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मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली

अक्टूबर 2026 में सगाई मुहूर्त

अक्टूबर 2026 · सगाई मुहूर्त

9 तारीखें

शुक्र, 30 अक्टूबर

सुबह 6:31 – सुबह 9:04

अक्टूबर 2026 में सगाई के 9 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 7, 8, 12, 14, 16, 18 और 30 अक्टूबर। पहला मुहूर्त गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:13 – रात 9:18 है।

अक्टूबर 2026 सगाई मुहूर्त की तारीखें और समय

अक्टूबर 2026 · 9 तारीखें
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
सुबह 6:13रात 9:07
सुबह 6:17रात 9:20
रात 8:32सुबह 6:21सुबह 6:47
रात 9:42
सुबह 6:31

मुहूर्तवर्जित अवधिआज

  • नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
  1. गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

    सुबह 6:13 – रात 9:18

    पितृ पक्ष में
    • रोहिणी
    • कृष्ण पंचमी (30 सितंबर, दोपहर 2:55 – 1 अक्टूबर, दोपहर 12:35)
      कृष्ण षष्ठी (1 अक्टूबर, दोपहर 12:35 – 2 अक्टूबर, सुबह 10:15)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
      पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  2. शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

    रात 9:07 – रात 2:55 (3 अक्टूबर)

    पितृ पक्ष में
    • मृगशिरा
    • कृष्ण सप्तमी (2 अक्टूबर, सुबह 10:15 – 3 अक्टूबर, सुबह 8:00)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
      पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  3. बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

    सुबह 6:17 – रात 9:40

    पितृ पक्ष में
    • मघा
    • कृष्ण द्वादशी (7 अक्टूबर, रात 12:35 – 7 अक्टूबर, रात 11:17)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध
      पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  4. गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

    रात 9:20 – रात 10:16

    पितृ पक्ष में
    • उत्तरा फाल्गुनी
    • कृष्ण त्रयोदशी (7 अक्टूबर, रात 11:17 – 8 अक्टूबर, रात 10:16)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
      पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  5. सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

    रात 8:32 – रात 11:52

    चातुर्मास में
    • स्वाति
    • शुक्ल द्वितीया (11 अक्टूबर, रात 9:31 – 12 अक्टूबर, रात 10:13)
      शुक्ल तृतीया (12 अक्टूबर, रात 10:13 – 13 अक्टूबर, रात 11:28)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
      चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  6. बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

    सुबह 6:21 – दोपहर 12:17

    रात 1:13 – सुबह 4:03 (15 अक्टूबर)

    रिक्ता तिथि
    • अनुराधा
    • शुक्ल चतुर्थी (13 अक्टूबर, रात 11:28 – 15 अक्टूबर, रात 1:13)
      शुक्ल पंचमी (15 अक्टूबर, रात 1:13 – 16 अक्टूबर, रात 3:25)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध
      रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  7. शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

    सुबह 6:47 – रात 10:05

    चातुर्मास में
    • मूल
    • शुक्ल षष्ठी (16 अक्टूबर, रात 3:25 – 17 अक्टूबर, सुबह 5:54)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
      चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  8. रविवार, 18 अक्टूबर 2026

    रात 9:42 – सुबह 6:24 (19 अक्टूबर)

    चातुर्मास में
    • उत्तराषाढ़ा
    • शुक्ल अष्टमी (18 अक्टूबर, सुबह 8:28 – 19 अक्टूबर, सुबह 10:52)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
      चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
  9. शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

    सुबह 6:31 – सुबह 9:04

    चातुर्मास में
    • मृगशिरा
    • कृष्ण पंचमी (29 अक्टूबर, रात 10:10 – 30 अक्टूबर, शाम 7:25)
    • विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
      चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं

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गुरु-शुक्र अस्त के कारण छोड़े गए दिन

ये दिन बाकी हर नियम पर शुद्ध हैं, पर गुरु या शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त केवल तब मानते हैं जब ग्रह दिखना बंद हो जाए, वे इनमें से कुछ दिन सूची में देते हैं।

गुरु-शुक्र अस्त
तारीखग्रहसूर्य से दूरीमुहूर्त
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026शुक्र6.6° (सीमा 8°)सुबह 6:24 – दोपहर 3:38
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026शुक्र0.2° (सीमा 8°)रात 9:03 – रात 10:08
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026शुक्र0.2° (सीमा 8°)रात 8:01 – सुबह 6:27 (25 अक्टूबर)
रविवार, 25 अक्टूबर 2026शुक्र1.4° (सीमा 8°)सुबह 6:27 – सुबह 11:56
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026शुक्र6.2° (सीमा 8°)दोपहर 1:26 – दोपहर 2:37
रात 1:07 – रात 3:40 (29 अक्टूबर)
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026शुक्र7.8° (सीमा 8°)रात 12:06 – सुबह 6:31 (30 अक्टूबर)

