मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
सितंबर 2026 में सगाई मुहूर्त
गुरु, 3 सितंबर
रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर)
सितंबर 2026 में सगाई के 15 शुभ मुहूर्त हैं: 3, 4, 5, 11, 12, 13, 14, 17, 18, 19, 20, 21, 26, 27 और 28 सितंबर। पहला मुहूर्त गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर) है।
उसके बाद: शुक्र, 4 सितंबर · सुबह 6:00 – दोपहर 3:44
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रात 12:29 | सुबह 6:00 | दोपहर 12:47 | ||||
| रात 8:18 | सुबह 6:04 | |||||
| सुबह 6:04 | दोपहर 1:55 | दोपहर 12:49 | रात 2:13 | सुबह 6:07 | ||
| सुबह 4:34 | सुबह 6:08 | दोपहर 1:17 | ||||
| सुबह 6:11 | सुबह 6:12 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- चातुर्मास में
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर)
- रोहिणी
- कृष्ण सप्तमी (3 सितंबर, सुबह 4:26 – 4 सितंबर, रात 2:25)
कृष्ण अष्टमी (4 सितंबर, रात 2:25 – 5 सितंबर, रात 12:14) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
सुबह 6:00 – दोपहर 3:44
- रोहिणी
- कृष्ण अष्टमी (4 सितंबर, रात 2:25 – 5 सितंबर, रात 12:14)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 5 सितंबर 2026
दोपहर 12:47 – रात 9:31
- मृगशिरा
- कृष्ण नवमी (5 सितंबर, रात 12:14 – 5 सितंबर, रात 9:54)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
रात 8:18 – सुबह 6:04 (12 सितंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल प्रतिपदा (11 सितंबर, सुबह 8:57 – 12 सितंबर, सुबह 7:46)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
शनिवार, 12 सितंबर 2026
सुबह 6:04 – सुबह 6:04 (13 सितंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- शुक्ल प्रतिपदा (11 सितंबर, सुबह 8:57 – 12 सितंबर, सुबह 7:46)
शुक्ल द्वितीया (12 सितंबर, सुबह 7:46 – 13 सितंबर, सुबह 7:08) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
रविवार, 13 सितंबर 2026
सुबह 6:04 – दोपहर 1:07
- हस्त
- शुक्ल द्वितीया (12 सितंबर, सुबह 7:46 – 13 सितंबर, सुबह 7:08)
शुक्ल तृतीया (13 सितंबर, सुबह 7:08 – 14 सितंबर, सुबह 7:07) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 14 सितंबर 2026
दोपहर 1:55 – शाम 7:21
- स्वाति
- शुक्ल चतुर्थी (14 सितंबर, सुबह 7:07 – 15 सितंबर, सुबह 7:44)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
गुरुवार, 17 सितंबर 2026
दोपहर 12:49 – शाम 7:53
- अनुराधा
- शुक्ल सप्तमी (17 सितंबर, सुबह 10:48 – 18 सितंबर, दोपहर 1:01)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
रात 2:13 – सुबह 6:07 (19 सितंबर)
- मूल
- शुक्ल अष्टमी (18 सितंबर, दोपहर 1:01 – 19 सितंबर, दोपहर 3:27)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 19 सितंबर 2026
सुबह 6:07 – रात 1:43 (20 सितंबर)
- मूल
- शुक्ल अष्टमी (18 सितंबर, दोपहर 1:01 – 19 सितंबर, दोपहर 3:27)
शुक्ल नवमी (19 सितंबर, दोपहर 3:27 – 20 सितंबर, शाम 5:52) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
रविवार, 20 सितंबर 2026
सुबह 4:34 – सुबह 6:08 (21 सितंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल दशमी (20 सितंबर, शाम 5:52 – 21 सितंबर, रात 8:01)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- चातुर्मास में
सोमवार, 21 सितंबर 2026
सुबह 6:08 – शाम 4:05
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल दशमी (20 सितंबर, शाम 5:52 – 21 सितंबर, रात 8:01)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- पितृ पक्ष में
शनिवार, 26 सितंबर 2026
दोपहर 1:17 – सुबह 6:11 (27 सितंबर)
- उत्तर भाद्रपदा
- पूर्णिमा (25 सितंबर, रात 11:07 – 26 सितंबर, रात 10:19)
कृष्ण प्रतिपदा (26 सितंबर, रात 10:19 – 27 सितंबर, रात 8:59) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- पितृ पक्ष में
रविवार, 27 सितंबर 2026
