कन्या राशिफल 2027

कन्या चंद्र राशि के लिए 2027 को धीमे ग्रह तय करते हैं। वर्ष के आरंभ में गुरु आपके बारहवें भाव में है; फिर 25 जनवरी को ग्यारहवें, 26 जून को बारहवें और 26 नवंबर को पहले भाव में जाता है। वर्ष के आरंभ में शनि आपके सातवें भाव में है; फिर 3 जून को आठवें और 20 अक्तूबर को सातवें भाव में जाता है। राहु और केतु पूरे वर्ष आपके पाँचवें और ग्यारहवें भाव में रहते हैं। शनि की स्थिति: न साढ़ेसाती, न ढैय्या; 3 जून से ढैय्या — अष्टम शनि; 20 अक्तूबर से न साढ़ेसाती, न ढैय्या।

कन्या राशिफल 2027: धीमे ग्रहों का गोचर

2027 में गुरु, शनि, राहु और केतु की हर राशि, कन्या चंद्र राशि से गिनी हुई। तारीख़ें भारतीय समय में।
ग्रहराशिअवधिआपकी चंद्र राशि से भावपारंपरिक गोचर फल
गुरुसिंह31 अक्तूबर 2026 – 25 जनवरी 2027बारहवाँप्रतिकूल
गुरुकर्क25 जनवरी 2027 – 26 जून 2027ग्यारहवाँअनुकूल
गुरुसिंह26 जून 2027 – 26 नवंबर 2027बारहवाँप्रतिकूल
गुरुकन्या26 नवंबर 2027 – 28 फ़रवरी 2028पहलाप्रतिकूल
शनिमीन29 मार्च 2025 – 3 जून 2027सातवाँप्रतिकूल
शनिमेष3 जून 2027 – 20 अक्तूबर 2027आठवाँप्रतिकूल · ढैय्या — अष्टम शनि
शनिमीन20 अक्तूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028सातवाँप्रतिकूल
राहुमकर5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028पाँचवाँप्रतिकूल
केतुकर्क5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028ग्यारहवाँअनुकूल

2027 में कन्या राशि पर गुरु का गोचर

31 अक्तूबर 2026 – 25 जनवरी 2027: गुरु सिंह राशि में, यानी कन्या से बारहवें भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। बारहवें भाव — व्यय, दूर के स्थान और एकांत — में गुरु पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है। परंपरा इसे अधिक खर्च और यात्रा का वर्ष मानती है, और साधना तथा अच्छे कामों में दान के लिए अच्छा भी।

25 जनवरी 2027 – 26 जून 2027: गुरु कर्क राशि में, यानी कन्या से ग्यारहवें भाव में — पारंपरिक तालिका में अनुकूल। ग्यारहवाँ भाव लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति का है, और यहाँ गुरु पारंपरिक रूप से अनुकूल है। परंपरा इसे ऐसा वर्ष मानती है जिसमें संपर्क काम आते हैं, प्रयास लौटकर फल देते हैं और पुरानी इच्छाएँ आगे बढ़ती हैं।

26 जून 2027 – 26 नवंबर 2027: गुरु सिंह राशि में, यानी कन्या से बारहवें भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। बारहवें भाव — व्यय, दूर के स्थान और एकांत — में गुरु पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है। परंपरा इसे अधिक खर्च और यात्रा का वर्ष मानती है, और साधना तथा अच्छे कामों में दान के लिए अच्छा भी।

26 नवंबर 2027 – 28 फ़रवरी 2028: गुरु कन्या राशि में, यानी कन्या से पहले भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। चंद्र राशि पर गुरु का गोचर गोचर-तालिका में प्रतिकूल माना जाता है। परंपरा इसे स्थान या भूमिका में बदलाव, सामान्य से अधिक खर्च और देर से दिखने वाले परिणाम से जोड़ती है। यह वर्ष हर मोर्चे पर फैलने के बजाय प्रतिबद्धताएँ व्यावहारिक रखने का है।