अक्टूबर 2026 के बाकी दिनों में मुहूर्त क्यों नहीं

  • 3–5 अक्टूबर चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 6 अक्टूबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
  • 9–10 अक्टूबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य करण विष्टि, शकुनि और किंस्तुघ्न में मिलते हैं।
  • 11 अक्टूबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग विष्कम्भ में मिलते हैं।
  • 13 अक्टूबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
  • 15 अक्टूबर चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 17 अक्टूबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग अतिगण्ड में मिलते हैं।
  • 19 अक्टूबर शुक्र 19 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक अस्त है।
  • 20 अक्टूबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
  • 21–22 अक्टूबर चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 23–25 अक्टूबर शुक्र 19 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक अस्त है।
  • 26 अक्टूबर चंद्रमा अश्विनी और भरणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 27 अक्टूबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
  • 28–29 अक्टूबर शुक्र 19 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक अस्त है।
  • 31 अक्टूबर चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।

सगाई मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: मुहूर्त ग्रंथों के विवाह नियम, जिन्हें सगाई वहाँ तक मानती है जहाँ ग्रंथ और प्रकाशित सूचियाँ एकमत हैं — इस साइट की विवाह सूची वाले ही नक्षत्र, तिथियाँ, योग, करण और वर्जित अवधियाँ, नीचे लिखे दो अंतरों के साथ। कोई बड़ा पंचांग पूरे साल की गणना-आधारित सगाई सूची नहीं छापता, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं, किसी और की तारीखों से मिलाए नहीं गए।
  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 11 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • योग और करण: मुहूर्त में ये 9 त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
  • गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
  • अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • चातुर्मास — चिह्नित, वर्जित नहीं: चातुर्मास (24 जुलाई 2026 – 20 नवंबर 2026) विवाह को बंद करता है। सगाई पर परंपराएँ अलग हैं: कुछ पंचांग इसे भी बंद रखते हैं, कुछ इसके भीतर की तारीखें देते हैं, और कई परिवार चातुर्मास में सगाई कर विवाह देवउठनी एकादशी के बाद रखते हैं। ये तारीखें सूची में चिह्नित होकर रहती हैं — 2026 में 39।
  • रिक्ता तिथियाँ: चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी मान्य हैं, जैसे प्रकाशित विवाह सूचियाँ इन्हें मान्य रखती हैं, और चिह्नित हैं — 2026 की 24 तारीखों पर इनमें से कोई तिथि है।
  • पितृ पक्ष: श्राद्ध का पखवाड़ा (26 सितंबर 2026 – 10 अक्टूबर 2026) चातुर्मास के भीतर पड़ता है; इसमें अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते, इसलिए इसकी तारीखों पर अलग चिह्न है — 2026 में 7।
  • यह किस रस्म के लिए: अंगूठी की रस्म, रोका, तिलक या चुन्नी — जिस रस्म को परिवार सगाई मानता है, वही इस मुहूर्त में होती है।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ — कुंडली मिलान, और दोनों की जन्म राशि से चंद्र और गुरु का बल — और रस्म के समय का लग्न। ये पंडित दोनों कुंडलियों से जाँचते हैं।

सगाई मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

सामान्य प्रश्न

क्या अक्टूबर 2026 में सगाई मुहूर्त है?

हाँ, 9 दिन: 1, 2, 7, 8, 12, 14, 16, 18 और 30 अक्टूबर।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

सुबह 6:13 – रात 9:18 — नई दिल्ली के समय अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में।

अक्टूबर 2026 के बाद अगला सगाई मुहूर्त कब है?

सोमवार, 2 नवंबर 2026 को।

कुछ पंचांग अक्टूबर 2026 में और तारीखें क्यों दिखाते हैं?

19, 23, 24, 25, 28 और 29 अक्टूबर बाकी सब नियमों पर शुद्ध हैं, पर उस समय शुक्र अपनी अंश-सीमा में अस्त है। जो पंचांग अस्त को ग्रह के दिखना बंद होने से गिनते हैं, वे इनमें से कुछ दिन दे सकते हैं।