♊︎ वार्षिक राशिफल 2027 · चंद्र राशि
मिथुन राशिफल 2027
मिथुन चंद्र राशि के लिए 2027 को धीमे ग्रह तय करते हैं। वर्ष के आरंभ में गुरु आपके तीसरे भाव में है; फिर 25 जनवरी को दूसरे, 26 जून को तीसरे और 26 नवंबर को चौथे भाव में जाता है। वर्ष के आरंभ में शनि आपके दसवें भाव में है; फिर 3 जून को ग्यारहवें और 20 अक्तूबर को दसवें भाव में जाता है। राहु और केतु पूरे वर्ष आपके आठवें और दूसरे भाव में रहते हैं। 2027 में मिथुन राशि पर न साढ़ेसाती है, न ढैय्या।
2027 एक नज़र में
मिथुन राशिफल 2027: धीमे ग्रहों का गोचर
| ग्रह | राशि | अवधि | आपकी चंद्र राशि से भाव | पारंपरिक गोचर फल |
|---|---|---|---|---|
| गुरु | सिंह | 31 अक्तूबर 2026 – 25 जनवरी 2027 | तीसरा | प्रतिकूल |
| गुरु | कर्क | 25 जनवरी 2027 – 26 जून 2027 | दूसरा | अनुकूल |
| गुरु | सिंह | 26 जून 2027 – 26 नवंबर 2027 | तीसरा | प्रतिकूल |
| गुरु | कन्या | 26 नवंबर 2027 – 28 फ़रवरी 2028 | चौथा | प्रतिकूल |
| शनि | मीन | 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027 | दसवाँ | सामान्य |
| शनि | मेष | 3 जून 2027 – 20 अक्तूबर 2027 | ग्यारहवाँ | अनुकूल |
| शनि | मीन | 20 अक्तूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028 | दसवाँ | सामान्य |
| राहु | मकर | 5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028 | आठवाँ | प्रतिकूल |
| केतु | कर्क | 5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028 | दूसरा | प्रतिकूल |
गुरु
2027 में मिथुन राशि पर गुरु का गोचर
31 अक्तूबर 2026 – 25 जनवरी 2027: गुरु सिंह राशि में, यानी मिथुन से तीसरे भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। तीसरे भाव — पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ — में गुरु प्रतिकूल गिना जाता है। पारंपरिक पाठ है कि प्रगति अधिक प्रयास माँगती है और योजनाएँ आख़िरी कदम पर अटक सकती हैं; बड़े आरंभ से बेहतर छोटे, नियमित कदम हैं।
25 जनवरी 2027 – 26 जून 2027: गुरु कर्क राशि में, यानी मिथुन से दूसरे भाव में — पारंपरिक तालिका में अनुकूल। दूसरा भाव परिवार, संचय और वाणी का है, और यहाँ गुरु पारंपरिक रूप से अनुकूल है। परंपरा इसे पारिवारिक अवसरों, जो पहले से बना है उसके सहेजने और वज़नदार वाणी का सहयोग मानती है।
26 जून 2027 – 26 नवंबर 2027: गुरु सिंह राशि में, यानी मिथुन से तीसरे भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। तीसरे भाव — पराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ — में गुरु प्रतिकूल गिना जाता है। पारंपरिक पाठ है कि प्रगति अधिक प्रयास माँगती है और योजनाएँ आख़िरी कदम पर अटक सकती हैं; बड़े आरंभ से बेहतर छोटे, नियमित कदम हैं।
26 नवंबर 2027 – 28 फ़रवरी 2028: गुरु कन्या राशि में, यानी मिथुन से चौथे भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। चौथा भाव घर, माता, संपत्ति और मन की शांति का है। यहाँ गुरु पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है: परंपरा घरेलू चिंताओं और सुख-सुविधा से दूरी की बात करती है। घर के मामलों में जल्दबाज़ी के बजाय धैर्य रखें।
शनि
2027 में मिथुन राशि पर शनि: साढ़ेसाती और ढैय्या
29 मार्च 2025 – 3 जून 2027: शनि मीन राशि में, यानी मिथुन से दसवें भाव में — पारंपरिक तालिका में सामान्य। दसवें भाव में शनि यहाँ प्रयुक्त गोचर-तालिका में न अनुकूल है न प्रतिकूल। परंपरा इसे काम के भारी बोझ और कार्यक्षेत्र में बदलाव से जोड़ती है, जहाँ अनुशासन धीरे-धीरे फल देता है।
