लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः और लक्ष्मी गायत्री
लक्ष्मी समृद्धि, कल्याण और सौभाग्य की देवी के रूप में पूजी जाती हैं। शुक्रवार उनका दिन है और दीपावली की रात उनका सबसे बड़ा पर्व।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः: लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
Om Shrim Mahalakshmyai Namah
स्रोत: महालक्ष्मी का पारंपरिक बीज मंत्र; यही शब्द लक्ष्मीनारायण संहिता में भी मिलते हैं।
अर्थ: "ॐ, श्रीं — महालक्ष्मी को नमस्कार।" 'श्रीं' लक्ष्मी का बीज अक्षर है; 'श्री' का अर्थ ही तेज, सौंदर्य और सौभाग्य है।
कब जपा जाता है: शुक्रवार को 108 बार, और दीपावली की रात लक्ष्मी पूजा में।
लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि ।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
Om Mahalakshmyai Cha Vidmahe Vishnupatnyai Cha Dhimahi
Tanno Lakshmih Prachodayat
स्रोत: लक्ष्मीनारायण संहिता (3.156.14) के शब्दों में लक्ष्मी गायत्री। एक प्राचीन उपनिषद-रूप 'महादेव्यै च विद्महे' से आरंभ होता है।
अर्थ: "हम महालक्ष्मी को जानें, विष्णु-पत्नी का ध्यान करें; लक्ष्मी हमें प्रेरित करें।"
कब जपा जाता है: दैनिक पूजा में, और धनतेरस व दीपावली पर।
लक्ष्मी मंत्र का जप कैसे करें
- एक ही मंत्र पर टिके रहें; हर कुछ दिनों में मंत्र बदलना साधना छूटने का सबसे आम कारण है।
- रोज़ एक ही समय पर बैठें, हो सके तो स्नान के बाद, पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके।
- 108 मनकों की माला पर जपें — एक माला सामान्य माप है — और बड़े सुमेरु मनके पर माला को लाँघें नहीं, पलट लें।
- शब्द साफ़ बोलें, उसी गति से जो निभ सके; गति से अधिक ध्यान मायने रखता है।
- लक्ष्मी का पारंपरिक समय शुक्रवार है; रोज़ की साधना के लिए कोई भी दिन ठीक है।
मंत्र साधना भक्ति और चिंतन की परंपरा का हिस्सा है। यह चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सहायता का विकल्प नहीं है, और किसी मंत्र के साथ परिणाम का वादा नहीं जुड़ा है।
लक्ष्मी के 108 नाम
लक्ष्मी के 108 नामों की पारंपरिक सूची, हर नाम के लिप्यंतरण और अर्थ के साथ, उसी क्रम में जिसमें पाठ होता है।
लक्ष्मी मंत्र: सामान्य प्रश्न
क्या लक्ष्मी मंत्र जपने से धन आता है?
किसी मंत्र के साथ धन या किसी और परिणाम की गारंटी नहीं जुड़ी है। परंपरा में लक्ष्मी सदाचार और परिश्रम के साथ आने वाली समृद्धि की प्रतीक हैं, और उनके मंत्र कृतज्ञता और स्थिरता की साधना हैं, कोई आर्थिक योजना नहीं।
लक्ष्मी मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?
रोज़ 108 की एक माला सामान्य माप है। कुछ लोग बड़ा संकल्प लेते हैं, जैसे ग्यारह माला, या चालीस दिनों में पूरी होने वाली कोई संख्या; जहाँ अंतर हो, अपने गुरु या परिवार की रीति का पालन करें।