गुरु मंत्र: बीज मंत्र, जप संख्या और आज की गुरु होरा
गुरु (बृहस्पति) ज्ञान, शिक्षक, संतान, धर्म और समृद्धि के कारक हैं। उनका मंत्र प्रायः गुरुवार से आरंभ किया जाता है।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah
गांधीनगर में अभी गुरु होरा चल रही है, 12:27 AM - 1:28 AM।
गुरु मंत्र का जप कैसे करें
- गुरुवार से आरंभ करें, हो सके तो गुरु होरा में; आपके शहर की आज की होरा नीचे तालिका में है।
- आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें, 108 मनकों और एक बड़े सुमेरु वाली माला के साथ।
- हर मनके पर एक बार बीज मंत्र जपें। सुमेरु पर पहुँचकर उसे लाँघें नहीं, माला पलट लें।
- रोज़ 5 माला (540 जप) करें। 40 दिनों में यह पारंपरिक 19,000 की संख्या पूरी करता है।
- रोज़ एक ही समय और स्थान रखें। जप छूट जाए तो क्या करें, इस पर परंपराएँ अलग हैं, इसलिए अपने गुरु या परिवार की रीति का पालन करें।
नवग्रह स्तोत्र से गुरु का पौराणिक मंत्र
परंपरा से व्यास की रचना माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र में हर ग्रह के लिए एक श्लोक है। गुरु का श्लोक यह है, जो बीज मंत्र के बाद या उसकी जगह पढ़ा जाता है।
देवानां च ऋषीणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम् ।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम् ॥
Devanam Cha Rishinam Cha Gurum Kanchanasannibham
Buddhibhutam Trilokesham Tam Namami Brihaspatim
श्लोक का भाव: देवताओं और ऋषियों के गुरु, सोने जैसी आभा वाले, बुद्धि के साक्षात रूप, तीनों लोकों के स्वामी बृहस्पति को मैं नमन करता हूँ।
गांधीनगर में आज गुरु होरा का समय
गांधीनगर में इस वैदिक दिन की हर गुरु होरा, सूर्योदय 6:33 AM से गिनी गई। होरा की सीमाएँ स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर चलती हैं, इसलिए हर शहर में अलग होती हैं; नीचे अपना शहर चुनें।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| गुरु होरा | 10:29 AM - 11:28 AM | सर्वाधिक शुभ | इसे आमतौर पर शिक्षण, धन की योजना, आध्यात्मिक कार्य से जोड़ा जाता है। |
| गुरु होरा | 5:21 PM - 6:20 PM | सर्वाधिक शुभ | इसे आमतौर पर शिक्षण, धन की योजना, आध्यात्मिक कार्य से जोड़ा जाता है। |
| गुरु होरा | 12:27 AM - 1:28 AM | सर्वाधिक शुभ | इसे आमतौर पर शिक्षण, धन की योजना, आध्यात्मिक कार्य से जोड़ा जाता है। |
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गुरु मंत्र की जप संख्या: 19,000 क्यों
गुरु बीज मंत्र की पारंपरिक जप संख्या 19,000 है, जो 40 दिन के एक मंडल में पूरी की जाती है। रोज़ के लिए जो संख्या मायने रखती है वह दैनिक जप है: 19,000 को 40 दिनों में बाँटकर 108 की पूरी मालाओं तक बढ़ाएँ तो रोज़ 5 माला — 540 जप — बनते हैं।
ये संख्याएँ परंपरा की रीति हैं, कोई सूत्र नहीं: ये विंशोत्तरी दशा के वर्षों से नहीं निकलतीं और अलग-अलग ग्रंथ अलग संख्याएँ देते हैं। 19,000 को प्रचलित संख्या मानें, एकमात्र नहीं। पूरा जप अधिक लगे तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।
बीज मंत्र के साथ गुरु के लिए परंपरा से जोड़ा जाने वाला लंबा पाठ: विष्णु सहस्रनाम।
गुरु मंत्र: सामान्य प्रश्न
गुरु मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?
पारंपरिक संख्या 19,000 है, जो 40 दिनों में पूरी होती है — रोज़ 5 माला (540 जप)। इतना निभाना कठिन हो तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।
गुरु मंत्र के लिए कौन-सा दिन श्रेष्ठ है?
गुरुवार, जो गुरु का दिन है। दिन में गुरु होरा पारंपरिक समय है; गांधीनगर की आज की होराएँ इसी पेज पर हैं।
क्या गुरु मंत्र के लिए माला ज़रूरी है?
माला केवल गिनती रखती है। उँगलियों के पोरों पर या स्वर्ण सिद्धि ऐप के जप काउंटर से गिनने पर भी वही गिनती रहती है।
क्या कोई भी गुरु बीज मंत्र जप सकता है?
नवग्रह बीज मंत्र खुले रूप से प्रकाशित हैं और प्रायः बिना दीक्षा के जपे जाते हैं, यद्यपि कुछ परंपराएँ इन्हें गुरु से लेना पसंद करती हैं। जप ध्यान और अनुशासन की साधना है, चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सहायता का विकल्प नहीं।