गणेश मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः, गणेश गायत्री और वक्रतुण्ड श्लोक
किसी भी पूजा, यात्रा, परीक्षा या नए काम से पहले विघ्नहर्ता गणेश का स्मरण सबसे पहले होता है। उसी आवाहन के तीन प्रमुख पाठ ये हैं।
ॐ गं गणपतये नमः: गणेश बीज मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
Om Gam Ganapataye Namah
स्रोत: गणपति अथर्वशीर्ष, श्लोक 7, जहाँ बीज अक्षर 'गं' की व्याख्या है।
अर्थ: "ॐ, गं — गणों के स्वामी गणपति को नमस्कार।" 'गं' गणेश का बीज अक्षर है।
कब जपा जाता है: कोई भी काम शुरू करने से पहले, और बुधवार व संकष्टी चतुर्थी को 108 बार।
गणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि ।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
Om Ekadantaya Vidmahe Vakratundaya Dhimahi
Tanno Dantih Prachodayat
स्रोत: गणपति अथर्वशीर्ष, श्लोक 8; ॐ जप में जोड़ा जाता है।
अर्थ: "हम एकदंत को जानें, वक्रतुंड का ध्यान करें; दंती (गणेश) हमें प्रेरित करें।"
कब जपा जाता है: दैनिक पूजा में, और गणपति अथर्वशीर्ष के पाठ के अंग के रूप में।
वक्रतुण्ड महाकाय: गणेश श्लोक
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
Vakratunda Mahakaya Suryakotisamaprabha
Nirvighnam Kuru Me Deva Sarvakaryeshu Sarvada
स्रोत: पारंपरिक मंगल श्लोक; इसका कोई शास्त्रीय स्रोत प्रमाणित नहीं हो सका।
अर्थ: "हे वक्रतुंड, विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव, मेरे सभी कार्य सदा निर्विघ्न करें।"
कब जपा जाता है: पढ़ाई, पूजा या नए काम की शुरुआत में बोला जाता है; बहुत से बच्चे सबसे पहले यही श्लोक सीखते हैं।
गणेश मंत्र का जप कैसे करें
- एक ही मंत्र पर टिके रहें; हर कुछ दिनों में मंत्र बदलना साधना छूटने का सबसे आम कारण है।
- रोज़ एक ही समय पर बैठें, हो सके तो स्नान के बाद, पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके।
- 108 मनकों की माला पर जपें — एक माला सामान्य माप है — और बड़े सुमेरु मनके पर माला को लाँघें नहीं, पलट लें।
- शब्द साफ़ बोलें, उसी गति से जो निभ सके; गति से अधिक ध्यान मायने रखता है।
- गणेश का पारंपरिक समय बुधवार है; रोज़ की साधना के लिए कोई भी दिन ठीक है।
मंत्र साधना भक्ति और चिंतन की परंपरा का हिस्सा है। यह चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सहायता का विकल्प नहीं है, और किसी मंत्र के साथ परिणाम का वादा नहीं जुड़ा है।
गणेश के 108 नाम
गणेश के 108 नामों की पारंपरिक सूची, हर नाम के लिप्यंतरण और अर्थ के साथ, उसी क्रम में जिसमें पाठ होता है।
गणेश मंत्र: सामान्य प्रश्न
गणेश की पूजा सबसे पहले क्यों होती है?
पौराणिक परंपरा में गणेश विघ्नहर्ता हैं, इसलिए हर अनुष्ठान में पहली पूजा उन्हीं की होती है, ताकि आगे का काम बिना बाधा के हो।
गणेश मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?
रोज़ 108 की एक माला सामान्य माप है। कुछ लोग बड़ा संकल्प लेते हैं, जैसे ग्यारह माला, या चालीस दिनों में पूरी होने वाली कोई संख्या; जहाँ अंतर हो, अपने गुरु या परिवार की रीति का पालन करें।