मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
अप्रैल 2027 में सगाई मुहूर्त
रवि, 18 अप्रैल
सुबह 6:06 – रात 9:58
अप्रैल 2027 में सगाई के 8 शुभ मुहूर्त हैं: 18, 19, 21, 23, 24, 25, 26 और 28 अप्रैल। पहला मुहूर्त रविवार, 18 अप्रैल 2027 को सुबह 6:06 – रात 9:58 है।
उसके बाद: सोम, 19 अप्रैल · शाम 7:44 – सुबह 4:40 (20 अप्रैल)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 6:06 | शाम 7:44 | शाम 4:10 | दोपहर 2:13 | सुबह 5:47 | ||
| दोपहर 2:11 | सुबह 5:45 | सुबह 5:43 |
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
रविवार, 18 अप्रैल 2027
सुबह 6:06 – रात 9:58
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल द्वादशी (17 अप्रैल, सुबह 9:28 – 18 अप्रैल, सुबह 7:42)
शुक्ल त्रयोदशी (18 अप्रैल, सुबह 7:42 – 19 अप्रैल, सुबह 6:08) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 19 अप्रैल 2027
शाम 7:44 – सुबह 4:40 (20 अप्रैल)
- हस्त
- शुक्ल चतुर्दशी (क्षय) (19 अप्रैल, सुबह 6:08 – 20 अप्रैल, सुबह 4:51)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
बुधवार, 21 अप्रैल 2027
शाम 4:10 – सुबह 4:44 (22 अप्रैल)
- स्वाति
- कृष्ण प्रतिपदा (21 अप्रैल, रात 3:57 – 22 अप्रैल, रात 3:30)
कृष्ण द्वितीया (22 अप्रैल, रात 3:30 – 23 अप्रैल, रात 3:37) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध
- रिक्ता तिथि
शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027
दोपहर 2:13 – दोपहर 3:54
सुबह 4:21 – सुबह 5:47 (24 अप्रैल)
- अनुराधा
- कृष्ण तृतीया (23 अप्रैल, रात 3:37 – 24 अप्रैल, सुबह 4:21)
कृष्ण चतुर्थी (24 अप्रैल, सुबह 4:21 – 25 अप्रैल, सुबह 5:42) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- रिक्ता तिथि
शनिवार, 24 अप्रैल 2027
सुबह 5:47 – सुबह 6:57
- अनुराधा
- कृष्ण चतुर्थी (24 अप्रैल, सुबह 4:21 – 25 अप्रैल, सुबह 5:42)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
रविवार, 25 अप्रैल 2027
दोपहर 2:11 – सुबह 5:45 (26 अप्रैल)
- मूल
- कृष्ण पंचमी (25 अप्रैल, सुबह 5:42 – 26 अप्रैल, सुबह 7:37)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 26 अप्रैल 2027
सुबह 5:45 – सुबह 11:30
- मूल
- कृष्ण पंचमी (25 अप्रैल, सुबह 5:42 – 26 अप्रैल, सुबह 7:37)
कृष्ण षष्ठी (26 अप्रैल, सुबह 7:37 – 27 अप्रैल, सुबह 9:57) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 28 अप्रैल 2027
सुबह 5:43 – शाम 5:30
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण सप्तमी (27 अप्रैल, सुबह 9:57 – 28 अप्रैल, दोपहर 12:31)
कृष्ण अष्टमी (28 अप्रैल, दोपहर 12:31 – 29 अप्रैल, दोपहर 3:01) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1–14 अप्रैल खरमास (मीन राशि में सूर्य) मीन संक्रांति (15 मार्च 2027) से मेष संक्रांति (14 अप्रैल 2027) तक है।
- 15 अप्रैल चंद्रमा पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 16–17 अप्रैल नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य करण विष्टि में मिलते हैं।
- 20 अप्रैल मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 22 अप्रैल चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 27 अप्रैल मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 29–30 अप्रैल चंद्रमा श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त ग्रंथों के विवाह नियम, जिन्हें सगाई वहाँ तक मानती है जहाँ ग्रंथ और प्रकाशित सूचियाँ एकमत हैं — इस साइट की विवाह सूची वाले ही नक्षत्र, तिथियाँ, योग, करण और वर्जित अवधियाँ, नीचे लिखे दो अंतरों के साथ। कोई बड़ा पंचांग पूरे साल की गणना-आधारित सगाई सूची नहीं छापता, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं, किसी और की तारीखों से मिलाए नहीं गए।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 11 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- योग और करण: मुहूर्त में ये 9 त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- चातुर्मास — चिह्नित, वर्जित नहीं: चातुर्मास (13 जुलाई 2027 – 9 नवंबर 2027) विवाह को बंद करता है। सगाई पर परंपराएँ अलग हैं: कुछ पंचांग इसे भी बंद रखते हैं, कुछ इसके भीतर की तारीखें देते हैं, और कई परिवार चातुर्मास में सगाई कर विवाह देवउठनी एकादशी के बाद रखते हैं। ये तारीखें सूची में चिह्नित होकर रहती हैं — 2027 में 21।
- रिक्ता तिथियाँ: चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी मान्य हैं, जैसे प्रकाशित विवाह सूचियाँ इन्हें मान्य रखती हैं, और चिह्नित हैं — 2027 की 25 तारीखों पर इनमें से कोई तिथि है।
- पितृ पक्ष: श्राद्ध का पखवाड़ा (15 सितंबर 2027 – 30 सितंबर 2027) चातुर्मास के भीतर पड़ता है; इसमें अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते, इसलिए इसकी तारीखों पर अलग चिह्न है — 2027 में 4।
- यह किस रस्म के लिए: अंगूठी की रस्म, रोका, तिलक या चुन्नी — जिस रस्म को परिवार सगाई मानता है, वही इस मुहूर्त में होती है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ — कुंडली मिलान, और दोनों की जन्म राशि से चंद्र और गुरु का बल — और रस्म के समय का लग्न। ये पंडित दोनों कुंडलियों से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या अप्रैल 2027 में सगाई मुहूर्त है?
हाँ, 8 दिन: 18, 19, 21, 23, 24, 25, 26 और 28 अप्रैल।
रविवार, 18 अप्रैल 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 6:06 – रात 9:58 — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।
अप्रैल 2027 के बाद अगला सगाई मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 7 मई 2027 को।