राशि मेल · वैदिक और पश्चिमी
मेष और मेष राशि का मेल

मेष और मेष राशि का मेल: दो मेष मिलकर तेज़, खरी और होड़ भरी जोड़ी बनाते हैं: चिंगारी भी खूब, झगड़े भी खूब, पर रूठना बहुत कम, क्योंकि दोनों में से कोई देर तक मन में बात नहीं रखता। वैदिक गुण मिलान में, जहाँ राशि का अर्थ चंद्र राशि है, मेष और मेष उन 12 अंकों में से 12 पाती हैं जो दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं: भकूट 7 में से 7 (एक ही राशि) और ग्रह मैत्री 5 में से 5।
साथ की ज़िंदगी तेज़ चलती है: शुक्रवार को योजना, शनिवार को सफ़र। दोनों को ऐसा साथी भाता है जो उतनी ही हिम्मत रखे। चाहत सीधी और साफ़ होती है, और प्यार लंबी बातों से ज़्यादा काम में दिखता है — साथ खड़े होना, बचाव करना, साथ कुछ शुरू करना।
मेष पहले कदम उठाकर प्यार जताती है: सीधी, होड़ लगाने वाली, जल्दी भड़कती और जल्दी भूल जाती है।
दोनों आगे रहना चाहते हैं और दोनों को हारना पसंद नहीं, इसलिए ताश का खेल भी मुक़ाबला बन जाता है और असहमति ज़िद। सुनने के लिए रुकना दोनों को नहीं आता, और अधीरता छोटे फ़ैसलों को भी शोर भरा बना देती है।
इलाक़े बाँट लें: कुछ फ़ैसले पूरी तरह एक के, कुछ दूसरे के। झगड़े से पहले ही ठंडा होने का नियम तय करें, और साझा ऊर्जा किसी साझा लक्ष्य पर लगाएँ, एक-दूसरे पर नहीं।
| कूट | मेष और मेष |
|---|---|
| चंद्र राशियाँ | मेष (Aries) |
| राशि स्वामी | मंगल |
| भकूट (7 में से) | 7 — 1-1 अक्ष |
| ग्रह मैत्री (5 में से) | 5 |
| दोनों मिलाकर (12 में से) | 12 |
दोनों चंद्रमा एक ही राशि में: भकूट पूरे 7 अंक देता है।
दोनों चंद्रमा मेष में हैं, जिसका स्वामी मंगल है, इसलिए स्वामी स्वयं से मिलता है: ग्रह मैत्री 5 में से पूरे 5 अंक देती है।
भकूट और ग्रह मैत्री वे दो कूट हैं जिन्हें चंद्र राशियाँ अकेले तय करती हैं, और जो किसी भी साथी को पहले गिनने पर एक जैसे रहते हैं। वर्ण और वश्य भी राशियाँ पढ़ते हैं पर इस पर निर्भर हैं कि वर कौन है; तारा, योनि, गण और नाड़ी के लिए दोनों के जन्म नक्षत्र चाहिए।
- तत्व
- अग्नि और अग्नि
- प्रकृति
- चर और चर
- दृष्टि
- युति, 0 राशि की दूरी
दोनों अग्नि तत्व की राशियाँ: तेज़ ऊर्जा और साझा उत्साह; गुस्सा जल्दी भड़कता है और जल्दी ठंडा भी होता है।
दोनों चर राशियाँ: दो शुरुआत करने वाले, दोनों दिशा तय करने के आदी।
एक ही राशि: दोनों एक-दूसरे को तुरंत पहचान लेते हैं, खूबियों और कमज़ोरियों समेत।
राशियों का मेल दो राशियों के स्वभाव की बात करता है, दो लोगों की नहीं: इसे परंपरा की प्रवृत्तियाँ मानें, और दो असली कुंडलियों का मिलान कुंडली मिलान से करें।
यहाँ दोनों पद्धतियाँ सहमत हैं। पश्चिमी ज्योतिष एक ही राशि को तुरंत पहचान मानता है, और वैदिक मिलान एक राशि के दो चंद्रमाओं को भकूट के पूरे 7 अंक देता है।
वैदिक राशि निरयण पद्धति में चंद्रमा की राशि है; पश्चिमी राशि आम तौर पर सायन पद्धति में सूर्य की। आपकी दोनों राशियाँ अक्सर अलग होती हैं, इसलिए देख लें कि कौन-सी पढ़ाई आपकी है।
दो राशियाँ बस शुरुआत हैं। आपका अपना मिलान दोनों की पूरी कुंडली पढ़ता है — गुण मिलान के सभी 36 अंक, मांगलिक दोष और सातवाँ भाव — इसलिए मेष और मेष की कोई भी जोड़ी कितने भी अंक पा सकती है।
- जन्म विवरण से कुंडली मिलान: पूरे 36 गुण
- जन्म तिथि से अनुकूलता: चंद्र राशि, नक्षत्र और कूटों के अंक
- नाम से कुंडली मिलान, जब जन्म समय पता न हो
- अपनी राशि जानें: जन्म विवरण से चंद्र राशि
मेष और मेष राशि का मेल: सामान्य प्रश्न
क्या मेष और मेष राशि का मेल अच्छा है?
दो मेष मिलकर तेज़, खरी और होड़ भरी जोड़ी बनाते हैं: चिंगारी भी खूब, झगड़े भी खूब, पर रूठना बहुत कम, क्योंकि दोनों में से कोई देर तक मन में बात नहीं रखता। वैदिक गुण मिलान में, जहाँ राशि का अर्थ चंद्र राशि है, मेष और मेष उन 12 अंकों में से 12 पाती हैं जो दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं: भकूट 7 में से 7 (एक ही राशि) और ग्रह मैत्री 5 में से 5। किसी जोड़े का अपना मिलान दोनों की जन्म कुंडली से होता है।
क्या मेष और मेष राशि में भकूट दोष है?
नहीं। दोनों चंद्रमा एक ही राशि में: भकूट पूरे 7 अंक देता है। भकूट दोष तब बनता है जब चंद्र राशियाँ 2 और 12, 6 और 8, या 5 और 9 की दूरी पर हों।
मेष और मेष राशि के कितने गुण मिलते हैं?
केवल दो राशियों से कोई ईमानदार कुल संख्या नहीं बनती। गुण मिलान के 36 अंकों में से 12 अकेले दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं, और मेष और मेष उनमें से 12 पाती हैं। बाकी 24 दोनों के जन्म नक्षत्र पर और, उनमें से 3, इस पर निर्भर हैं कि वर कौन है, इसलिए अपना कुल अंक कुंडली मिलान से जानें।
क्या मेरी पश्चिमी राशि और मेरी चंद्र राशि एक है?
अक्सर नहीं। पश्चिमी राशि आम तौर पर सायन पद्धति में सूर्य की राशि होती है; चंद्र राशि निरयण पद्धति में चंद्रमा की राशि है, और वैदिक मिलान चंद्र राशि पढ़ता है। राशि कैलकुलेटर आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से आपकी चंद्र राशि बताता है।





