अप्रैल 2026 में नामकरण मुहूर्त

अप्रैल 2026 में नामकरण के 16 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 2, 3, 6, 10, 12, 13, 15, 17, 19, 20, 23, 24, 27, 29 और 30 अप्रैल। पहला मुहूर्त बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को 05:25 – 05:24 (2 अप्रैल) है।

  • दोहा के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।

अप्रैल 2026 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
बुधवार, 1 अप्रैल 202605:25 – 05:24 (2 अप्रैल)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तपूर्णिमा (1 अप्रैल, 04:36 – 2 अप्रैल, 05:11)
कृष्ण प्रतिपदा (2 अप्रैल, 05:11 – 3 अप्रैल, 06:12)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 2 अप्रैल 202605:24 – 05:23 (3 अप्रैल)हस्त, चित्राकृष्ण प्रतिपदा (2 अप्रैल, 05:11 – 3 अप्रैल, 06:12)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 3 अप्रैल 202605:23 – 05:22 (4 अप्रैल)चित्रा, स्वातिकृष्ण प्रतिपदा (2 अप्रैल, 05:11 – 3 अप्रैल, 06:12)
कृष्ण द्वितीया (3 अप्रैल, 06:12 – 4 अप्रैल, 07:39)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
सोमवार, 6 अप्रैल 202611:41 – 00:26 (7 अप्रैल)अनुराधाकृष्ण पंचमी (6 अप्रैल, 11:41 – 7 अप्रैल, 14:05)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
शुक्रवार, 10 अप्रैल 202608:58 – 20:46उत्तराषाढ़ाकृष्ण अष्टमी (9 अप्रैल, 18:50 – 10 अप्रैल, 20:46)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 12 अप्रैल 202605:14 – 12:44श्रवणकृष्ण दशमी (11 अप्रैल, 22:08 – 12 अप्रैल, 22:47)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 13 अप्रैल 202613:33 – 05:12 (14 अप्रैल)शतभिषाकृष्ण एकादशी (12 अप्रैल, 22:47 – 13 अप्रैल, 22:39)
कृष्ण द्वादशी (13 अप्रैल, 22:39 – 14 अप्रैल, 21:42)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 15 अप्रैल 202612:52 – 20:01उत्तर भाद्रपदाकृष्ण त्रयोदशी (14 अप्रैल, 21:42 – 15 अप्रैल, 20:01)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
शुक्रवार, 17 अप्रैल 202614:51 – 05:08 (18 अप्रैल)अश्विनीशुक्ल प्रतिपदा (17 अप्रैल, 14:51 – 18 अप्रैल, 11:41)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 19 अप्रैल 202602:05 – 04:58 (20 अप्रैल)रोहिणीशुक्ल तृतीया (क्षय) (19 अप्रैल, 08:19 – 20 अप्रैल, 04:58)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 20 अप्रैल 202601:45 – 05:05 (21 अप्रैल)मृगशिराशुक्ल पंचमी (21 अप्रैल, 01:45 – 21 अप्रैल, 22:50)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
गुरुवार, 23 अप्रैल 202618:27 – 05:03 (24 अप्रैल)पुष्यशुक्ल अष्टमी (23 अप्रैल, 18:19 – 24 अप्रैल, 16:52)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 24 अप्रैल 202605:03 – 16:52पुष्यशुक्ल अष्टमी (23 अप्रैल, 18:19 – 24 अप्रैल, 16:52)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
सोमवार, 27 अप्रैल 202618:48 – 05:00 (28 अप्रैल)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल द्वादशी (27 अप्रैल, 15:46 – 28 अप्रैल, 16:22)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 29 अप्रैल 202604:59 – 17:22हस्तशुक्ल त्रयोदशी (28 अप्रैल, 16:22 – 29 अप्रैल, 17:22)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 30 अप्रैल 202618:43 – 04:57 (1 मई)चित्रा, स्वातिपूर्णिमा (30 अप्रैल, 18:43 – 1 मई, 20:23)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार

नामकरण मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 16 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
  • नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, दोहा के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।

नामकरण मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या अप्रैल 2026 में नामकरण मुहूर्त है?

हाँ, 16 दिन: 1, 2, 3, 6, 10, 12, 13, 15, 17, 19, 20, 23, 24, 27, 29 और 30 अप्रैल।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

05:25 – 05:24 (2 अप्रैल) — दोहा के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।

अप्रैल 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?

शुक्रवार, 1 मई 2026 को।