 – 5 सितंबर, 11:17) शुक्ल षष्ठी (5 सितंबर, 11:17 – 6 सितंबर, 10:58) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| सोमवार, 6 सितंबर 2027 | 14:59 – 06:24 (7 सितंबर) | अनुराधा | शुक्ल सप्तमी (6 सितंबर, 10:58 – 7 सितंबर, 11:28) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार |
| शुक्रवार, 10 सितंबर 2027 | 23:50 – 06:25 (11 सितंबर) | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल एकादशी (10 सितंबर, 17:00 – 11 सितंबर, 19:36) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार |
| रविवार, 12 सितंबर 2027 | 06:25 – 06:05 (13 सितंबर) | श्रवण | शुक्ल द्वादशी (11 सितंबर, 19:36 – 12 सितंबर, 22:13) शुक्ल त्रयोदशी (12 सितंबर, 22:13 – 14 सितंबर, 00:40) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| बुधवार, 15 सितंबर 2027 | 06:25 – 11:33 | शतभिषा | पूर्णिमा (15 सितंबर, 02:48 – 16 सितंबर, 04:33) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| गुरुवार, 16 सितंबर 2027 | 13:44 – 06:26 (17 सितंबर) | उत्तर भाद्रपदा | कृष्ण प्रतिपदा (16 सितंबर, 04:33 – 17 सितंबर, 05:52) कृष्ण द्वितीया (17 सितंबर, 05:52 – 18 सितंबर, 06:44) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| शुक्रवार, 17 सितंबर 2027 | 06:26 – 06:26 (18 सितंबर) | उत्तर भाद्रपदा, रेवती | कृष्ण द्वितीया (17 सितंबर, 05:52 – 18 सितंबर, 06:44) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार |
| रविवार, 19 सितंबर 2027 | 06:26 – 07:09 | अश्विनी | कृष्ण तृतीया (18 सितंबर, 06:44 – 19 सितंबर, 07:09) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| बुधवार, 22 सितंबर 2027 | 06:27 – 06:27 (23 सितंबर) | रोहिणी, मृगशिरा | कृष्ण सप्तमी (22 सितंबर, 05:52 – 23 सितंबर, 04:37) कृष्ण अष्टमी (23 सितंबर, 04:37 – 24 सितंबर, 02:57) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| गुरुवार, 23 सितंबर 2027 | 06:27 – 17:07 | मृगशिरा | कृष्ण अष्टमी (23 सितंबर, 04:37 – 24 सितंबर, 02:57) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| रविवार, 26 सितंबर 2027 | 06:27 – 12:38 | पुष्य | कृष्ण एकादशी (25 सितंबर, 22:31 – 26 सितंबर, 19:49) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| गुरुवार, 30 सितंबर 2027 | 08:06 – 06:28 (1 अक्तूबर) | हस्त, चित्रा | शुक्ल प्रतिपदा (क्षय) (30 सितंबर, 08:06 – 1 अक्तूबर, 05:35) शुक्ल द्वितीया (1 अक्तूबर, 05:35 – 2 अक्तूबर, 03:33) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
नामकरण मुहूर्त के नियम
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, मुंबई के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2027
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।
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सामान्य प्रश्न
क्या सितंबर 2027 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 15 दिन: 1, 2, 3, 5, 6, 10, 12, 15, 16, 17, 19, 22, 23, 26 और 30 सितंबर।
बुधवार, 1 सितंबर 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
19:48 – 06:23 (2 सितंबर) — मुंबई के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।
सितंबर 2027 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 1 अक्तूबर 2027 को।