केतु मंत्र: बीज मंत्र, जप संख्या और आज की मंगल होरा
केतु, चंद्रमा का दक्षिणी पात, वैराग्य, शोध, अध्यात्म और सीख देने वाली हानि का प्रतीक है। केतु की दशा में परंपरा से उसका मंत्र जपा जाता है।
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
Om Sraam Sreem Sraum Sah Ketave Namah
अमृतसर में अभी मंगल होरा चल रही है, 1:20 AM - 2:22 AM।
केतु किसी होरा के स्वामी नहीं हैं — होरा चक्र के सात ही स्वामी हैं — और परंपरा केतु को मंगल जैसा मानती है, इसलिए केतु मंत्र प्रायः मंगल होरा में जपा जाता है।
केतु मंत्र का जप कैसे करें
- मंगलवार से आरंभ करें, हो सके तो मंगल होरा में; आपके शहर की आज की होरा नीचे तालिका में है।
- आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें, 108 मनकों और एक बड़े सुमेरु वाली माला के साथ।
- हर मनके पर एक बार बीज मंत्र जपें। सुमेरु पर पहुँचकर उसे लाँघें नहीं, माला पलट लें।
- रोज़ 4 माला (432 जप) करें। 40 दिनों में यह पारंपरिक 17,000 की संख्या पूरी करता है।
- रोज़ एक ही समय और स्थान रखें। जप छूट जाए तो क्या करें, इस पर परंपराएँ अलग हैं, इसलिए अपने गुरु या परिवार की रीति का पालन करें।
नवग्रह स्तोत्र से केतु का पौराणिक मंत्र
परंपरा से व्यास की रचना माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र में हर ग्रह के लिए एक श्लोक है। केतु का श्लोक यह है, जो बीज मंत्र के बाद या उसकी जगह पढ़ा जाता है।
पलाशपुष्पसङ्काशं तारकाग्रहमस्तकम् ।
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम् ॥
Palashapushpasankasham Tarakagrahamastakam
Raudram Raudratmakam Ghoram Tam Ketum Pranamamyaham
श्लोक का भाव: पलाश के फूल जैसे लाल, तारों और ग्रहों में मस्तक रूप, रौद्र, उग्र स्वभाव वाले और भयंकर केतु को मैं प्रणाम करता हूँ।
केतु मंत्र के लिए अमृतसर में आज मंगल होरा का समय
अमृतसर में इस वैदिक दिन की हर मंगल होरा, सूर्योदय 6:29 AM से गिनी गई। होरा की सीमाएँ स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर चलती हैं, इसलिए हर शहर में अलग होती हैं; नीचे अपना शहर चुनें।
| अवधि | समय | स्वभाव | परंपरा में इसका अर्थ |
|---|---|---|---|
| मंगल होरा | 11:20 AM - 12:18 PM | तीव्र / क्रिया-प्रधान | इसे आमतौर पर व्यायाम, शारीरिक काम, निर्णायक कदम से जोड़ा जाता है। |
| मंगल होरा | 6:06 PM - 7:08 PM | तीव्र / क्रिया-प्रधान | इसे आमतौर पर व्यायाम, शारीरिक काम, निर्णायक कदम से जोड़ा जाता है। |
| मंगल होरा | 1:20 AM - 2:22 AM | तीव्र / क्रिया-प्रधान | इसे आमतौर पर व्यायाम, शारीरिक काम, निर्णायक कदम से जोड़ा जाता है। |
मंगल होरा का अर्थ और उपयोग · अमृतसर की सभी चौबीस होराएँ
सभी शहर दिखाएँ
केतु मंत्र की जप संख्या: 17,000 क्यों
केतु बीज मंत्र की पारंपरिक जप संख्या 17,000 है, जो 40 दिन के एक मंडल में पूरी की जाती है। रोज़ के लिए जो संख्या मायने रखती है वह दैनिक जप है: 17,000 को 40 दिनों में बाँटकर 108 की पूरी मालाओं तक बढ़ाएँ तो रोज़ 4 माला — 432 जप — बनते हैं।
ये संख्याएँ परंपरा की रीति हैं, कोई सूत्र नहीं: ये विंशोत्तरी दशा के वर्षों से नहीं निकलतीं और अलग-अलग ग्रंथ अलग संख्याएँ देते हैं। 17,000 को प्रचलित संख्या मानें, एकमात्र नहीं। पूरा जप अधिक लगे तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।
बीज मंत्र के साथ केतु के लिए परंपरा से जोड़ा जाने वाला लंबा पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष।
केतु मंत्र: सामान्य प्रश्न
केतु मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?
पारंपरिक संख्या 17,000 है, जो 40 दिनों में पूरी होती है — रोज़ 4 माला (432 जप)। इतना निभाना कठिन हो तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।
केतु मंत्र के लिए कौन-सा दिन श्रेष्ठ है?
मंगलवार। केतु की अपनी कोई होरा नहीं होती और उसे मंगल जैसा माना जाता है, इसलिए उस दिन मंगल होरा पारंपरिक समय है; अमृतसर की आज की होराएँ इसी पेज पर हैं।
क्या केतु मंत्र के लिए माला ज़रूरी है?
माला केवल गिनती रखती है। उँगलियों के पोरों पर या स्वर्ण सिद्धि ऐप के जप काउंटर से गिनने पर भी वही गिनती रहती है।
क्या कोई भी केतु बीज मंत्र जप सकता है?
नवग्रह बीज मंत्र खुले रूप से प्रकाशित हैं और प्रायः बिना दीक्षा के जपे जाते हैं, यद्यपि कुछ परंपराएँ इन्हें गुरु से लेना पसंद करती हैं। जप ध्यान और अनुशासन की साधना है, चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सहायता का विकल्प नहीं।