सोमवार, 12 अक्तूबर 2026
नई दिल्ली में कल का सूर्योदय और सूर्यास्त
कल, 12 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय 6:20 AM पर और सूर्यास्त 5:55 PM पर है — यानी 11 घंटे 35 मिनट का दिन। नीचे का हर शहर अपने अक्षांश-देशांतर और अपने कल के लिए निकाला गया है।
नई दिल्ली में कल का सूर्योदय और सूर्यास्त, 12 अक्तूबर 2026
सूर्योदय और सूर्यास्त वे क्षण हैं जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज को छूता है — जैसा छपा हुआ पंचांग मानता है। चंद्रोदय और चंद्रास्त वे हैं जो कल की तारीख़ में पड़ते हैं; चंद्रमा रोज़ लगभग पचास मिनट देर से उगता है, इसलिए महीने में एक दिन वह उगता ही नहीं।
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 6:20 AM |
| सूर्यास्त | 5:55 PM |
| दिनमान | 11h 35m 20s |
| रात्रिमान | 12h 24m 40s |
| चंद्रोदय | 7:47 AM |
| चंद्रास्त | 6:41 PM |
बारह शहरों में कल का सूर्योदय और सूर्यास्त
हर पंक्ति उस शहर का अपना कल है, उसके अपने अक्षांश और देशांतर से। पूरे सप्ताह का सूर्योदय-सूर्यास्त देखने के लिए शहर खोलें।
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 6:20 AM | 5:55 PM |
| मुंबई | 6:32 AM | 6:18 PM |
| बेंगलुरु | 6:09 AM | 6:03 PM |
| पुणे | 6:27 AM | 6:15 PM |
| जयपुर | 6:24 AM | 6:02 PM |
| उदयपुर | 6:31 AM | 6:12 PM |
| अहमदाबाद | 6:35 AM | 6:17 PM |
| नोएडा | 6:19 AM | 5:55 PM |
| सूरत | 6:33 AM | 6:17 PM |
| हैदराबाद | 6:08 AM | 5:57 PM |
| श्रीनगर | 6:33 AM | 6:01 PM |
| वाराणसी | 5:55 AM | 5:34 PM |
कल के सूर्योदय पर आम सवाल
कल सूर्योदय कितने बजे होगा?
नई दिल्ली में कल, 12 अक्तूबर 2026 को सूर्योदय 6:20 AM पर और सूर्यास्त 5:55 PM पर है। दूसरे शहर ऊपर की तालिका में हैं, हर शहर अपने कल के अनुसार।
कल दिन कितना लंबा होगा?
नई दिल्ली में 11 घंटे 35 मिनट — सूर्योदय से सूर्यास्त तक, जिसे पंचांग दिनमान कहता है और जिसे राहु काल, चौघड़िया और होरा में बाँटता है।
मेरे शहर में सूर्योदय अलग क्यों है?
भारत लगभग तीस अंश देशांतर में एक ही घड़ी रखता है, इसलिए असली सूर्योदय देश भर में एक घंटे से भी ज़्यादा अलग होता है; अक्षांश और ऋतु उसे और खिसकाते हैं। यहाँ हर शहर उसके अपने अक्षांश-देशांतर के लिए निकाला गया है।
पंचांग के लिए कल का सूर्योदय क्यों मायने रखता है?
पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। कल सूर्योदय के समय चल रही तिथि ही कल का नाम बनती है, और राहु काल, चौघड़िया, होरा और ब्रह्म मुहूर्त सब उसी से नापे जाते हैं।
राहु काल और मुहूर्त से जुड़े पन्ने
नीचे का हर पन्ना उसी सूर्योदय से निकाला जाता है जिससे यह पन्ना बना है।