मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
मई 2027 में सगाई मुहूर्त
शुक्र, 7 मई
रात 11:42 – सुबह 5:35 (8 मई)
मई 2027 में सगाई के 16 शुभ मुहूर्त हैं: 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 30 और 31 मई। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 7 मई 2027 को रात 11:42 – सुबह 5:35 (8 मई) है।
उसके बाद: शनि, 8 मई · रात 2:37 – सुबह 5:34 (9 मई)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रात 11:42 | रात 2:37 | |||||
| सुबह 5:34 | दोपहर 1:41 | सुबह 5:31 | दोपहर 12:00 | |||
| रात 2:42 | सुबह 5:29 | सुबह 5:28 | रात 10:26 | सुबह 5:27 | शाम 4:50 | |
| सुबह 5:26 | रात 10:08 | |||||
| सुबह 11:32 | सुबह 10:02 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
शुक्रवार, 7 मई 2027
रात 11:42 – सुबह 5:35 (8 मई)
- रोहिणी
- शुक्ल द्वितीया (7 मई, दोपहर 2:14 – 8 मई, सुबह 11:43)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 8 मई 2027
रात 2:37 – सुबह 5:34 (9 मई)
- मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया (8 मई, सुबह 11:43 – 9 मई, सुबह 9:03)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 9 मई 2027
सुबह 5:34 – शाम 7:43
- मृगशिरा
- शुक्ल तृतीया (8 मई, सुबह 11:43 – 9 मई, सुबह 9:03)
शुक्ल चतुर्थी (9 मई, सुबह 9:03 – 10 मई, सुबह 6:23) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- रिक्ता तिथि
गुरुवार, 13 मई 2027
दोपहर 1:41 – सुबह 5:31 (14 मई)
- मघा
- शुक्ल अष्टमी (12 मई, रात 11:13 – 13 मई, रात 9:18)
शुक्ल नवमी (13 मई, रात 9:18 – 14 मई, शाम 7:39) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- रिक्ता तिथि
शुक्रवार, 14 मई 2027
सुबह 5:31 – सुबह 8:50
- मघा
- शुक्ल नवमी (13 मई, रात 9:18 – 14 मई, शाम 7:39)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
शनिवार, 15 मई 2027
दोपहर 12:00 – सुबह 4:31 (16 मई)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल दशमी (14 मई, शाम 7:39 – 15 मई, शाम 6:18)
शुक्ल एकादशी (15 मई, शाम 6:18 – 16 मई, शाम 5:13) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
रविवार, 16 मई 2027
रात 2:42 – सुबह 5:29 (17 मई)
- हस्त
- शुक्ल द्वादशी (16 मई, शाम 5:13 – 17 मई, शाम 4:28)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 17 मई 2027
सुबह 5:29 – सुबह 11:29
- हस्त
- शुक्ल द्वादशी (16 मई, शाम 5:13 – 17 मई, शाम 4:28)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
- रिक्ता तिथि
बुधवार, 19 मई 2027
सुबह 5:28 – दोपहर 12:19
- स्वाति
- शुक्ल चतुर्दशी (18 मई, शाम 4:04 – 19 मई, शाम 4:03)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
गुरुवार, 20 मई 2027
रात 10:26 – सुबह 5:27 (21 मई)
- अनुराधा
- कृष्ण प्रतिपदा (20 मई, शाम 4:29 – 21 मई, शाम 5:23)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 21 मई 2027
सुबह 5:27 – दोपहर 2:51
- अनुराधा
- कृष्ण प्रतिपदा (20 मई, शाम 4:29 – 21 मई, शाम 5:23)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 22 मई 2027
शाम 4:50 – सुबह 5:26 (23 मई)
- मूल
- कृष्ण द्वितीया (21 मई, शाम 5:23 – 22 मई, शाम 6:48)
कृष्ण तृतीया (22 मई, शाम 6:48 – 23 मई, रात 8:42) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
रविवार, 23 मई 2027
सुबह 5:26 – सुबह 7:42
- मूल
- कृष्ण तृतीया (22 मई, शाम 6:48 – 23 मई, रात 8:42)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 24 मई 2027
रात 10:08 – सुबह 5:25 (25 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण चतुर्थी (23 मई, रात 8:42 – 24 मई, रात 10:59)
कृष्ण पंचमी (24 मई, रात 10:59 – 26 मई, रात 1:31) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
रविवार, 30 मई 2027
सुबह 11:32 – रात 9:55
- उत्तर भाद्रपदा
- कृष्ण दशमी (30 मई, सुबह 9:35 – 31 मई, सुबह 10:02)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
सोमवार, 31 मई 2027
सुबह 10:02 – सुबह 5:23 (1 जून)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण एकादशी (31 मई, सुबह 10:02 – 1 जून, सुबह 9:40)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध

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क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 मई चंद्रमा शतभिषा और पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 2–3 मई नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग वैधृति और विष्कम्भ में मिलते हैं।
- 4 मई मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 5–6 मई चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 10 मई चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 11 मई मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 12 मई चंद्रमा पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 18 मई मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 25 मई मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 26–29 मई चंद्रमा श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त ग्रंथों के विवाह नियम, जिन्हें सगाई वहाँ तक मानती है जहाँ ग्रंथ और प्रकाशित सूचियाँ एकमत हैं — इस साइट की विवाह सूची वाले ही नक्षत्र, तिथियाँ, योग, करण और वर्जित अवधियाँ, नीचे लिखे दो अंतरों के साथ। कोई बड़ा पंचांग पूरे साल की गणना-आधारित सगाई सूची नहीं छापता, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं, किसी और की तारीखों से मिलाए नहीं गए।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 11 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- योग और करण: मुहूर्त में ये 9 त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- चातुर्मास — चिह्नित, वर्जित नहीं: चातुर्मास (13 जुलाई 2027 – 9 नवंबर 2027) विवाह को बंद करता है। सगाई पर परंपराएँ अलग हैं: कुछ पंचांग इसे भी बंद रखते हैं, कुछ इसके भीतर की तारीखें देते हैं, और कई परिवार चातुर्मास में सगाई कर विवाह देवउठनी एकादशी के बाद रखते हैं। ये तारीखें सूची में चिह्नित होकर रहती हैं — 2027 में 21।
- रिक्ता तिथियाँ: चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी मान्य हैं, जैसे प्रकाशित विवाह सूचियाँ इन्हें मान्य रखती हैं, और चिह्नित हैं — 2027 की 25 तारीखों पर इनमें से कोई तिथि है।
- पितृ पक्ष: श्राद्ध का पखवाड़ा (15 सितंबर 2027 – 30 सितंबर 2027) चातुर्मास के भीतर पड़ता है; इसमें अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते, इसलिए इसकी तारीखों पर अलग चिह्न है — 2027 में 4।
- यह किस रस्म के लिए: अंगूठी की रस्म, रोका, तिलक या चुन्नी — जिस रस्म को परिवार सगाई मानता है, वही इस मुहूर्त में होती है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ — कुंडली मिलान, और दोनों की जन्म राशि से चंद्र और गुरु का बल — और रस्म के समय का लग्न। ये पंडित दोनों कुंडलियों से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या मई 2027 में सगाई मुहूर्त है?
हाँ, 16 दिन: 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 30 और 31 मई।
शुक्रवार, 7 मई 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 11:42 – सुबह 5:35 (8 मई) — नई दिल्ली के समय अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में।
मई 2027 के बाद अगला सगाई मुहूर्त कब है?
शनिवार, 5 जून 2027 को।