सूर्य मंत्र: बीज मंत्र, जप संख्या और आज की सूर्य होरा

ज्योतिष में सूर्य आत्मबल, आत्मविश्वास, अधिकार और पिता के कारक हैं। उनका बीज मंत्र परंपरा से सूर्योदय के समय पूर्व की ओर मुख करके जपा जाता है।

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah

लखनऊ में अगली सूर्य होरा 1:57 AM पर शुरू होगी और 2:58 AM तक चलेगी।

जप संख्या40 दिनों में 7,000
रोज़ का जपरोज़ 2 माला (216 जप)
दिनरविवार
जप के लिए होरासूर्य होरा

सूर्य मंत्र का जप कैसे करें

  1. रविवार से आरंभ करें, हो सके तो सूर्य होरा में; आपके शहर की आज की होरा नीचे तालिका में है।
  2. आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें, 108 मनकों और एक बड़े सुमेरु वाली माला के साथ।
  3. हर मनके पर एक बार बीज मंत्र जपें। सुमेरु पर पहुँचकर उसे लाँघें नहीं, माला पलट लें।
  4. रोज़ 2 माला (216 जप) करें। 40 दिनों में यह पारंपरिक 7,000 की संख्या पूरी करता है।
  5. रोज़ एक ही समय और स्थान रखें। जप छूट जाए तो क्या करें, इस पर परंपराएँ अलग हैं, इसलिए अपने गुरु या परिवार की रीति का पालन करें।

नवग्रह स्तोत्र से सूर्य का पौराणिक मंत्र

परंपरा से व्यास की रचना माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र में हर ग्रह के लिए एक श्लोक है। सूर्य का श्लोक यह है, जो बीज मंत्र के बाद या उसकी जगह पढ़ा जाता है।

जपाकुसुमसङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।
तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ॥

Japakusumasankasham Kashyapeyam Mahadyutim
Tamorim Sarvapapaghnam Pranatosmi Divakaram

श्लोक का भाव: गुड़हल के फूल जैसे लाल, कश्यप के महातेजस्वी पुत्र, अंधकार के शत्रु और सब पापों को हरने वाले कहे गए दिवाकर सूर्य को मैं प्रणाम करता हूँ।

लखनऊ में आज सूर्य होरा का समय

लखनऊ में इस वैदिक दिन की हर सूर्य होरा, सूर्योदय 6:02 AM से गिनी गई। होरा की सीमाएँ स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर चलती हैं, इसलिए हर शहर में अलग होती हैं; नीचे अपना शहर चुनें।

लखनऊ में आज सूर्य होरा का समय
अवधिसमयस्वभावपरंपरा में इसका अर्थ
सूर्य होरा11:53 AM - 12:52 PMसामान्यइसे आमतौर पर अधिकार, पहचान, सरकारी काम से जोड़ा जाता है।
सूर्य होरा6:46 PM - 7:48 PMसामान्यइसे आमतौर पर अधिकार, पहचान, सरकारी काम से जोड़ा जाता है।
सूर्य होरा1:57 AM+1 दिन - 2:58 AM+1 दिनसामान्यइसे आमतौर पर अधिकार, पहचान, सरकारी काम से जोड़ा जाता है।

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सूर्य मंत्र की जप संख्या: 7,000 क्यों

सूर्य बीज मंत्र की पारंपरिक जप संख्या 7,000 है, जो 40 दिन के एक मंडल में पूरी की जाती है। रोज़ के लिए जो संख्या मायने रखती है वह दैनिक जप है: 7,000 को 40 दिनों में बाँटकर 108 की पूरी मालाओं तक बढ़ाएँ तो रोज़ 2 माला — 216 जप — बनते हैं।

ये संख्याएँ परंपरा की रीति हैं, कोई सूत्र नहीं: ये विंशोत्तरी दशा के वर्षों से नहीं निकलतीं और अलग-अलग ग्रंथ अलग संख्याएँ देते हैं। 7,000 को प्रचलित संख्या मानें, एकमात्र नहीं। पूरा जप अधिक लगे तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।

बीज मंत्र के साथ सूर्य के लिए परंपरा से जोड़ा जाने वाला लंबा पाठ: आदित्य हृदय स्तोत्र।

सूर्य मंत्र: सामान्य प्रश्न

सूर्य मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

पारंपरिक संख्या 7,000 है, जो 40 दिनों में पूरी होती है — रोज़ 2 माला (216 जप)। इतना निभाना कठिन हो तो रोज़ एक माला नियम से करना सामान्य शुरुआत है।

सूर्य मंत्र के लिए कौन-सा दिन श्रेष्ठ है?

रविवार, जो सूर्य का दिन है। दिन में सूर्य होरा पारंपरिक समय है; लखनऊ की आज की होराएँ इसी पेज पर हैं।

क्या सूर्य मंत्र के लिए माला ज़रूरी है?

माला केवल गिनती रखती है। उँगलियों के पोरों पर या स्वर्ण सिद्धि ऐप के जप काउंटर से गिनने पर भी वही गिनती रहती है।

क्या कोई भी सूर्य बीज मंत्र जप सकता है?

नवग्रह बीज मंत्र खुले रूप से प्रकाशित हैं और प्रायः बिना दीक्षा के जपे जाते हैं, यद्यपि कुछ परंपराएँ इन्हें गुरु से लेना पसंद करती हैं। जप ध्यान और अनुशासन की साधना है, चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सहायता का विकल्प नहीं।

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