मुहूर्त कैलेंडर · कुआलालंपुर
जून 2026 में नामकरण मुहूर्त
जून 2026 में नामकरण के 6 शुभ मुहूर्त हैं: 17, 21, 22, 24, 25 और 26 जून। पहला मुहूर्त बुधवार, 17 जून 2026 को 16:07 – 00:09 (18 जून) है।
- कुआलालंपुर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
जून 2026 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय
| तारीख | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि | क्यों शुभ है |
|---|---|---|---|---|
| बुधवार, 17 जून 2026 | 16:07 – 00:09 (18 जून) | पुष्य | शुक्ल तृतीया (17 जून, 03:22 – 18 जून, 00:09) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| रविवार, 21 जून 2026 | 12:01 – 07:05 (22 जून) | उत्तरा फाल्गुनी | शुक्ल सप्तमी (20 जून, 18:17 – 21 जून, 17:51) शुक्ल अष्टमी (21 जून, 17:51 – 22 जून, 18:10) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार |
| सोमवार, 22 जून 2026 | 07:05 – 18:10 | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त | शुक्ल अष्टमी (21 जून, 17:51 – 22 जून, 18:10) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार |
| बुधवार, 24 जून 2026 | 07:06 – 07:06 (25 जून) | चित्रा, स्वाति | शुक्ल दशमी (23 जून, 19:10 – 24 जून, 20:42) शुक्ल एकादशी (24 जून, 20:42 – 25 जून, 22:39) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार |
| गुरुवार, 25 जून 2026 | 07:06 – 18:59 | स्वाति | शुक्ल एकादशी (24 जून, 20:42 – 25 जून, 22:39) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार |
| शुक्रवार, 26 जून 2026 | 21:46 – 07:07 (27 जून) | अनुराधा | शुक्ल द्वादशी (25 जून, 22:39 – 27 जून, 00:52) शुक्ल त्रयोदशी (27 जून, 00:52 – 28 जून, 03:13) | नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार |
जून 2026 में वर्जित अवधि
- अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है
नामकरण मुहूर्त के नियम
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, कुआलालंपुर के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2026
दूसरे शहर का मुहूर्त
दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।
ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।
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सामान्य प्रश्न
क्या जून 2026 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 6 दिन: 17, 21, 22, 24, 25 और 26 जून।
बुधवार, 17 जून 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
16:07 – 00:09 (18 जून) — कुआलालंपुर के समय अनुसार, पुष्य नक्षत्र में।
जून 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
बुधवार, 1 जुलाई 2026 को।