बुध मंत्र: बीज मंत्र, जप संख्या और आज की बुध होरा

बुध वाणी, बुद्धि, अध्ययन, व्यापार और तेज़ सोच के कारक हैं। विद्यार्थी और व्यापार से जुड़े लोग उनका मंत्र सबसे अधिक जपते हैं।

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah

उदयपुर में अगली बुध होरा 4:28 AM पर शुरू होगी और 5:29 AM तक चलेगी।

जप संख्या40 दिनों में 9,000
रोज़ का जपरोज़ 3 माला (324 जप)
दिनबुधवार
जप के लिए होराबुध होरा

बुध मंत्र का जप कैसे करें

  1. बुधवार से आरंभ करें, हो सके तो बुध होरा में; आपके शहर की आज की होरा नीचे तालिका में है।
  2. आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें, 108 मनकों और एक बड़े सुमेरु वाली माला के साथ।
  3. हर मनके पर एक बार बीज मंत्र जपें। सुमेरु पर पहुँचकर उसे लाँघें नहीं, माला पलट लें।
  4. रोज़ 3 माला (324 जप) करें। 40 दिनों में यह पारंपरिक 9,000 की संख्या पूरी करता है।
  5. रोज़ एक ही समय और स्थान रखें। जप छूट जाए तो क्या करें, इस पर परंपराएँ अलग हैं, इसलिए अपने गुरु या परिवार की रीति का पालन करें।

नवग्रह स्तोत्र से बुध का पौराणिक मंत्र

परंपरा से व्यास की रचना माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र में हर ग्रह के लिए एक श्लोक है। बुध का श्लोक यह है, जो बीज मंत्र के बाद या उसकी जगह पढ़ा जाता है।

प्रियङ्गुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम् ।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम् ॥

Priyangukalikashyamam Rupenapratimam Budham
Saumyam Saumyagunopetam Tam Budham Pranamamyaham

श्लोक का भाव: प्रियंगु की कली जैसे श्यामवर्ण, रूप में अनुपम, सौम्य और सौम्य गुणों से भरे बुध को मैं प्रणाम करता हूँ।

उदयपुर में आज बुध होरा का समय

उदयपुर में इस वैदिक दिन की हर बुध होरा, सूर्योदय 6:30 AM से गिनी गई। होरा की सीमाएँ स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर चलती हैं, इसलिए हर शहर में अलग होती हैं; नीचे अपना शहर चुनें।

उदयपुर में आज बुध होरा का समय
अवधिसमयस्वभावपरंपरा में इसका अर्थ
बुध होरा7:29 AM - 8:27 AMशुभइसे आमतौर पर पढ़ाई, लेखन, अनुबंध, व्यापार से जोड़ा जाता है।
बुध होरा2:20 PM - 3:18 PMशुभइसे आमतौर पर पढ़ाई, लेखन, अनुबंध, व्यापार से जोड़ा जाता है।
बुध होरा9:19 PM - 10:20 PMशुभइसे आमतौर पर पढ़ाई, लेखन, अनुबंध, व्यापार से जोड़ा जाता है।
बुध होरा4:28 AM+1 दिन - 5:29 AM+1 दिनशुभइसे आमतौर पर पढ़ाई, लेखन, अनुबंध, व्यापार से जोड़ा जाता है।

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बुध मंत्र की जप संख्या: 9,000 क्यों

बुध बीज मंत्र की पारंपरिक जप संख्या 9,000 है, जो 40 दिन के एक मंडल में पूरी की जाती है। रोज़ के लिए जो संख्या मायने रखती है वह दैनिक जप है: 9,000 को 40 दिनों में बाँटकर 108 की पूरी मालाओं तक बढ़ाएँ तो रोज़ 3 माला — 324 जप — बनते हैं।

ये संख्याएँ परंपरा की रीति हैं, कोई सूत्र नहीं: ये विंशोत्तरी दशा के वर्षों से नहीं निकलतीं और अलग-अलग ग्रंथ अलग संख्याएँ देते हैं। 9,000 को प्रचलित संख्या मानें, एकमात्र नहीं। पूरा जप अधिक लगे तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।

बीज मंत्र के साथ बुध के लिए परंपरा से जोड़ा जाने वाला लंबा पाठ: बुध स्तोत्र।

बुध मंत्र: सामान्य प्रश्न

बुध मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

पारंपरिक संख्या 9,000 है, जो 40 दिनों में पूरी होती है — रोज़ 3 माला (324 जप)। इतना निभाना कठिन हो तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।

बुध मंत्र के लिए कौन-सा दिन श्रेष्ठ है?

बुधवार, जो बुध का दिन है। दिन में बुध होरा पारंपरिक समय है; उदयपुर की आज की होराएँ इसी पेज पर हैं।

क्या बुध मंत्र के लिए माला ज़रूरी है?

माला केवल गिनती रखती है। उँगलियों के पोरों पर या स्वर्ण सिद्धि ऐप के जप काउंटर से गिनने पर भी वही गिनती रहती है।

क्या कोई भी बुध बीज मंत्र जप सकता है?

नवग्रह बीज मंत्र खुले रूप से प्रकाशित हैं और प्रायः बिना दीक्षा के जपे जाते हैं, यद्यपि कुछ परंपराएँ इन्हें गुरु से लेना पसंद करती हैं। जप ध्यान और अनुशासन की साधना है, चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सहायता का विकल्प नहीं।

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