2027 में कन्या राशि पर शनि: साढ़ेसाती और ढैय्या

29 मार्च 2025 – 3 जून 2027: शनि मीन राशि में, यानी कन्या से सातवें भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। सातवें भाव — साझेदारी और दूसरों से व्यवहार — में शनि पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है। परंपरा साझेदारी में खिंचाव या दूरी और थकाने वाली यात्राओं की बात करती है; जीवनसाथी के साथ धैर्य ही पारंपरिक सलाह है।

3 जून 2027 – 20 अक्तूबर 2027: शनि मेष राशि में, यानी कन्या से आठवें भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल; ढैय्या — अष्टम शनि। आठवें भाव में शनि अष्टम शनि है — ढैय्या का दूसरा रूप — और पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है। परंपरा इसे बाधाओं, देरी और अचानक घटनाओं से जोड़ती है; बचत बनाए रखें और अनावश्यक जोखिम से बचें।

20 अक्तूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028: शनि मीन राशि में, यानी कन्या से सातवें भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। सातवें भाव — साझेदारी और दूसरों से व्यवहार — में शनि पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है। परंपरा साझेदारी में खिंचाव या दूरी और थकाने वाली यात्राओं की बात करती है; जीवनसाथी के साथ धैर्य ही पारंपरिक सलाह है।

2027 में कन्या राशि पर राहु और केतु

5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028: राहु मकर राशि में, यानी कन्या से पाँचवें भाव में — पारंपरिक तालिका में प्रतिकूल। पाँचवें भाव में राहु पारंपरिक रूप से प्रतिकूल है। परंपरा धुंधले विवेक की चेतावनी देती है और सट्टे जैसे निर्णयों से बचने को कहती है।

5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028: केतु कर्क राशि में, यानी कन्या से ग्यारहवें भाव में — पारंपरिक तालिका में अनुकूल। ग्यारहवाँ भाव केतु के अनुकूल भावों में है। परंपरा इसे लाभ और इच्छापूर्ति का समय मानती है।

कन्या राशिफल 2027 महीने-दर-महीने

हर महीने की 15 तारीख़ को कन्या से इन चार ग्रहों में से 0 से 2 तक पारंपरिक रूप से अनुकूल भावों में रहते हैं। यह गिनती फ़रवरी, मार्च और अप्रैल में सबसे अधिक है। सबसे कम जनवरी और सितंबर में है। यह गिनती है, अंक नहीं: गुरु और शनि वर्ष की पृष्ठभूमि तय करते हैं और हर एक-दो महीने में राशि बदलने वाले सूर्य और मंगल से अधिक भारी हैं।

2027 महीने-दर-महीने, कन्या से: हर ग्रह की राशि, भाव और पारंपरिक फल। महीने के बीच राशि बदले तो उसकी तारीख़ (भारतीय समय) दी है।
महीनासूर्यमंगलगुरुशनि15 तारीख़ को अनुकूल
जनवरीधनु, चौथा (प्रतिकूल); 14 जनवरी से: मकर, पाँचवाँ (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल); 25 जनवरी से: कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)0 / 4
फ़रवरीमकर, पाँचवाँ (प्रतिकूल); 13 फ़रवरी से: कुंभ, छठा (अनुकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)2 / 4
मार्चकुंभ, छठा (अनुकूल); 15 मार्च से: मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल); 10 मार्च से: कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल)कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)2 / 4
अप्रैलमीन, सातवाँ (प्रतिकूल); 14 अप्रैल से: मेष, आठवाँ (प्रतिकूल)कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल); 26 अप्रैल से: सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)2 / 4
मईमेष, आठवाँ (प्रतिकूल); 15 मई से: वृषभ, नौवाँ (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)1 / 4
जूनवृषभ, नौवाँ (प्रतिकूल); 15 जून से: मिथुन, दसवाँ (अनुकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल); 26 जून से: सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल); 3 जून से: मेष, आठवाँ (प्रतिकूल)1 / 4
जुलाईमिथुन, दसवाँ (अनुकूल); 17 जुलाई से: कर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल); 5 जुलाई से: कन्या, पहला (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)मेष, आठवाँ (प्रतिकूल)1 / 4
अगस्तकर्क, ग्यारहवाँ (अनुकूल); 17 अगस्त से: सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)कन्या, पहला (प्रतिकूल); 24 अगस्त से: तुला, दूसरा (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)मेष, आठवाँ (प्रतिकूल)1 / 4
सितंबरसिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल); 17 सितंबर से: कन्या, पहला (प्रतिकूल)तुला, दूसरा (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)मेष, आठवाँ (प्रतिकूल)0 / 4
अक्तूबरकन्या, पहला (प्रतिकूल); 18 अक्तूबर से: तुला, दूसरा (प्रतिकूल)तुला, दूसरा (प्रतिकूल); 8 अक्तूबर से: वृश्चिक, तीसरा (अनुकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल)मेष, आठवाँ (प्रतिकूल); 20 अक्तूबर से: मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)1 / 4
नवंबरतुला, दूसरा (प्रतिकूल); 17 नवंबर से: वृश्चिक, तीसरा (अनुकूल)वृश्चिक, तीसरा (अनुकूल); 18 नवंबर से: धनु, चौथा (प्रतिकूल)सिंह, बारहवाँ (प्रतिकूल); 26 नवंबर से: कन्या, पहला (प्रतिकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)1 / 4
दिसंबरवृश्चिक, तीसरा (अनुकूल); 16 दिसंबर से: धनु, चौथा (प्रतिकूल)धनु, चौथा (प्रतिकूल); 27 दिसंबर से: मकर, पाँचवाँ (प्रतिकूल)कन्या, पहला (प्रतिकूल)मीन, सातवाँ (प्रतिकूल)1 / 4