3 जून 2027 – 20 अक्तूबर 2027: शनि मेष राशि में, यानी मिथुन से ग्यारहवें भाव में — पारंपरिक तालिका में अनुकूल। ग्यारहवाँ भाव चंद्र से शनि का सबसे अनुकूल भाव है। परंपरा इसे लाभ, अधिक स्थिर आय और लंबे प्रयासों के फल का समय मानती है।
20 अक्तूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028: शनि मीन राशि में, यानी मिथुन से दसवें भाव में — पारंपरिक तालिका में सामान्य। दसवें भाव में शनि यहाँ प्रयुक्त गोचर-तालिका में न अनुकूल है न प्रतिकूल। परंपरा इसे काम के भारी बोझ और कार्यक्षेत्र में बदलाव से जोड़ती है, जहाँ अनुशासन धीरे-धीरे फल देता है।
राहु · केतु
2027 में मिथुन राशि पर राहु और केतु
5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028: राहु मकर राशि में, यानी मिथुन से आठवें भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। आठवें भाव में राहु पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है। परंपरा इसे अचानक घटनाओं और छिपे मामलों से जोड़ती है; अनावश्यक जोखिम से बचें।
5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028: केतु कर्क राशि में, यानी मिथुन से दूसरे भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। दूसरे भाव में केतु पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है; परंपरा परिवार से दूरी और वाणी में सावधानी की ज़रूरत बताती है।
महीने-दर-महीने
मिथुन राशिफल 2027 महीने-दर-महीने
हर महीने की 15 तारीख़ को मिथुन से इन चार ग्रहों में से 1 से 3 तक पारंपरिक रूप से अनुकूल भावों में रहते हैं। यह गिनती मई और जून में सबसे अधिक है। यह गिनती है, अंक नहीं: गुरु और शनि वर्ष की पृष्ठभूमि तय करते हैं और हर एक-दो महीने में राशि बदलने वाले सूर्य और मंगल से अधिक भारी हैं।
| महीना | सूर्य | मंगल | गुरु | शनि | 15 तारीख़ को अनुकूल |
|---|---|---|---|---|---|
| जनवरी | धनु, सातवाँ (प्रतिकूल); 14 जनवरी से: मकर, आठवाँ (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (अनुकूल) | सिंह, तीसरा (प्रतिकूल); 25 जनवरी से: कर्क, दूसरा (अनुकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य) | 1 / 4 |
| फ़रवरी | मकर, आठवाँ (प्रतिकूल); 13 फ़रवरी से: कुंभ, नौवाँ (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (अनुकूल) | कर्क, दूसरा (अनुकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य) | 2 / 4 |
| मार्च | कुंभ, नौवाँ (प्रतिकूल); 15 मार्च से: मीन, दसवाँ (अनुकूल) | सिंह, तीसरा (अनुकूल); 10 मार्च से: कर्क, दूसरा (प्रतिकूल) | कर्क, दूसरा (अनुकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य) | 2 / 4 |
| अप्रैल | मीन, दसवाँ (अनुकूल); 14 अप्रैल से: मेष, ग्यारहवाँ (अनुकूल) | कर्क, दूसरा (प्रतिकूल); 26 अप्रैल से: सिंह, तीसरा (अनुकूल) | कर्क, दूसरा (अनुकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य) | 2 / 4 |
| मई | मेष, ग्यारहवाँ (अनुकूल); 15 मई से: वृषभ, बारहवाँ (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (अनुकूल) | कर्क, दूसरा (अनुकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य) | 3 / 4 |
| जून | वृषभ, बारहवाँ (प्रतिकूल); 15 जून से: मिथुन, पहला (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (अनुकूल) | कर्क, दूसरा (अनुकूल); 26 जून से: सिंह, तीसरा (प्रतिकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य); 3 जून से: मेष, ग्यारहवाँ (अनुकूल) | 3 / 4 |
