मार्च 2026 में नामकरण मुहूर्त

मार्च 2026 में नामकरण के 14 शुभ मुहूर्त हैं: 4, 5, 6, 8, 9, 13, 15, 16, 18, 19, 20, 23, 25 और 27 मार्च। पहला मुहूर्त बुधवार, 4 मार्च 2026 को 05:54 – 05:53 (5 मार्च) है।

  • दोहा के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।

मार्च 2026 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
बुधवार, 4 मार्च 202605:54 – 05:53 (5 मार्च)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण प्रतिपदा (3 मार्च, 14:37 – 4 मार्च, 14:19)
कृष्ण द्वितीया (4 मार्च, 14:19 – 5 मार्च, 14:34)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 5 मार्च 202605:53 – 05:52 (6 मार्च)हस्तकृष्ण द्वितीया (4 मार्च, 14:19 – 5 मार्च, 14:34)
कृष्ण तृतीया (5 मार्च, 14:34 – 6 मार्च, 15:23)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 6 मार्च 202605:52 – 15:23हस्त, चित्राकृष्ण तृतीया (5 मार्च, 14:34 – 6 मार्च, 15:23)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 8 मार्च 202605:50 – 11:01स्वातिकृष्ण पंचमी (7 मार्च, 16:47 – 8 मार्च, 18:41)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 9 मार्च 202613:41 – 05:48 (10 मार्च)अनुराधाकृष्ण षष्ठी (8 मार्च, 18:41 – 9 मार्च, 20:57)
कृष्ण सप्तमी (9 मार्च, 20:57 – 10 मार्च, 23:24)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
शुक्रवार, 13 मार्च 202600:33 – 05:44 (14 मार्च)उत्तराषाढ़ाकृष्ण दशमी (13 मार्च, 03:59 – 14 मार्च, 05:41)
कृष्ण एकादशी (14 मार्च, 05:41 – 15 मार्च, 06:47)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 15 मार्च 202605:43 – 03:26 (16 मार्च)श्रवणकृष्ण एकादशी (14 मार्च, 05:41 – 15 मार्च, 06:47)
कृष्ण द्वादशी (15 मार्च, 06:47 – 16 मार्च, 07:11)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 16 मार्च 202603:52 – 05:41 (17 मार्च)शतभिषाकृष्ण त्रयोदशी (16 मार्च, 07:11 – 17 मार्च, 06:53)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 18 मार्च 202604:23 – 05:38 (19 मार्च)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल प्रतिपदा (19 मार्च, 04:23 – 20 मार्च, 02:22)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 19 मार्च 202605:38 – 05:37 (20 मार्च)उत्तर भाद्रपदा, रेवतीशुक्ल प्रतिपदा (19 मार्च, 04:23 – 20 मार्च, 02:22)
शुक्ल द्वितीया (20 मार्च, 02:22 – 21 मार्च, 00:01)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 20 मार्च 202605:37 – 05:36 (21 मार्च)रेवती, अश्विनीशुक्ल द्वितीया (20 मार्च, 02:22 – 21 मार्च, 00:01)
शुक्ल तृतीया (21 मार्च, 00:01 – 21 मार्च, 21:26)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
सोमवार, 23 मार्च 202618:19 – 05:33 (24 मार्च)रोहिणीशुक्ल षष्ठी (23 मार्च, 16:08 – 24 मार्च, 13:38)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 25 मार्च 202605:32 – 15:03मृगशिराशुक्ल सप्तमी (24 मार्च, 13:38 – 25 मार्च, 11:20)
शुक्ल अष्टमी (25 मार्च, 11:20 – 26 मार्च, 09:19)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
शुक्रवार, 27 मार्च 202612:54 – 05:29 (28 मार्च)पुष्यशुक्ल दशमी (27 मार्च, 07:37 – 28 मार्च, 06:16)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार

नामकरण मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 16 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
  • नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, दोहा के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।

नामकरण मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या मार्च 2026 में नामकरण मुहूर्त है?

हाँ, 14 दिन: 4, 5, 6, 8, 9, 13, 15, 16, 18, 19, 20, 23, 25 और 27 मार्च।

बुधवार, 4 मार्च 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

05:54 – 05:53 (5 मार्च) — दोहा के समय अनुसार, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में।

मार्च 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?

बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को।