बाकी 11 राशियों का राशिफल 2027

कन्या राशिफल 2027 से जुड़े आम सवाल

कन्या राशिफल 2027 चंद्र राशि से देखें या सूर्य राशि से?

चंद्र राशि से। वैदिक ज्योतिष में कन्या राशि का अर्थ है कि आपके जन्म के समय चंद्रमा कन्या राशि में था — निरयन राशि चक्र में। यह अक्सर अंग्रेज़ी अख़बारों वाली सूर्य राशि से अलग होती है; निःशुल्क कुंडली एक मिनट में बता देती है कि आपकी राशि कौन-सी है।

2027 में शनि राशि कब बदलता है?

2027 में शनि का राशि-परिवर्तन (भारतीय समय): 3 जून 2027 को मेष में; 20 अक्तूबर 2027 को मीन में। 2027 में कन्या चंद्र राशि के लिए: ढैय्या — अष्टम शनि (3 जून 2027 – 20 अक्तूबर 2027)।

2027 में गुरु राशि कब बदलता है?

2027 में गुरु का राशि-परिवर्तन (भारतीय समय): 25 जनवरी 2027 को कर्क में; 26 जून 2027 को सिंह में; 26 नवंबर 2027 को कन्या में। वक्री वर्ष में गुरु अभी छोड़ी हुई राशि में लौट भी सकता है, इसलिए हर प्रवेश ऊपर अलग अवधि के रूप में दिया है।

2027 के कौन-से महीने कन्या राशि के लिए बेहतर दिखते हैं?

हर महीने की 15 तारीख़ को कन्या से इन चार ग्रहों में से 0 से 2 तक पारंपरिक रूप से अनुकूल भावों में रहते हैं। यह गिनती फ़रवरी, मार्च और अप्रैल में सबसे अधिक है। सबसे कम जनवरी और सितंबर में है। यह गिनती है, अंक नहीं: गुरु और शनि वर्ष की पृष्ठभूमि तय करते हैं और हर एक-दो महीने में राशि बदलने वाले सूर्य और मंगल से अधिक भारी हैं।

ये तारीख़ें कैसे निकाली गईं?

पेज बनते समय पंचांग-गणना (एफ़ेमेरिस) से, लाहिड़ी निरयन राशि चक्र में — हाथ से लिखी नहीं गईं। हर राशि-प्रवेश एक-एक दिन आगे बढ़कर और फिर सीमा को बाँटकर खोजा जाता है। राहु-केतु मध्यम (mean) पात हैं। तारीख़ें भारतीय समय में हैं; दूसरे पंचांगों में सटीक क्षण कुछ घंटे अलग हो सकता है, इसलिए यहाँ समय नहीं, तारीख़ें दी गई हैं।