| जुलाई | मिथुन, पहला (प्रतिकूल); 17 जुलाई से: कर्क, दूसरा (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (अनुकूल); 5 जुलाई से: कन्या, चौथा (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (प्रतिकूल) | मेष, ग्यारहवाँ (अनुकूल) | 1 / 4 |
| अगस्त | कर्क, दूसरा (प्रतिकूल); 17 अगस्त से: सिंह, तीसरा (अनुकूल) | कन्या, चौथा (प्रतिकूल); 24 अगस्त से: तुला, पाँचवाँ (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (प्रतिकूल) | मेष, ग्यारहवाँ (अनुकूल) | 1 / 4 |
| सितंबर | सिंह, तीसरा (अनुकूल); 17 सितंबर से: कन्या, चौथा (प्रतिकूल) | तुला, पाँचवाँ (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (प्रतिकूल) | मेष, ग्यारहवाँ (अनुकूल) | 2 / 4 |
| अक्तूबर | कन्या, चौथा (प्रतिकूल); 18 अक्तूबर से: तुला, पाँचवाँ (प्रतिकूल) | तुला, पाँचवाँ (प्रतिकूल); 8 अक्तूबर से: वृश्चिक, छठा (अनुकूल) | सिंह, तीसरा (प्रतिकूल) | मेष, ग्यारहवाँ (अनुकूल); 20 अक्तूबर से: मीन, दसवाँ (सामान्य) | 2 / 4 |
| नवंबर | तुला, पाँचवाँ (प्रतिकूल); 17 नवंबर से: वृश्चिक, छठा (अनुकूल) | वृश्चिक, छठा (अनुकूल); 18 नवंबर से: धनु, सातवाँ (प्रतिकूल) | सिंह, तीसरा (प्रतिकूल); 26 नवंबर से: कन्या, चौथा (प्रतिकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य) | 1 / 4 |
| दिसंबर | वृश्चिक, छठा (अनुकूल); 16 दिसंबर से: धनु, सातवाँ (प्रतिकूल) | धनु, सातवाँ (प्रतिकूल); 27 दिसंबर से: मकर, आठवाँ (प्रतिकूल) | कन्या, चौथा (प्रतिकूल) | मीन, दसवाँ (सामान्य) | 1 / 4 |
सभी 12 राशियाँ
बाकी 11 राशियों का राशिफल 2027
मिथुन राशिफल 2027 से जुड़े आम सवाल
मिथुन राशिफल 2027 चंद्र राशि से देखें या सूर्य राशि से?
चंद्र राशि से। वैदिक ज्योतिष में मिथुन राशि का अर्थ है कि आपके जन्म के समय चंद्रमा मिथुन राशि में था — निरयन राशि चक्र में। यह अक्सर अंग्रेज़ी अख़बारों वाली सूर्य राशि से अलग होती है; निःशुल्क कुंडली एक मिनट में बता देती है कि आपकी राशि कौन-सी है।
2027 में शनि राशि कब बदलता है?
2027 में शनि का राशि-परिवर्तन (भारतीय समय): 3 जून 2027 को मेष में; 20 अक्तूबर 2027 को मीन में। 2027 में मिथुन चंद्र राशि पर किसी भी समय न साढ़ेसाती है, न ढैय्या।
2027 में गुरु राशि कब बदलता है?
2027 में गुरु का राशि-परिवर्तन (भारतीय समय): 25 जनवरी 2027 को कर्क में; 26 जून 2027 को सिंह में; 26 नवंबर 2027 को कन्या में। वक्री वर्ष में गुरु अभी छोड़ी हुई राशि में लौट भी सकता है, इसलिए हर प्रवेश ऊपर अलग अवधि के रूप में दिया है।
2027 के कौन-से महीने मिथुन राशि के लिए बेहतर दिखते हैं?
हर महीने की 15 तारीख़ को मिथुन से इन चार ग्रहों में से 1 से 3 तक पारंपरिक रूप से अनुकूल भावों में रहते हैं। यह गिनती मई और जून में सबसे अधिक है। यह गिनती है, अंक नहीं: गुरु और शनि वर्ष की पृष्ठभूमि तय करते हैं और हर एक-दो महीने में राशि बदलने वाले सूर्य और मंगल से अधिक भारी हैं।
ये तारीख़ें कैसे निकाली गईं?
पेज बनते समय पंचांग-गणना (एफ़ेमेरिस) से, लाहिड़ी निरयन राशि चक्र में — हाथ से लिखी नहीं गईं। हर राशि-प्रवेश एक-एक दिन आगे बढ़कर और फिर सीमा को बाँटकर खोजा जाता है। राहु-केतु मध्यम (mean) पात हैं। तारीख़ें भारतीय समय में हैं; दूसरे पंचांगों में सटीक क्षण कुछ घंटे अलग हो सकता है, इसलिए यहाँ समय नहीं, तारीख़ें दी गई हैं।