सुबह 6:11 – सुबह 6:12 (28 सितंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण प्रतिपदा (26 सितंबर, रात 10:19 – 27 सितंबर, रात 8:59)
कृष्ण द्वितीया (27 सितंबर, रात 8:59 – 28 सितंबर, शाम 7:14) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं
- पितृ पक्ष में
सोमवार, 28 सितंबर 2026
सुबह 6:12 – सुबह 8:53
- रेवती
- कृष्ण द्वितीया (27 सितंबर, रात 8:59 – 28 सितंबर, शाम 7:14)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
पितृ पक्ष में — श्राद्ध के पखवाड़े में अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते; चातुर्मास में — कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं; कुछ सगाई अभी कर लेते हैं

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 सितंबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 2 सितंबर चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 6–7 सितंबर चंद्रमा आर्द्रा, पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 8 सितंबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 9–10 सितंबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य करण विष्टि और शकुनि में मिलते हैं।
- 15 सितंबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 16 सितंबर नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग विष्कम्भ में मिलते हैं।
- 22 सितंबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 23–25 सितंबर चंद्रमा श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 29 सितंबर मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 30 सितंबर चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त ग्रंथों के विवाह नियम, जिन्हें सगाई वहाँ तक मानती है जहाँ ग्रंथ और प्रकाशित सूचियाँ एकमत हैं — इस साइट की विवाह सूची वाले ही नक्षत्र, तिथियाँ, योग, करण और वर्जित अवधियाँ, नीचे लिखे दो अंतरों के साथ। कोई बड़ा पंचांग पूरे साल की गणना-आधारित सगाई सूची नहीं छापता, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं, किसी और की तारीखों से मिलाए नहीं गए।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 11 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- योग और करण: मुहूर्त में ये 9 त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास — चिह्नित, वर्जित नहीं: चातुर्मास (24 जुलाई 2026 – 20 नवंबर 2026) विवाह को बंद करता है। सगाई पर परंपराएँ अलग हैं: कुछ पंचांग इसे भी बंद रखते हैं, कुछ इसके भीतर की तारीखें देते हैं, और कई परिवार चातुर्मास में सगाई कर विवाह देवउठनी एकादशी के बाद रखते हैं। ये तारीखें सूची में चिह्नित होकर रहती हैं — 2026 में 39।
- रिक्ता तिथियाँ: चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी मान्य हैं, जैसे प्रकाशित विवाह सूचियाँ इन्हें मान्य रखती हैं, और चिह्नित हैं — 2026 की 24 तारीखों पर इनमें से कोई तिथि है।
- पितृ पक्ष: श्राद्ध का पखवाड़ा (26 सितंबर 2026 – 10 अक्टूबर 2026) चातुर्मास के भीतर पड़ता है; इसमें अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते, इसलिए इसकी तारीखों पर अलग चिह्न है — 2026 में 7।
- यह किस रस्म के लिए: अंगूठी की रस्म, रोका, तिलक या चुन्नी — जिस रस्म को परिवार सगाई मानता है, वही इस मुहूर्त में होती है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ — कुंडली मिलान, और दोनों की जन्म राशि से चंद्र और गुरु का बल — और रस्म के समय का लग्न। ये पंडित दोनों कुंडलियों से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या सितंबर 2026 में सगाई मुहूर्त है?
हाँ, 15 दिन: 3, 4, 5, 11, 12, 13, 14, 17, 18, 19, 20, 21, 26, 27 और 28 सितंबर।
गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 12:29 – सुबह 6:00 (4 सितंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में।
सितंबर 2026 के बाद अगला सगाई मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को।